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महायोजना 2031 : साठ दिन, 700 आपत्तियां, सुझाव आए
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बरेली। महायोजना 2031 के प्रस्तावित ड्राफ्ट पर अब तक करीब सात सौ आपत्तियां और सुझाव आए हैं। इनमें करीब नब्बे फीसदी सुझाव कृषि भूमि के श्रेणी परिवर्तन के हैं। इनमें कृषि भूमि को आवासीय और व्यवसायिक श्रेणी में बदलाव का आग्रह किया गया है। ड्राफ्ट पर सुझाव देने की आखिरी तारीख सात अप्रैल थी लेकिन अब शासन ने इसे बढ़ाकर 14 अप्रैल कर दिया है।
सात जनवरी को मंडलायुक्त सभागार में महायोजना 2031 का ड्राफ्ट रखा गया था। इसमें हाईवे से सौ मीटर दूरी तक ग्रीन बेल्ट को घटाकर तीस मीटर करने, निर्मित क्षेत्र में 15 मीटर की गहराई तक बाजार स्ट्रीट भू-उपयोग व निर्मित क्षेत्र के बाहर 18 मीटर से अधिक चौड़ी सड़कों पर भी बाजार स्ट्रीट भू-उपयोग तैयार करने का प्रावधान बीडीए ने किया था। इसके अलावा नए औद्योगिक क्षेत्र और ट्रांसपोर्ट नगर भी प्रस्तावित किए गए। इसके अलावा बीसलपुर रोड से नकटिया तक रोड को बनाने का सुझाव दिया था।
इस ड्राफ्ट पर सात मार्च तक आपत्ति और सुझाव आमंत्रित किए गए। बाद में शासन ने इसका समय एक महीना और बढ़ाकर सात अप्रैल तक कर दिया। अब एक बार फिर इसक ा समय बढ़ाकर 14 अप्रैल कर दिया गया है। बीडीए उपाध्यक्ष जोगिंदर सिंह ने बताया कि अब जनप्रतिनिधि, आमजन, व्यापारिक संगठन व अन्य लोग 14 अप्रैल तक सुझाव-आपत्ति दे सकेंगे।
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इसलिए बदला जाए भू उपयोग... ये सुझाव देने वालों का कहना है कि उनकी भूमि कृषि, हरित पट्टी या पर्यावरण उपयोग में शामिल है। इसका भू उपयोग बदल दिया जाए ताकि वे यहां आवास बना सकें या व्यवसाय कर सके। इससे उनकी रोजी रोटी चलेगी। पाबंदियों की वजह से वह अपनी भूमि का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं।
व्यापार मंडल की मांग, ज्यादा से ज्यादा बाजार स्ट्रीट
प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष सतीश चंद्र अग्रवाल ने संजयनगर से श्मशान भूमि बैरियर नंबर दो को बाजार स्ट्रीट में शामिल करने की मांग की है। प्रेमनगर रेलवे क्रासिंग से डेलापीर तक, डेलापीर से सौ फुटा रोड, नॉवल्टी चौराहे से सर्किट हाउस तक, सेटेलाइट से नंबर टू बैरियर तक, गंगापुर चौराहे से मैकेनियर रोड, कुदेशिया फाटक से नैनीताल रोड, इज्जतनगर रेलवे स्टेशन रोड से मिनी बाईपास तक, चौकी चौराहा से कंपनी गार्डन तक, चौकी चौराहा से जंक्शन चौराहे तक, पटेल चौक से श्यामगंज चौराहे तक, डेलापीर से आईवीआरआई रोड और गंगापुर से श्यामगंज तक के हिस्से को बाजार स्ट्रीट में शामिल करने की मांग की गई है।
आईटीआर की पुरानी रेलवे लाइन
पर बने एक और मिनी बाईपास
सेंट्रल यूपी चैंबर्स ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री सोसायटी के सुझाव
चैंबर्स ऑफ कॉमर्स सोसायटी के अध्यक्ष राजेश गुप्ता के सुझाव में कहा गया कि एक छोटा ट्रांसपोर्ट नगर परसाखेड़ा के आसपास बनाया जाए तो ट्रांसपोर्ट और रेलवे साइडिंग पर यहां के गोदामों का माल आसानी से ढोया जा सकेगा। शहर में जाम भी कम होगा। इसके अलावा लोहिया विहार कालोनी में आगे कामर्शियल भूखंड हैं, पीछे की भूमि को आवासीय घोषित है। बाकी रोड के किनारे वर्षों से स्थापित व्यवसाय चलाने वालों को भी लोहिया विहार की तरह पीछे की जगहों को आवासीय घोषित करके सुविधा दी जाए। आईटीआर कंपनी की पुरानी रेलवे लाइन बंद पड़ी है। इस पर एक और मिनी बाईपास बनाने से रामपुर रोड और नैनीताल रोड को सुंदर बनाया जा सकता है। शहर के अंदर की सड़कें ग्रीन बेल्ट से पूरी तरह मुक्त हों। कंपाउंडिंग प्रक्रिया का सरलीकरण किया जाए।
