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सत्ता संग्राम 2019: नए चेहरों पर किसका चलेगा दांव, विकास के मुद्दों पर हावी राष्ट्रवाद
Sun, 28 Apr 2019 04:36 AM IST
देव कश्यप
राजीव शुक्ला, अमर उजाला, शाहजहांपुर
राजीव शुक्ला, अमर उजाला, शाहजहांपुर
Published by: देव कश्यप
Updated Sun, 28 Apr 2019 04:36 AM IST
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अरुण सागर (भाजपा), ब्रह्म स्वरूप सागर (कांग्रेस) और अमर चंद्र जौहर (गठबंधन)
- फोटो : अमर उजाला
इस संसदीय सीट पर स्थानीय मुद्दे तो बहुत हैं, लेकिन सभी प्रत्याशी जातीय गुणा भाग में लगे हुए हैं। भाजपा ने मौजूदा सांसद कृष्णा राज का टिकट काटकर अरुण सागर को प्रत्याशी बनाया है। कांग्रेस ब्रह्मस्वरूप सागर के सहारे मैदान में है तो बसपा की कोशिश अमर चंद जौहर के जरिये खाता खोलने की है। तीनों दलों ने नए प्रत्याशियों पर दांव लगाया है।
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अरुण सागर की जीत को काबीना मंत्री सुरेश खन्ना ने अपनी प्रतिष्ठा का सवाल बनाया है। वे खुद उनके चुनाव प्रबंधन और प्रचार में लगे हुए हैं। फोकस मोदी के विकास मॉडल और राष्ट्रवाद के मुद्दे पर है। परंपरागत वैश्य मतदाताओं के साथ ठाकुर और मौर्य-कुशवाहा सबसे बड़ी उम्मीद हैं तो दलित वोट साधना सबसे बड़ी चुनौती। बसपा यहां कभी नहीं जीती लेकिन इस बार मजबूत भूमिका में रही है।
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2009 और 2014 में उसका प्रत्याशी यहां दूसरे नंबर पर रहा है। इस बार मुस्लिम और यादव मतदाताओं के जरिये यह कमी पूरी करने की कोशिश की जा रही है। कांग्रेस के ब्रहम स्वरूप सपा और बसपा का सफर भी कर चुके हैं। दलित वोटों के साथ मुस्लिमों पर भी नजर है
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