'खूनी पेड़' से टकराया ट्रक: आग लगने से जिंदा जला हेल्पर, आठ घंटे बाद निकाला जा सका शव
बरेली-पीलीभीत हाईवे पर दर्दनाक हादसा हुआ है। धौरेरा गांव के पास सीमेंट से भरा ट्रक पेड़ से टकरा गया, जिससे उसमें आग लग गई। हादसे में ट्रक के हेल्पर की जलकर मौत हो गई। उसका शव आठ घंटे बाद निकाला जा सका। बताया गया है कि जिस पेड़ से ट्रक टकराया, उससे पहले भी कई वाहन टकरा चुके हैं। जिससे स्थानीय लोग इसे खूनी पेड़ कहते थे।
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बरेली के नवाबगंज थाना क्षेत्र में पीलीभीत हाईवे पर मंगलवार तड़के सीमेंट से भरा ट्रक अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गया। इससे ट्रक में आग लग गई। हादसे में शाहजहांपुर निवासी हेल्पर सौरभ ट्रक के केबिन में फंस गया और उसकी जिंदा जलकर मौत हो गई। आठ घंटे की मशक्कत के बाद उसका शव निकाला जा सका।
शाहजहांपुर के थाना निगोही क्षेत्र के दादरा गांव निवासी सौरभ (21) पुत्र राजेश कुमार बरेली की एक ट्रांसपोर्ट कंपनी में ट्रक पर हेल्पर था। मंगलवार सुबह वह ट्रक लेकर पीलीभीत के बीसलपुर निवासी ड्राइवर मोनू के साथ निकला। ट्रक सीमेंट भरकर पूरनपुर जा रहा था। सुबह पांच बजे ट्रक जैसे ही बरेली-पीलीभीत हाईवे पर धौरेरा गांव के पास पहुंचा, वह अनियंत्रित हो गया। लहराता हुआ ट्रक सड़क किनारे खड़े जामुन के पेड़ से टकरा गया। टकराते ही ट्रक में आग लग गई।
आग लगी देखकर ड्राइवर कूदकर फरार हो गया लेकिन सौरभ ट्रक की बॉडी और सीट के बीच में फंस गया। इससे वह बाहर नहीं निकल सका। ट्रक में लगी आग से सौरभ की जिंदा जलकर मौत हो गई। आग की लपटें देखकर राहगीर और किसान रुक गए। सूचना मिलते ही ग्रामीणों और फायरबिग्रेड कर्मियों ने किसी तरह आग पर काबू पा लिया।
आठ घंटे बाद निकाला केबिन में फंसा शव
सुबह टहलने निकले ग्रामीणों ने हादसे को करीब से देखा। उन्होंने बताया कि ऐसा लगा शायद ड्राइवर को झपकी आ गई और ट्रक सड़क से अलग हटकर अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गया। सूचना के बाद पहुंची पुलिस शव निकालने में असफल रही। करीब आठ घंटे बाद पुलिस ने ट्रक की बॉडी को क्रेन से तुड़वाकर केबिन से अधजले शव को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पेड़ हाईवे पर गिरने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। पुलिस ने जाम खुलवाकर आवागमन शुरू कराया।
घर का कमाऊ बेटा था सौरभ
घटना की जानकारी मिलते ही शाहजहांपुर से सौरभ के दादा श्यामपाल, भाई अमित घटनास्थल पर पहुंच गए। श्यामपाल ने घटना की तहरीर थाना नवाबगंज में देकर कार्रवाई की मांग की। सौरभ की मां ओमवती का रो रोकर बुरा हाल था। उन्होंने बताया कि सौरभ पांच भाई बहनों में सबसे बड़ा था और उसकी कमाई से घर का खर्च चलता था। ट्रक पर हेल्पर होने की वजह से वह अक्सर कई महीने तक बाहर रहता था।
कई मौत हो चुकीं, जला तो कटवा दिया खूनी पेड़
जिस पेड़ से टकराकर ट्रक में आग लगी, उस पेड़ से पहले भी कई बार वाहन टकरा चुके हैं, जिससे कई लोगों की मौत हो चुकी है। ग्रामीण इस पेड़ को खूनी पेड़ के नाम से पुकारते हैं। मंगलवार को जब घटना हुई तो ट्रक से उठती लपटों से पेड़ भी काफी हद तक जल गया। उसके सड़क पर गिरने से हादसे का खतरा था। तब उस पेड़ को कटवा दिया गया। पेड़ कटने के बाद लोग कहते नजर आए कि शायद अब कोई घटना न हो।