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नहरों की तो तलाश शुरू..नदियों को कौन ढूंढेगा
बरेली।
Updated Sat, 14 Oct 2017 01:04 AM IST
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जांच करते अपऊफसर
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शहरी इलाके से गुजरने वाली नहरों पर कब्जा करके कॉलोनियां विकसित कर देने वालों की शामत आने वाली है। डीएम राघवेंद्र विक्रम सिंह ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों से अवैध कब्जों के बाबत रिपोर्ट मांगी है। कलक्ट्रेेट में बैठक के दौरान जब शहर सीमा में रुहेलखंड बरेली नहर पर कब्जे का मुद्दा उठा तो डीएम अफसरों को लेकर मौका मुआयना करने पहुंच गए। उन्होंने नहर की बेशकीमती जमीन पर क ब्जा देखकर नहर खंड के अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। डीएम ने बताया कि सरकारी जमीनों पर कब्जा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी। नहर खंड की रिपोर्ट आने के बाद कब्जा हटवाने के लिए एक्शन प्लान बनाया जाएगा।
शुक्रवार दोपहर डीएम सिंचाई विभाग की जमीनों पर अवैध कब्जों के संबंध में अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे। बैठक में सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने बताया कि उनकी जिले में 1087 परिसंपत्तियां हैं। इनकी 4024 हेक्टेयर भूमि है। 82 परिसंपत्तियों पर 815 अवैध कब्जे थे। छह महीने में नौ परिसंपत्तियों से 86 अवैध कब्जे हटाकर तीन हेक्टेयर भूमि कब्जा मुक्त कराई जा चुकी है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिले में धौराटांडा, दमखोदा इलाके के अलावा बरेली शहर में नहरों की जमीन पर कब्जा है। शहर में छह किलोमीटर लंबी रुहेलखंड बरेली रजवाह की जमीन पर कब्जा कर रखा है। कॉलोनाइजरों ने नहर को पाटकर घर बना दिए हैं। डीएम ने नहर पर कब्जे की बात सुनते ही सिंचाई विभाग के अधिकारियों से मौके पर चलने को कहा। इसके बाद डीएम सिंचाई विभाग के अधिकारियों के अलावा एडीएम (प्रशासन) एसपी सिंह और एसपी सिटी रोहित सिंह सजवाण को लेकर मौके पर पहुंच गए। इसके अलावा डीएम ने नकटिया नदी पर हुए कब्जे भी देखे। उन्होंने मौके पर बेशकीमती सरकारी जमीन पर कब्जा देखकर हैरानी जताते हुए सिंचाई विभाग से अवैध कब्जों का पूरा ब्यौरा नक्शे समेत तलब किया है।
अवैध कब्जों को लेकर कमिश्नर भी खफा
बरेली। कमिश्नर डॉ. पीवी जगनमोहन ने नदियों की जमीन पर कब्जा होने की लगातार शिकायतें आने पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने डीएम को लिखे पत्र में कहा है कि नदियों को भूमाफिया के कब्जे से मुक्त कराएं। किसी के साथ रियायत नहीं होनी चाहिए। डीएम ने कमिश्नर के आदेश पर अमल करना शुरू कर दिया है।
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1- नकटिया नदी के किनारे की जमीन पर कब्जा करके प्लाटिंग की जा रही है। अमर उजाला इस प्रकरण को लगातार छाप रहा है, लेकिन अभी तक कार्रवाई नहीं की गई है।
2- मिनी बाईपास रामपुर तिराहा के पास एक होटल और इमामबाड़ा नदी की जमीन पर बनाया गया है।
3- कर्मचारी नगर चौराहे पर दो लोगों ने सरकारी जमीन पर दुकानों का निर्माण करा रखा है। पूर्व
में बीडीए ने इन दुकानों को हटाया था। परंतु अब फिर से दुकानें बना ली गई हैं।
