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सस्पेंड उपनिदेशक फायर की जांच एडीजी जोन करेंगे
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बरेली। नए उद्योग लगाने और विस्तारीकरण के लिए भले ही सरकार योजनाएं लागू कर रही हो, लेकिन स्थिति यह है कि संबंधित विभाग एनओसी देने के लिए निवेशकों को दौड़ा रहे हैं। पिछले वर्ष इंवेस्टर्स समिट में बरेली मंडल के कई निवेशकों ने नए उद्योग लगाने के प्रस्ताव सौंपे, सरकार ने इन्हें स्वीकार भी कर लिया, लेकिन एनओसी नहीं मिलने से साल भर में एक भी नया उद्योग नहीं लग पाया। पिछले दिनों फायर एनओसी नहीं देने और रिश्वत मांगे जाने की शिकायत पर गृह विभाग ने उपनिदेशक अग्निशमन बरेली मंडल को सस्पेंड कर मुख्यालय से संबद्ध कर दिया है। शासन ने उन पर लगे आरोपों की जांच अपर पुलिस महानिदेशक बरेली जोन को सौंपी है। शासन ने एक माह में जांच रिपोर्ट देने को कहा है।
शाहजहांपुर के प्रमुख उद्यमी माधोगोपाल ने पिछले वर्ष इंवेस्टर्स समिट में निवेश के लिए करार किए थे। उद्योग लगाने और विस्तारीकरण करने के लिए अग्निशमन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र की जरूरत होती है। इसके तहत ही निवेशक ने उप निदेशक फायर अजय कुमार गुप्ता और उनके कार्यालय संपर्क किया। आरोप है कि गुप्ता ने इस काम के लिए पांच लाख रुपये की मांग की। केआर पल्प एंड पेपर मिल प्रबंधन ने सभी कागजात दिखाए, लेकिन बिना सुविधा शुल्क के उप निदेशक कार्यालय ने इंकार कर दिया। प्रभावित उद्यमी ने इसकी शिकायत डीएम शाहजहांपुर से की। डीएम ने 26 जून को पूरी रिपोर्ट बनाकर शासन को सौंप दी। इसके बाद गृह विभाग ने उप निदेशक गुप्ता को निलंबित कर दिया। डीएम ने रिपोर्ट में साफ लिखा है कि बिना रिश्वत उद्यमियों को एनओसी नहीं मिल पा रही है। हालांकि यह शिकायतें पूरे मंडल में हैं। बरेली जिला में भी उद्योगों को लगाने के लिए विभिन्न विभाग मनमानी कर रहे हैं।
अब एडीजी करेंगे मामलों की जांच
प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार ने शाहजहांपुर के उद्यमी की शिकायत और डीएम की रिपोर्ट पर उपनिदेशक अजय गुप्ता को फायर सर्विस मुख्यालय पर संबद्ध किया है। प्रमुख सचिव ने पूरे प्रकरण की जांच अपर पुलिस महानिदेशक बरेली जोन अविनाश चंद्र को सौंपी है। सचिव ने जांच आख्या एक माह में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। प्रमुख सचिव ने अपने पत्र में कहा है कि डीएम की रिपोर्ट से निष्कर्ष निकलता है कि उपनिदेशक फायर गुप्ता एनओसी जारी करने के लिए कारोबारियों से कमीशन मांगते हैं।
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शाहजहांपुर के प्रमुख उद्यमी माधोगोपाल ने पिछले वर्ष इंवेस्टर्स समिट में निवेश के लिए करार किए थे। उद्योग लगाने और विस्तारीकरण करने के लिए अग्निशमन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र की जरूरत होती है। इसके तहत ही निवेशक ने उप निदेशक फायर अजय कुमार गुप्ता और उनके कार्यालय संपर्क किया। आरोप है कि गुप्ता ने इस काम के लिए पांच लाख रुपये की मांग की। केआर पल्प एंड पेपर मिल प्रबंधन ने सभी कागजात दिखाए, लेकिन बिना सुविधा शुल्क के उप निदेशक कार्यालय ने इंकार कर दिया। प्रभावित उद्यमी ने इसकी शिकायत डीएम शाहजहांपुर से की। डीएम ने 26 जून को पूरी रिपोर्ट बनाकर शासन को सौंप दी। इसके बाद गृह विभाग ने उप निदेशक गुप्ता को निलंबित कर दिया। डीएम ने रिपोर्ट में साफ लिखा है कि बिना रिश्वत उद्यमियों को एनओसी नहीं मिल पा रही है। हालांकि यह शिकायतें पूरे मंडल में हैं। बरेली जिला में भी उद्योगों को लगाने के लिए विभिन्न विभाग मनमानी कर रहे हैं।
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अब एडीजी करेंगे मामलों की जांच
प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार ने शाहजहांपुर के उद्यमी की शिकायत और डीएम की रिपोर्ट पर उपनिदेशक अजय गुप्ता को फायर सर्विस मुख्यालय पर संबद्ध किया है। प्रमुख सचिव ने पूरे प्रकरण की जांच अपर पुलिस महानिदेशक बरेली जोन अविनाश चंद्र को सौंपी है। सचिव ने जांच आख्या एक माह में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। प्रमुख सचिव ने अपने पत्र में कहा है कि डीएम की रिपोर्ट से निष्कर्ष निकलता है कि उपनिदेशक फायर गुप्ता एनओसी जारी करने के लिए कारोबारियों से कमीशन मांगते हैं।
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