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न आने वाले मेहमानों के लिए शादी का सीधा प्रसारण
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शादी का होता सीधा प्रसारण।
कोविड काल में शुरू हुआ प्रयोग शादियों की नई परंपरा बना, प्रसारण के लिए बुक की जा रही अलग टीम
इस बार शादियों के प्रसारण के लिए जिले में पांच सौ से ज्यादा बुकिंग
बरेली। पिछले कुछ सालों में शादी के आयोजनों के तौर-तरीकों में काफ ी बदलाव हुए हैं। अगर 10-15 साल पहले होने वाली शादियों को याद किया जाए तो यह बदलाव आसानी से महसूस भी किया जा सकता है। हाल ही में कोरोना काल ने एक और बड़ा बदलाव किया है। मेहमानों की संख्या सीमित रखने के लिए शादियों का वीडियो कॉल पर सीधा प्रसारण एक नई परंपरा बन गया है।
शादियों के सीधे प्रसारण के लिए अब फ ोटोग्राफ र की टीम में एक और सदस्य बढ़ा है जो वर या वधू के किसी परिजन के सोशल मीडिया अकाउंट पर शादी के पूरे आयोजन का प्रसारण करता है। यूट्यूब चैनल भी पर लाइव किया जाता है। इसका लिंक उन मेहमानों को दे दिया जाता है जो खुद शादी में शामिल नहीं हो पाते। बरेली में भी इसका चलन तेजी से बढ़ा है।
एक स्टूडियो चलाने वाले विशाल शर्मा बताते हैं कि 16 नवंबर से सहालग शुरू हो रहे हैं, इस बार काम बहुत है। यूट्यूब पर शादियों का लाइव टेलिकास्ट करने के लिए भी पांच सौ से ज्यादा बुकिंग जिले भर में होने का अनुमान है। फोटोग्राफी में लाइटिंग का प्रयोग भी बहुत बढ़ गया है।
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प्री वेडिंग फ ोटो शूट का चलन बढ़ा
किसी भी शादी के लिए फ ोटोग्राफ ी के लिए खासतौर पर तैयारी की जाती है। सगाई के फ ोटो से लेकर दुल्हन की विदाई और ससुराल में रिसेप्शन जैसे हरेक कार्यक्रम को कवर करने पर जोर रहता है। प्री वेडिंग फ ोटो शूट का भी चलन तेजी से बढ़ा है। स्टूडियो चलाने वाले शोभित सक्सेना बताते हैं कि अब वर-वधू शादी से पहले किसी खास लोकेशन पर फ ोटो शूट कराने पर जोर देते हैं। ड्रोन कैमरे से तो अब लगभग हर शादी का वीडियो तैयार कराया जाता है।
फोटो सेल्फी प्वाइंट के बजाय अब वीडियो सेल्फी
फोटोग्राफर राजेंद्र प्रजापति ने बताया कि पहले शादियों में सेल्फी प्वाइंट बनाने का चलन बहुत था। अब वीडियो सेल्फी प्वाइंट का नया ट्रेंड आया है। एक जगह इसके लिए बैकग्राउंड तैयार की जाती है जिसके आसपास पांच-छह कैमरे लगे होते हैं। यहां स्लो मोशन में पांच से आठ सेकंड तक का सेल्फी वीडियो रिकार्ड किया जाता है।
ये भी शादियों का नया फैशन
-पहले दुल्हन लाल जोड़े में ही नजर आती थी लेकिन अब ऐसी कोई बंदिश नहीं है। पेस्टल कलर के हल्के गुलाबी, क्रीम कलर या डार्क ऑरेज कलर के लहंगे भी चलन में आए हैं।
- दुल्हन के लिए हैवी मेकअप जरूरी था, जैसे आंखों पर ढेर सारा शेडो, गालों पर रूज ब्लशर, लाल-सफेद बिंदियों से सजावट। अब मेकअप में बहुत बदल गया है। लड़कियां हैवी मेकअप पसंद नहीं करतीं। छोटी बिंदी, हल्का मांग टीका, पतला काजल, कुछ सुर्ख लाल लिपस्टिक तो कुछ हल्का रंग चुनती हैं।
- वरमाला का सीन भी बदल गया है। पहले जयमाला मंच पर होती थी जहां ऐसी भीड़ लगती थी जैसे कोई मेला लगा हो। अब जयमाला मंच पर नहीं बल्कि रिवॉल्विंग स्टेज यानी घूमने वाले मंच पर होती है। इस तरह के कई और अलग-अलग प्रयोग हो रहे हैं।
- पहले दुल्हन अपनी सहेलियों के साथ चलकर मंच तक आती थी। कुछ समय पालकी ट्रेंड में रही लेकिन अब कभी दुल्हन खुद डांस करते हुए एंट्री लेती है तो कभी बाइक पर। ये फिल्मी स्टाइल के प्रयोग बढ़ते जा रहे हैं।
-पुराने जमाने में महिला संगीत में 10-15 महिलाएं इकट्ठी होकर ढोलक पर बन्ना-बन्नी गा लेती थी लेकिन अब संगीत शादी का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा हो गया है। डेस्टिनेशन वेडिंग के दौर में वर-वधू का परिवार एक ही जगह मिलकर संगीत का आयोजन क्शन करते हैं। कपल डांस परफ ॉर्मेंस की तैयारी भी की जाती है। परिवार वाले भी किसी थीम पर परफ ॉर्मेंस देते है।
