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प्रेमी ने ही दिया था देवरिया की सेल्सगर्ल को ट्रेन से धक्का
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पुलिस ने आरोपी को अमरोहा स्टेशन से गिरफ्तार कर जेल भेजा
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26 दिसबंर, 2019 को काठगोदाम-लखनऊ एक्सप्रेस से पितांबरपुर स्टेशन के फेंकी गई थी युवती
बरेली। पितांबरपुर स्टेशन पर चलती ट्रेन से युवती को धक्का छेड़छाड़ का विरोध करने पर नहीं दिया गया था। युवती को उसके प्रेमी ने ही बात न मानने पर धक्का दे दिया था। जीआरपी ने आरोपी युवक को अमरोहा स्टेशन से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इस मामले में जीआरपी ने एक महीने बाद रिपोर्ट दर्ज की थी। जीआरपी एसपी सौमित्र यादव ने टीम को इनाम देने की घोषणा की है, जबकि एसएसपी बरेली टीम को प्रशस्ति पत्र देंगे।
अमरोहा के गांव अंबरपुर का जोगेंद्र सिंह पीलीभीत की एक कंपनी में काम करता था। इसी कंपनी में बतौर सेल्सगर्ल देवरिया की युवती ने अक्तूबर, 2019 में ज्वाइन किया। जीआरपी के मुताबिक, एक-दो मुलाकात के बाद जोगेंद्र युवती से प्यार करने लगा। दो महीने बाद 26 दिसंबर को युवती घर जाने के लिए जंक्शन पहुंची और काठगोदाम-लखनऊ एक्सप्रेस के महिला कोच में सवार हो गई। वहां से उसे दूसरी ट्रेन से देवरिया जाना था। जोगेंद्र को पता चला तो वह भी जंक्शन पहुंच गया और महिला कोच में चढ़ गया। जोगेंद्र ने युवती के सामने शादी का प्रस्ताव रखा तो उसने घरवालों से बात करने को कहा। इससे गुस्से में आकर जोगेंद्र ने उसका मोबाइल चीन लिया और पितांबरपुर स्टेशन के पास ट्रेन से उसे धक्का दे दिया। गंभीर रूप से घायल युवती को उसके परिजन लखनऊ ले गए। करीब एक महीने बाद युवती की बहन ने थाना जीआरपी जंक्शन में अज्ञात युवक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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युवती के मोबाइल में साले का सिम डाला तो पकड़ा गया युवक
युवती को धक्का देने के बाद जोगेंद्र ने उसके मोबाइल को स्विच ऑफ करके अपने पास रख लिया, लेकिन जीआरपी ने उसी समय युवती का मोबाइल सर्विलांस पर लगवा दिया था। करीब छह महीने बाद युवक ने मामला शांत समझकर अपने साले का सिम युवती के मोबाइल में डालकर चालू किया। इसके बाद लोकेशन मिलने पर जीआरपी इंस्पेक्टर कृष्ण अवतार फोर्स लेकर अमरोहा पहुंचे। उन्होंने आरोपी जोगेंद्र को अमरोहा स्टेशन से गिरफ्तार लिया। जंक्शन पर उसे रेलवे मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
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रेलवे अधिकारियों ने उस वक्त नकार दी थी ट्रेन से गिरने की बात
ट्रेन से धक्का देने के बाद जीआरपी और आरपीएफ में हड़कंप मच गया था। मामला रेलवे बोर्ड तक पहुंचा। लखनऊ विधानसभा में मामला उठने के बाद जीआरपी अधिकारी खुद की गर्दन फंसती देख इसकी तहकीकात में जुटे। जीआरपी सीओ देवीदयाल, आरपीएफ इंस्पेक्टर विपिन सिसौदिया, जीआरपी इंस्पेक्टर कृष्ण अवतार आदि ने कई बार घटना स्थल का दौरा किया। उस वक्त सभी ने स्वर से घटना को नकारा। रेलवे अफसरों ने भी यह तर्क दिया कि अगर युवती को ट्रेन से फेंका जाता तो वह जिंदा नहीं बचती। उन्होंने युवती के ट्रेन में सवार होने पर ही सवाल उठाए थे।
युवक ने स्वीकार किया है कि वह युवती से एकतरफा प्यार करने लगा था, युवती के न मानने पर उसने पिताबंरपुर स्टेशन के पास ट्रेन से उसे धक्का दे दिया था। युवक को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया है। - कृष्ण अवतार, इंस्पेक्टर जीआरपी थाना, जंक्शन
