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Bareilly News: मेनहोल के ढक्कन को मेज बनाया, जमीन पर बैठकर भरे महिलाओं ने फाॅर्म

Wed, 28 Feb 2024 03:16 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 28 Feb 2024 03:16 AM IST
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Manhole lid turned into a table, women filled the forms sitting on the ground
बरेली। जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) के दफ्तर में सिर्फ अफसरों व कर्मचारियों के लिए कुर्सी-मेज का इंतजाम है। आने-जाने वालों के लिए न कुर्सी है, न मेज। महिलाएं मंगलवार को दोपहर मेनहोल के ढक्कन को मेज बनाकर फाॅर्म भरतीं नजर आईं।
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प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना और शहरी क्षेत्र के लिए राष्ट्रीय आजीविका मिशन का संचालन डूडा कार्यालय से होता है। बड़ी संख्या में लोगों का आना-जाना रहता है, लेकिन दफ्तर के कई हिस्सों की हालत खस्ता है। अमर उजाला टीम ने मंगलवार को दफ्तर का मौका मुआयना किया। इस दौरान आगंतुकों के बैठने की अव्यवस्था खासतौर पर दिखी। अभिकरण के एपीओ राकेश कुमार से पूछा तो बोले कि कक्ष संख्या तीन में बैठने के लिए कुर्सियां हैं, लेकिन देखा तो सिर्फ दो ही कुर्सियां आगंतुकों के लिए थीं। महिलाएं इससे अधिक थीं। पूरे परिसर में एक भी बेंच नहीं थी।
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वहां मौजूद महिलाएं बोलीं- आप ही देखिए क्या हालत है इस दफ्तर की? छत चटक रही है। दीवारों पर सीलन है। परिसर में एक ओर मलबे का ढेर है। कूड़ा जलाया गया है। यह तब है जब नगर निगम स्वच्छता का डंका बजा रहा है। अगर कोई थक जाए तो कहां बैठे? शहरी क्षेत्र में 2000 से अधिक स्वयं सहायता समूह हैं और 20,000 से अधिक महिलाएं इन समूहों की सदस्य हैं। इन महिलाओं का विभिन्न कार्यों को लेकर डूडा दफ्तर तक अलग-अलग दिनों में आना-जाना रहता है। एपीओ ने कहा कि जल्द कुर्सियों का इंतजाम कराएंगे।
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डीएम, एडीएम से लेकर नगर आयुक्त, अपर नगर आयुक्त तक अलग-अलग समय में इस कार्यालय का निरीक्षण कर चुके हैं, लेकिन कुर्सियां नहीं आईं। अव्यवस्था भी दूर नहीं हुई। एपीओ ने कहा कि यह भवन नगर निगम का है। यहां निगम ही कुछ करा सकता है।



बैठने का इंतजाम न होने से जमीन पर बैठना पड़ा। कपड़े गंदे तो हुए लेकिन क्या करें, फाॅर्म भरना के लिए बैठने की मजबूरी भी थी। -किरन, जगतपुर
अगर बैठने के लिए मेज-कुर्सी होती तो हमें जमीन पर बैठकर फाॅर्म न भरना पड़ता। न ही कपड़े खराब होते। - गंंगोत्री, दुर्गानगर
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