{"_id":"6ab2dbfa2f806ae526097b1e","slug":"leopard-trapped-in-a-cage-released-in-the-khutar-range-of-shahjahanpur-bareilly-news-c-4-bly1015-972722-2026-09-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bareilly News: पिंजरे में फंसा तेंदुआ, शाहजहांपुर की खुटार रेंज में छोड़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly News: पिंजरे में फंसा तेंदुआ, शाहजहांपुर की खुटार रेंज में छोड़ा
Wed, 23 Sep 2026 01:20 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Wed, 23 Sep 2026 01:20 AM IST
विज्ञापन
क्योलड़िया/बरेली। वन प्रभाग की नवाबगंज रेंज के तहत क्योलड़िया और आसपास के इलाकों में दो महीने से दहशत फैला रहा एक नर तेंदुआ मंगलवार सुबह अमीरनगर गुलड़ियाई में लगाए गए वन विभाग के पिंजरे में फंस गया। इसके पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। वन विभाग की टीम ने तेंदुए को बरेली होते हुए शाहजहांपुर की खुटार रेंज ले जाकर जंगल में छोड़ दिया।
क्षेत्र में तेंदुए की मौजूदगी सबसे पहले तीन अगस्त को कुंवरपुर तुलसी पट्टी गांव में दर्ज की गई थी। इसने भौआ बाजार में छह बकरों और चार सितंबर को एक पालतू कुत्ते का शिकार किया था। प्रह्लादपुर वैवाही और जागी दांडी के जंगल में लगातार तेंदुए की आवाजाही से दहशत इतनी बढ़ गई थी कि किसानों ने खेतों पर अकेले जाना पूरी तरह बंद कर दिया था। प्रभागीय वन अधिकारी संजीव जौहरी ने बताया कि तेंदुए को बिना किसी जनहानि के पकड़ा गया है। उन्होंने बताया कि करीब तीन से चार साल उम्र का यह तेंदुआ बकरे के लालच में आकर पिंजरे में फंसा। जौहरी के अनुसार, तेंदुए की उम्र करीब तीन से चार साल है।
पिंजरा लगाने और निगरानी
पालतू कुत्ते के शिकार के बाद वन विभाग ने तुरंत अमीरनगर में पिंजरा लगाया। इसकी निगरानी की जिम्मेदारी ग्रामीण प्रताप सिंह को सौंपी गई थी। पिंजरे में बकरे को चारे के रूप में रखा गया था। विभाग का एक कर्मचारी प्रतिदिन बकरे के लिए चारे-पानी की व्यवस्था करता था। वन विभाग ने तेंदुए को पकड़ने के लिए तीन टीमें लगाई थीं, जो आठ-आठ घंटे की शिफ्ट में निगरानी कर रही थीं। प्रभावित गांवों में जागरूकता अभियान चलाकर ग्रामीणों को सतर्क रहने की अपील की गई थी। हालांकि, स्थानीय ग्रामीणों का दावा है कि पकड़ा गया तेंदुआ अकेला नहीं था, बल्कि उसके साथ एक मादा तेंदुआ और दो शावक भी देखे गए थे। ग्रामीणों ने विभाग से क्षेत्र में तलाशी अभियान जारी रखने की मांग की है।
विज्ञापन
गन्ने के खेतों में छुप रहे तेंदुआ
नवाबगंज, बीसलपुर और फरीदपुर तीन रेंज आपस में जुड़े हुए हैं। ऐसे में तेंदुआ तीनों रेंजों में इधर से उधर घूमता रहा और गन्ने के खेतों में छिपता रहा।
वर्जन
अमीरनगर गुलड़ियाई में लगाए पिंजरे में मंगलवार सुबह एक व्यस्क नर तेंदुआ सुरक्षित कैद हुआ है। पशु चिकित्सकों की टीम की ओर से वन्यजीव का स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया है और वह पूरी तरह स्वस्थ है। उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार इस तेंदुए को इसके प्राकृतिक वास में भेजा गया है। यदि क्षेत्र में अन्य वन्यजीवों या मादा तेंदुए के होने की कोई सूचना मिलती है, तो वन विभाग की टीम सतर्क है और कांबिंग जारी रखेगी। - संजीव जौहरी, प्रभारी डीएफओ
विज्ञापन
क्षेत्र में तेंदुए की मौजूदगी सबसे पहले तीन अगस्त को कुंवरपुर तुलसी पट्टी गांव में दर्ज की गई थी। इसने भौआ बाजार में छह बकरों और चार सितंबर को एक पालतू कुत्ते का शिकार किया था। प्रह्लादपुर वैवाही और जागी दांडी के जंगल में लगातार तेंदुए की आवाजाही से दहशत इतनी बढ़ गई थी कि किसानों ने खेतों पर अकेले जाना पूरी तरह बंद कर दिया था। प्रभागीय वन अधिकारी संजीव जौहरी ने बताया कि तेंदुए को बिना किसी जनहानि के पकड़ा गया है। उन्होंने बताया कि करीब तीन से चार साल उम्र का यह तेंदुआ बकरे के लालच में आकर पिंजरे में फंसा। जौहरी के अनुसार, तेंदुए की उम्र करीब तीन से चार साल है।
विज्ञापन
पिंजरा लगाने और निगरानी
पालतू कुत्ते के शिकार के बाद वन विभाग ने तुरंत अमीरनगर में पिंजरा लगाया। इसकी निगरानी की जिम्मेदारी ग्रामीण प्रताप सिंह को सौंपी गई थी। पिंजरे में बकरे को चारे के रूप में रखा गया था। विभाग का एक कर्मचारी प्रतिदिन बकरे के लिए चारे-पानी की व्यवस्था करता था। वन विभाग ने तेंदुए को पकड़ने के लिए तीन टीमें लगाई थीं, जो आठ-आठ घंटे की शिफ्ट में निगरानी कर रही थीं। प्रभावित गांवों में जागरूकता अभियान चलाकर ग्रामीणों को सतर्क रहने की अपील की गई थी। हालांकि, स्थानीय ग्रामीणों का दावा है कि पकड़ा गया तेंदुआ अकेला नहीं था, बल्कि उसके साथ एक मादा तेंदुआ और दो शावक भी देखे गए थे। ग्रामीणों ने विभाग से क्षेत्र में तलाशी अभियान जारी रखने की मांग की है।
विज्ञापन
गन्ने के खेतों में छुप रहे तेंदुआ
नवाबगंज, बीसलपुर और फरीदपुर तीन रेंज आपस में जुड़े हुए हैं। ऐसे में तेंदुआ तीनों रेंजों में इधर से उधर घूमता रहा और गन्ने के खेतों में छिपता रहा।
वर्जन
अमीरनगर गुलड़ियाई में लगाए पिंजरे में मंगलवार सुबह एक व्यस्क नर तेंदुआ सुरक्षित कैद हुआ है। पशु चिकित्सकों की टीम की ओर से वन्यजीव का स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया है और वह पूरी तरह स्वस्थ है। उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार इस तेंदुए को इसके प्राकृतिक वास में भेजा गया है। यदि क्षेत्र में अन्य वन्यजीवों या मादा तेंदुए के होने की कोई सूचना मिलती है, तो वन विभाग की टीम सतर्क है और कांबिंग जारी रखेगी। - संजीव जौहरी, प्रभारी डीएफओ