{"_id":"60b9153a5f0cda71e75ed64a","slug":"mahakal-temple-reached-after-prostrating-devesh-took-36-hours-to-cover-a-distance-of-nine-km","type":"story","status":"publish","title_hn":"आस्था : साष्टांग दंडवत होकर पहुंचा महाकाल मंदिर, नौ किमी की दूरी तय करने में देवेश को लगे 36 घंटे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आस्था : साष्टांग दंडवत होकर पहुंचा महाकाल मंदिर, नौ किमी की दूरी तय करने में देवेश को लगे 36 घंटे
Thu, 03 Jun 2021 11:47 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, शाहजहांपुर
अमर उजाला नेटवर्क, शाहजहांपुर
Published by: शाहरुख खान
Updated Thu, 03 Jun 2021 11:47 PM IST
सार
गांव डूंडा निवासी देवेश कुमार शुक्ला एक जून की सुबह आठ बजे घर से निकले थे। साष्टांग दंडवत होकर वह दोपहर दो बजे गांव इटौली पहुंचे। यहां तीन घंटे आराम करने के बाद पांच बजे फिर निकले।
विज्ञापन
साष्टांग दंडवत होकर पहुंचा महाकाल मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
शाहजहांपुर जिले के पुवायां में साष्टांग दंडवत होकर एक व्यक्ति नौ किलोमीटर की दूरी 36 घंटे में तय कर महाकाल मंदिर पहुंचा और पूजा अर्चना की। देवेश कुमार का कहना है कि साष्टांग दंडवत होकर मंदिर में पूजा अर्चना करने के पीछे कोई मनौती नहीं थी।
उनके मन में विचार आया और उन्होंने उसे पूरा किया है। इससे मन को संतुष्टि मिली है। गांव डूंडा निवासी देवेश कुमार शुक्ला एक जून की सुबह आठ बजे घर से निकले थे। साष्टांग दंडवत होकर वह दोपहर दो बजे गांव इटौली पहुंचे। यहां तीन घंटे आराम करने के बाद पांच बजे फिर निकले।
रात साढ़े आठ बजे सतवां चौराहे के पास पंप पर पहुंचे। रात यहां रुकने के बाद दो जून को सुबह छह बजे निकले। इसके बाद शाम को छह बजे पुवायां के मोहल्ला गढ़ी स्थित महाकाल के मंदिर पहुंचे।
विज्ञापन
यहां मंदिर के पुजारी और ग्रामीणों ने माला पहनाकर स्वागत किया। यहां मत्था टेकने के बाद देवेश रात में नौ बजे कस्बे के ही मोहल्ला कसभरा अस्तल में राधा कृष्ण के मंदिर पहुंचे। यहां पूजा करने के बाद घर चले गए।
विज्ञापन
उनके मन में विचार आया और उन्होंने उसे पूरा किया है। इससे मन को संतुष्टि मिली है। गांव डूंडा निवासी देवेश कुमार शुक्ला एक जून की सुबह आठ बजे घर से निकले थे। साष्टांग दंडवत होकर वह दोपहर दो बजे गांव इटौली पहुंचे। यहां तीन घंटे आराम करने के बाद पांच बजे फिर निकले।
विज्ञापन
रात साढ़े आठ बजे सतवां चौराहे के पास पंप पर पहुंचे। रात यहां रुकने के बाद दो जून को सुबह छह बजे निकले। इसके बाद शाम को छह बजे पुवायां के मोहल्ला गढ़ी स्थित महाकाल के मंदिर पहुंचे।
विज्ञापन
यहां मंदिर के पुजारी और ग्रामीणों ने माला पहनाकर स्वागत किया। यहां मत्था टेकने के बाद देवेश रात में नौ बजे कस्बे के ही मोहल्ला कसभरा अस्तल में राधा कृष्ण के मंदिर पहुंचे। यहां पूजा करने के बाद घर चले गए।