आईआईए का सुझाव... दोहना रेलवे रोड पर हरित पट्टी दिखाई गई है जो संभव नहीं है। इस पर बीडीए को दोबारा विचार करना चाहिए। इसके अलावा आईआईए ने कुछ उद्यमियों के संस्थानों की समस्याओं का जिक्र करते हुए उसमें संशोधन की मांग की है।
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सात जनवरी को मंडलायुक्त सभागार में महायोजना 2031 का ड्राफ्ट रखा गया था। इसमें हाईवे से सौ मीटर दूरी तक ग्रीन बेल्ट को घटाकर तीस मीटर करने, निर्मित क्षेत्र में 15 मीटर की गहराई तक बाजार स्ट्रीट भू-उपयोग व निर्मित क्षेत्र के बाहर 18 मीटर से अधिक चौड़ी सड़कों पर भी बाजार स्ट्रीट भू-उपयोग तैयार करने का प्रावधान बीडीए ने किया था। इसके अलावा नए औद्योगिक क्षेत्र और ट्रांसपोर्ट नगर भी प्रस्तावित किए गए। इसके अलावा बीसलपुर रोड से नकटिया तक रोड को बनाने का सुझाव दिया था।
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इस ड्राफ्ट पर सात मार्च तक आपत्ति और सुझाव आमंत्रित किए गए। बाद में शासन ने इसका समय एक महीना और बढ़ाकर सात अप्रैल तक कर दिया। अब एक बार फिर इसक ा समय बढ़ाकर 14 अप्रैल कर दिया गया है। बीडीए उपाध्यक्ष जोगिंदर सिंह ने बताया कि अब जनप्रतिनिधि, आमजन, व्यापारिक संगठन व अन्य लोग 14 अप्रैल तक सुझाव-आपत्ति दे सकेंगे।
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इसलिए बदला जाए भू उपयोग... ये सुझाव देने वालों का कहना है कि उनकी भूमि कृषि, हरित पट्टी या पर्यावरण उपयोग में शामिल है। इसका भू उपयोग बदल दिया जाए ताकि वे यहां आवास बना सकें या व्यवसाय कर सके। इससे उनकी रोजी रोटी चलेगी। पाबंदियों की वजह से वह अपनी भूमि का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं।
व्यापार मंडल की मांग, ज्यादा से ज्यादा बाजार स्ट्रीट
प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष सतीश चंद्र अग्रवाल ने संजयनगर से श्मशान भूमि बैरियर नंबर दो को बाजार स्ट्रीट में शामिल करने की मांग की है। प्रेमनगर रेलवे क्रासिंग से डेलापीर तक, डेलापीर से सौ फुटा रोड, नॉवल्टी चौराहे से सर्किट हाउस तक, सेटेलाइट से नंबर टू बैरियर तक, गंगापुर चौराहे से मैकेनियर रोड, कुदेशिया फाटक से नैनीताल रोड, इज्जतनगर रेलवे स्टेशन रोड से मिनी बाईपास तक, चौकी चौराहा से कंपनी गार्डन तक, चौकी चौराहा से जंक्शन चौराहे तक, पटेल चौक से श्यामगंज चौराहे तक, डेलापीर से आईवीआरआई रोड और गंगापुर से श्यामगंज तक के हिस्से को बाजार स्ट्रीट में शामिल करने की मांग की गई है।
आईटीआर की पुरानी रेलवे लाइन
पर बने एक और मिनी बाईपास
सेंट्रल यूपी चैंबर्स ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री सोसायटी के सुझाव
चैंबर्स ऑफ कॉमर्स सोसायटी के अध्यक्ष राजेश गुप्ता के सुझाव में कहा गया कि एक छोटा ट्रांसपोर्ट नगर परसाखेड़ा के आसपास बनाया जाए तो ट्रांसपोर्ट और रेलवे साइडिंग पर यहां के गोदामों का माल आसानी से ढोया जा सकेगा। शहर में जाम भी कम होगा। इसके अलावा लोहिया विहार कालोनी में आगे कामर्शियल भूखंड हैं, पीछे की भूमि को आवासीय घोषित है। बाकी रोड के किनारे वर्षों से स्थापित व्यवसाय चलाने वालों को भी लोहिया विहार की तरह पीछे की जगहों को आवासीय घोषित करके सुविधा दी जाए। आईटीआर कंपनी की पुरानी रेलवे लाइन बंद पड़ी है। इस पर एक और मिनी बाईपास बनाने से रामपुर रोड और नैनीताल रोड को सुंदर बनाया जा सकता है। शहर के अंदर की सड़कें ग्रीन बेल्ट से पूरी तरह मुक्त हों। कंपाउंडिंग प्रक्रिया का सरलीकरण किया जाए।
आईआईए का सुझाव... दोहना रेलवे रोड पर हरित पट्टी दिखाई गई है जो संभव नहीं है। इस पर बीडीए को दोबारा विचार करना चाहिए। इसके अलावा आईआईए ने कुछ उद्यमियों के संस्थानों की समस्याओं का जिक्र करते हुए उसमें संशोधन की मांग की है।