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26 दिसबंर, 2019 को काठगोदाम-लखनऊ एक्सप्रेस से पितांबरपुर स्टेशन के फेंकी गई थी युवती बरेली। पितांबरपुर स्टेशन पर चलती ट्रेन से युवती को धक्का छेड़छाड़ का विरोध करने पर नहीं दिया गया था। युवती को उसके प्रेमी ने ही बात न मानने पर धक्का दे दिया था। जीआरपी ने आरोपी युवक को अमरोहा स्टेशन से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इस मामले में जीआरपी ने एक महीने बाद रिपोर्ट दर्ज की थी। जीआरपी एसपी सौमित्र यादव ने टीम को इनाम देने की घोषणा की है, जबकि एसएसपी बरेली टीम को प्रशस्ति पत्र देंगे।
अमरोहा के गांव अंबरपुर का जोगेंद्र सिंह पीलीभीत की एक कंपनी में काम करता था। इसी कंपनी में बतौर सेल्सगर्ल देवरिया की युवती ने अक्तूबर, 2019 में ज्वाइन किया। जीआरपी के मुताबिक, एक-दो मुलाकात के बाद जोगेंद्र युवती से प्यार करने लगा। दो महीने बाद 26 दिसंबर को युवती घर जाने के लिए जंक्शन पहुंची और काठगोदाम-लखनऊ एक्सप्रेस के महिला कोच में सवार हो गई। वहां से उसे दूसरी ट्रेन से देवरिया जाना था। जोगेंद्र को पता चला तो वह भी जंक्शन पहुंच गया और महिला कोच में चढ़ गया। जोगेंद्र ने युवती के सामने शादी का प्रस्ताव रखा तो उसने घरवालों से बात करने को कहा। इससे गुस्से में आकर जोगेंद्र ने उसका मोबाइल चीन लिया और पितांबरपुर स्टेशन के पास ट्रेन से उसे धक्का दे दिया। गंभीर रूप से घायल युवती को उसके परिजन लखनऊ ले गए। करीब एक महीने बाद युवती की बहन ने थाना जीआरपी जंक्शन में अज्ञात युवक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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युवती के मोबाइल में साले का सिम डाला तो पकड़ा गया युवक
युवती को धक्का देने के बाद जोगेंद्र ने उसके मोबाइल को स्विच ऑफ करके अपने पास रख लिया, लेकिन जीआरपी ने उसी समय युवती का मोबाइल सर्विलांस पर लगवा दिया था। करीब छह महीने बाद युवक ने मामला शांत समझकर अपने साले का सिम युवती के मोबाइल में डालकर चालू किया। इसके बाद लोकेशन मिलने पर जीआरपी इंस्पेक्टर कृष्ण अवतार फोर्स लेकर अमरोहा पहुंचे। उन्होंने आरोपी जोगेंद्र को अमरोहा स्टेशन से गिरफ्तार लिया। जंक्शन पर उसे रेलवे मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
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रेलवे अधिकारियों ने उस वक्त नकार दी थी ट्रेन से गिरने की बात
ट्रेन से धक्का देने के बाद जीआरपी और आरपीएफ में हड़कंप मच गया था। मामला रेलवे बोर्ड तक पहुंचा। लखनऊ विधानसभा में मामला उठने के बाद जीआरपी अधिकारी खुद की गर्दन फंसती देख इसकी तहकीकात में जुटे। जीआरपी सीओ देवीदयाल, आरपीएफ इंस्पेक्टर विपिन सिसौदिया, जीआरपी इंस्पेक्टर कृष्ण अवतार आदि ने कई बार घटना स्थल का दौरा किया। उस वक्त सभी ने स्वर से घटना को नकारा। रेलवे अफसरों ने भी यह तर्क दिया कि अगर युवती को ट्रेन से फेंका जाता तो वह जिंदा नहीं बचती। उन्होंने युवती के ट्रेन में सवार होने पर ही सवाल उठाए थे।युवक ने स्वीकार किया है कि वह युवती से एकतरफा प्यार करने लगा था, युवती के न मानने पर उसने पिताबंरपुर स्टेशन के पास ट्रेन से उसे धक्का दे दिया था। युवक को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया है। - कृष्ण अवतार, इंस्पेक्टर जीआरपी थाना, जंक्शन