4- अर्बन सीलिंग की जमीन पर सपा नेता ने कॉलोनी बसाकर मोटी रकम कमाई है।
5- हरूनगला में अर्बन सीलिंग की भूमि पर प्लाटिंग करके कॉलोनी बनाई जा रही है।
- शहर में नहरों और नदियों पर कब्जा होने की शिकायतें लगातार आ रही है। सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई होगी। भूमाफिया चिन्हित करने के लिए मैंने डीएम को पत्र लिखा है। जल्द ही नहरों और नदियों पर कब्जा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. पीवी जगनमोहन, कमिश्नर
शुक्रवार दोपहर डीएम सिंचाई विभाग की जमीनों पर अवैध कब्जों के संबंध में अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे। बैठक में सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने बताया कि उनकी जिले में 1087 परिसंपत्तियां हैं। इनकी 4024 हेक्टेयर भूमि है। 82 परिसंपत्तियों पर 815 अवैध कब्जे थे। छह महीने में नौ परिसंपत्तियों से 86 अवैध कब्जे हटाकर तीन हेक्टेयर भूमि कब्जा मुक्त कराई जा चुकी है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिले में धौराटांडा, दमखोदा इलाके के अलावा बरेली शहर में नहरों की जमीन पर कब्जा है। शहर में छह किलोमीटर लंबी रुहेलखंड बरेली रजवाह की जमीन पर कब्जा कर रखा है। कॉलोनाइजरों ने नहर को पाटकर घर बना दिए हैं। डीएम ने नहर पर कब्जे की बात सुनते ही सिंचाई विभाग के अधिकारियों से मौके पर चलने को कहा। इसके बाद डीएम सिंचाई विभाग के अधिकारियों के अलावा एडीएम (प्रशासन) एसपी सिंह और एसपी सिटी रोहित सिंह सजवाण को लेकर मौके पर पहुंच गए। इसके अलावा डीएम ने नकटिया नदी पर हुए कब्जे भी देखे। उन्होंने मौके पर बेशकीमती सरकारी जमीन पर कब्जा देखकर हैरानी जताते हुए सिंचाई विभाग से अवैध कब्जों का पूरा ब्यौरा नक्शे समेत तलब किया है।
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अवैध कब्जों को लेकर कमिश्नर भी खफा
बरेली। कमिश्नर डॉ. पीवी जगनमोहन ने नदियों की जमीन पर कब्जा होने की लगातार शिकायतें आने पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने डीएम को लिखे पत्र में कहा है कि नदियों को भूमाफिया के कब्जे से मुक्त कराएं। किसी के साथ रियायत नहीं होनी चाहिए। डीएम ने कमिश्नर के आदेश पर अमल करना शुरू कर दिया है।
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1- नकटिया नदी के किनारे की जमीन पर कब्जा करके प्लाटिंग की जा रही है। अमर उजाला इस प्रकरण को लगातार छाप रहा है, लेकिन अभी तक कार्रवाई नहीं की गई है।
2- मिनी बाईपास रामपुर तिराहा के पास एक होटल और इमामबाड़ा नदी की जमीन पर बनाया गया है।
3- कर्मचारी नगर चौराहे पर दो लोगों ने सरकारी जमीन पर दुकानों का निर्माण करा रखा है। पूर्व
में बीडीए ने इन दुकानों को हटाया था। परंतु अब फिर से दुकानें बना ली गई हैं।
4- अर्बन सीलिंग की जमीन पर सपा नेता ने कॉलोनी बसाकर मोटी रकम कमाई है।
5- हरूनगला में अर्बन सीलिंग की भूमि पर प्लाटिंग करके कॉलोनी बनाई जा रही है।
- शहर में नहरों और नदियों पर कब्जा होने की शिकायतें लगातार आ रही है। सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई होगी। भूमाफिया चिन्हित करने के लिए मैंने डीएम को पत्र लिखा है। जल्द ही नहरों और नदियों पर कब्जा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. पीवी जगनमोहन, कमिश्नर