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नाबालिग की हत्या करने के एक आरोपी को उम्र कैद
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बरेली। नाबालिग को घर से बहला फुसला कर ले जाने और ट्रेन से धक्का देकर हत्या करने वाले युवक को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट रामदयाल की अदालत ने उम्र कैद की सजा सुनाई है।
घटना थाना भमौरा की है, जिसकी रिपोर्ट पीड़िता के भाई ने 16 जनवरी वर्ष 2015 को लिखाई थी। रिपोर्ट में कहा गया कि घटना वाले दिन उसकी 16 साल की बहन घर से बाहर गई थई। काफी देर तक वापस न लौटने पर तलाश किया तो पता चला कि गांव का सत्यवीर उसे बहला फुसला कर ले गया है। सत्यवीर को गांव के लोगों ने उसकी बहन को ले जाते देखा। 17 जनवरी वर्ष 2015 को उसकी बहन रामगंगा रेलवे स्टेशन पर पड़ी मिली। उसके दोनों पैर कटे हुए थे। उसको जिला अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल में वादी की बहन ने बताया कि सत्यवीर उसे बुलाकर घर ले गया। वहां से उसे रामगंगा स्टेशन पर जबरदस्ती ट्रेन पर चढ़ाया और फिर चलती ट्रेन से धक्का दे दिया। बाद में इलाज के दौरान पीड़िता की मौत हो गई थी।
अभियोजन की ओर से इस मामले में कुल पंद्रह गवाह पेश किए गए। अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक सीपी गुप्ता, शिवम मिश्रा और अपर जिला शासकीय अधिवक्ता रीतराम राजपूत ने पक्ष रखा। कोर्ट ने सत्यवीर को दोषी ठहराते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई और एक लाख 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। संवाद
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घटना थाना भमौरा की है, जिसकी रिपोर्ट पीड़िता के भाई ने 16 जनवरी वर्ष 2015 को लिखाई थी। रिपोर्ट में कहा गया कि घटना वाले दिन उसकी 16 साल की बहन घर से बाहर गई थई। काफी देर तक वापस न लौटने पर तलाश किया तो पता चला कि गांव का सत्यवीर उसे बहला फुसला कर ले गया है। सत्यवीर को गांव के लोगों ने उसकी बहन को ले जाते देखा। 17 जनवरी वर्ष 2015 को उसकी बहन रामगंगा रेलवे स्टेशन पर पड़ी मिली। उसके दोनों पैर कटे हुए थे। उसको जिला अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल में वादी की बहन ने बताया कि सत्यवीर उसे बुलाकर घर ले गया। वहां से उसे रामगंगा स्टेशन पर जबरदस्ती ट्रेन पर चढ़ाया और फिर चलती ट्रेन से धक्का दे दिया। बाद में इलाज के दौरान पीड़िता की मौत हो गई थी।
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अभियोजन की ओर से इस मामले में कुल पंद्रह गवाह पेश किए गए। अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक सीपी गुप्ता, शिवम मिश्रा और अपर जिला शासकीय अधिवक्ता रीतराम राजपूत ने पक्ष रखा। कोर्ट ने सत्यवीर को दोषी ठहराते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई और एक लाख 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। संवाद
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