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UP: इस जिले में बेकाबू हो सकता है मलेरिया... सरकारी दावों का दम घोंट रहे मच्छर; अतिसंवेदनशील हैं ये गांव

Thu, 25 Apr 2024 01:38 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली Published by: मुकेश कुमार Updated Thu, 25 Apr 2024 01:38 PM IST
सार

बरेली जिले में इस साल अब तक मलेरिया के 24 मरीज मिल चुके हैं। सभी विवैक्स की चपेट में हैं। वहीं विशेष संचारी रोग नियंत्रण और दस्तक अभियान के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है।

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malaria can go out of control in Bareilly due to negligence of health department
malaria (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : istock

विस्तार

बरेली में पांच वर्ष पहले महामारी बने मलेरिया से भले ही राहत मिली हो, लेकिन मच्छरों का डंक थमा नहीं है। बीते वर्ष मच्छरों के आतंक से बरेली अतिसंवेदनशील जिलों की सूची में शामिल रहा। इस साल संचारी रोग नियंत्रण मुहिम की रैंकिंग (सूबे में 60वीं) अफसरों के दावों पर प्रश्नचिह्न लगा रही है।

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स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जनवरी से अब तक मलेरिया के 24 मरीज मिल चुके हैं। सभी विवैक्स की चपेट में हैं। बीते रविवार को आरोग्य मेले में भी बुखार के मरीजों की जांच में तीन लोग मलेरिया की चपेट में मिले थे। 
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इधर, विशेष संचारी रोग नियंत्रण और दस्तक अभियान के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है। बीते साल जिले में कोई इलाका क्लस्टर में तब्दील नहीं हुआ। नतीजा, नियंत्रण में लगीं टीमें प्रभावी कार्रवाई नहीं कर सकीं। ऐसे में इस बार मलेरिया फिर बेकाबू हो सकता है।

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पांच ब्लॉकों के ये गांव हैं अतिसंवेदनशील
फतेहगंज पश्चिमी : गुहाना, काशीपुर, मंसूरगंज, परतापुर, विक्रमपुर, अक्शोर, बफरी, अब्दुलनवी, बकैनिया, चंपतपुर। 
मझगंवा : बेहटा बुजुर्ग, इस्माइलपुर, नौहार हसन, निसोई, मझगवां, नूरपुर बुजुर्ग, फुलासी राधेनगर।
शेरगढ़ : संग्रामपुर, हल्दीकला, पाल्था, सहोड़ा, सिहोर, धनेली, औरंगाबाद, दोद, आलमपुर।
भमोरा : कीरतपुर, दलीपुर, खुली ताहरपुर, मोतीपुर, पडुआ, देवपुर, कल्लिया, भमोरा, बारथाना, बिलौरी।
मीरगंज : गुलड़िया, जुनैर, नरेली, ठिरिया कल्याणपुर, वंशीपुर, थानपुर, नरखेड़ा, सिंधौली।

अतिसंवेदनशील गांवों में गतिविधियां शुरू
जिले के पांच ब्लॉकों के 42 गांव में एनुअल पैरासाइट रेट एक से ज्यादा मिला है। इन गांवों को अतिसंवेदनशील मानकर पंचायती राज विभाग ने एंटी लार्वा स्प्रे, फॉगिंग, सोर्स रिडक्शन की कार्रवाई शुरू कर दी है। सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह ने बताया कि बीते वर्ष सर्वाधिक प्रभावित इलाकों की सूची तैयार हो गई है। स्वास्थ्य विभाग समेत अन्य टीमों ने वहां पर अपनी गतिविधियां शुरू कर दी हैं। लोगों को जागरूक किया जा रहा है।

बीते वर्ष 543 गांव तक पहुंचा था मलेरिया
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2021 में मलेरिया के 2,362 मरीज मिले थे। इसमें 473 फेल्सीपेरम के केस थे। 496 गांव प्रभावित हुए थे। वर्ष 2022 में 1,806 मरीज मिले थे। इसमें 308 फेल्सीपेरम के केस थे। 258 गांव चपेट में थे। वर्ष 2023 में करीब 3,500 मलेरिया के मरीज मिले। इसमें 328 फेल्सीपेरम के केस रहे। 543 गांवों तक मलेरिया का हमला रहा।

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