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माघ पूर्णिमा : हर-हर गंगे के जयघोष से गुंजायमान हुए रामगंगा तट
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Magha Purnima: Ramganga coast resonated with the chants of Har Har Gange
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बरेली। पवित्र माघ मास की पूर्णिमा पर बुधवार को रामगंगा में हजारों श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। ब्रह्ममुहूर्त से ही तट हर-हर गंगे के जयघोष से गुंजायमान होने लगे। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने भगवान भास्कर को अर्घ्य दिया और फिर पूजा-अर्चना कर दान पुण्य किया। इस दौरान तमाम बच्चों के मुंडन संस्कार भी कराए गए।
माघी पूर्णिमा पर आकाश में तारों की उस्थित में गंगा स्नान करने बेहद शुभ माना जाता है, इसलिए सुबह चार बजे से ही श्रद्धालुओं का रामगंगा तट पर आना शुरू हो गया। सूर्योदय होने से पूर्व ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जमा हो गई। इनमें महिलाएं और बच्चों की भी खासी संख्या थी। सभी ने पुण्य प्राप्ति के लिए श्रद्धाभाव के साथ रामगंगा में स्नान कर भगवान भास्कर और श्री हरि विष्णु के प्रति अपनी आस्था व्यक्त कर उन्हें प्रणाम किया। इसके बाद पूजा अर्चना कर जरूरतमंदों को दान पुण्य किया। स्नान के बाद विशेष रूप से अपने आराध्य देव और फिर भगवान विष्णु की पूजा की। तत्पश्चात परंपरा के अनुसार गुड़, कपास, घी, लड्डू, फल, अन्न, वस्त्र आदि का दान किया।
शहर के तमाम मंदिरों में भी श्रद्धालुओं की भीड़ रही। श्री अलखनाथ मंदिर, श्री त्रिवटीनाथ मंदिर, बनखंडी नाथ मंदिर, धोपेश्वर नाथ मंदिर. पशुपति नाथ मंदिर, कटरा मानराय के लक्ष्मी नारायण मंदिर, कालीबाड़ी मंदिर, सिविल लाइंस के श्री हनुमान मंदिर, आनंद आश्रम मंदिर आदि में भारी भीड़ रही। श्रद्धालुओं ने मंदिरों में पूजा-पाठ कर दान पुण्य किया। तमाम श्रद्धालुओं ने अपने घरों पर श्री सत्यनारायण भगवान की कथा कराई। शाम को महिलाओं ने चंद्रमा के दर्शन कर खीर-पूड़ी से भोग लगाया।
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माघी पूर्णिमा पर आकाश में तारों की उस्थित में गंगा स्नान करने बेहद शुभ माना जाता है, इसलिए सुबह चार बजे से ही श्रद्धालुओं का रामगंगा तट पर आना शुरू हो गया। सूर्योदय होने से पूर्व ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जमा हो गई। इनमें महिलाएं और बच्चों की भी खासी संख्या थी। सभी ने पुण्य प्राप्ति के लिए श्रद्धाभाव के साथ रामगंगा में स्नान कर भगवान भास्कर और श्री हरि विष्णु के प्रति अपनी आस्था व्यक्त कर उन्हें प्रणाम किया। इसके बाद पूजा अर्चना कर जरूरतमंदों को दान पुण्य किया। स्नान के बाद विशेष रूप से अपने आराध्य देव और फिर भगवान विष्णु की पूजा की। तत्पश्चात परंपरा के अनुसार गुड़, कपास, घी, लड्डू, फल, अन्न, वस्त्र आदि का दान किया।
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शहर के तमाम मंदिरों में भी श्रद्धालुओं की भीड़ रही। श्री अलखनाथ मंदिर, श्री त्रिवटीनाथ मंदिर, बनखंडी नाथ मंदिर, धोपेश्वर नाथ मंदिर. पशुपति नाथ मंदिर, कटरा मानराय के लक्ष्मी नारायण मंदिर, कालीबाड़ी मंदिर, सिविल लाइंस के श्री हनुमान मंदिर, आनंद आश्रम मंदिर आदि में भारी भीड़ रही। श्रद्धालुओं ने मंदिरों में पूजा-पाठ कर दान पुण्य किया। तमाम श्रद्धालुओं ने अपने घरों पर श्री सत्यनारायण भगवान की कथा कराई। शाम को महिलाओं ने चंद्रमा के दर्शन कर खीर-पूड़ी से भोग लगाया।
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