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इस बार शादियों के प्रसारण के लिए जिले में पांच सौ से ज्यादा बुकिंग
बरेली। पिछले कुछ सालों में शादी के आयोजनों के तौर-तरीकों में काफ ी बदलाव हुए हैं। अगर 10-15 साल पहले होने वाली शादियों को याद किया जाए तो यह बदलाव आसानी से महसूस भी किया जा सकता है। हाल ही में कोरोना काल ने एक और बड़ा बदलाव किया है। मेहमानों की संख्या सीमित रखने के लिए शादियों का वीडियो कॉल पर सीधा प्रसारण एक नई परंपरा बन गया है।
शादियों के सीधे प्रसारण के लिए अब फ ोटोग्राफ र की टीम में एक और सदस्य बढ़ा है जो वर या वधू के किसी परिजन के सोशल मीडिया अकाउंट पर शादी के पूरे आयोजन का प्रसारण करता है। यूट्यूब चैनल भी पर लाइव किया जाता है। इसका लिंक उन मेहमानों को दे दिया जाता है जो खुद शादी में शामिल नहीं हो पाते। बरेली में भी इसका चलन तेजी से बढ़ा है।
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एक स्टूडियो चलाने वाले विशाल शर्मा बताते हैं कि 16 नवंबर से सहालग शुरू हो रहे हैं, इस बार काम बहुत है। यूट्यूब पर शादियों का लाइव टेलिकास्ट करने के लिए भी पांच सौ से ज्यादा बुकिंग जिले भर में होने का अनुमान है। फोटोग्राफी में लाइटिंग का प्रयोग भी बहुत बढ़ गया है।
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प्री वेडिंग फ ोटो शूट का चलन बढ़ा
किसी भी शादी के लिए फ ोटोग्राफ ी के लिए खासतौर पर तैयारी की जाती है। सगाई के फ ोटो से लेकर दुल्हन की विदाई और ससुराल में रिसेप्शन जैसे हरेक कार्यक्रम को कवर करने पर जोर रहता है। प्री वेडिंग फ ोटो शूट का भी चलन तेजी से बढ़ा है। स्टूडियो चलाने वाले शोभित सक्सेना बताते हैं कि अब वर-वधू शादी से पहले किसी खास लोकेशन पर फ ोटो शूट कराने पर जोर देते हैं। ड्रोन कैमरे से तो अब लगभग हर शादी का वीडियो तैयार कराया जाता है।
फोटो सेल्फी प्वाइंट के बजाय अब वीडियो सेल्फी
फोटोग्राफर राजेंद्र प्रजापति ने बताया कि पहले शादियों में सेल्फी प्वाइंट बनाने का चलन बहुत था। अब वीडियो सेल्फी प्वाइंट का नया ट्रेंड आया है। एक जगह इसके लिए बैकग्राउंड तैयार की जाती है जिसके आसपास पांच-छह कैमरे लगे होते हैं। यहां स्लो मोशन में पांच से आठ सेकंड तक का सेल्फी वीडियो रिकार्ड किया जाता है।
ये भी शादियों का नया फैशन
-पहले दुल्हन लाल जोड़े में ही नजर आती थी लेकिन अब ऐसी कोई बंदिश नहीं है। पेस्टल कलर के हल्के गुलाबी, क्रीम कलर या डार्क ऑरेज कलर के लहंगे भी चलन में आए हैं।
- दुल्हन के लिए हैवी मेकअप जरूरी था, जैसे आंखों पर ढेर सारा शेडो, गालों पर रूज ब्लशर, लाल-सफेद बिंदियों से सजावट। अब मेकअप में बहुत बदल गया है। लड़कियां हैवी मेकअप पसंद नहीं करतीं। छोटी बिंदी, हल्का मांग टीका, पतला काजल, कुछ सुर्ख लाल लिपस्टिक तो कुछ हल्का रंग चुनती हैं।
- वरमाला का सीन भी बदल गया है। पहले जयमाला मंच पर होती थी जहां ऐसी भीड़ लगती थी जैसे कोई मेला लगा हो। अब जयमाला मंच पर नहीं बल्कि रिवॉल्विंग स्टेज यानी घूमने वाले मंच पर होती है। इस तरह के कई और अलग-अलग प्रयोग हो रहे हैं।
- पहले दुल्हन अपनी सहेलियों के साथ चलकर मंच तक आती थी। कुछ समय पालकी ट्रेंड में रही लेकिन अब कभी दुल्हन खुद डांस करते हुए एंट्री लेती है तो कभी बाइक पर। ये फिल्मी स्टाइल के प्रयोग बढ़ते जा रहे हैं।
-पुराने जमाने में महिला संगीत में 10-15 महिलाएं इकट्ठी होकर ढोलक पर बन्ना-बन्नी गा लेती थी लेकिन अब संगीत शादी का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा हो गया है। डेस्टिनेशन वेडिंग के दौर में वर-वधू का परिवार एक ही जगह मिलकर संगीत का आयोजन क्शन करते हैं। कपल डांस परफ ॉर्मेंस की तैयारी भी की जाती है। परिवार वाले भी किसी थीम पर परफ ॉर्मेंस देते है।