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तेंदुआ सामने देख महिला के उड़े होश, भागकर बचाई जान
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तेंदुआ के पदचिह्नों को देखते वनकर्मी।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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महिला की चीख सुन पहुंचे ग्रामीणों को देख बहगुल नदी की ओर भागा तेंदुआ
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वन विभाग की टीम ने देखे पगचिह्न, नहीं लगाया पिंजड़ा
हाफिजगंज। बहगुल नदी के किनारे महिला के सामने अचानक तेंदुआ आ गया, जिसे देख महिला के होश उड़ गए। महिला चीखती हुई सड़क की तरफ भागी तो वहां पहुंचे ग्रामीणों को देख तेंदुआ भाग गया। ग्रामीणों की सूचना पर वनकर्मी मौके पर पहुंचे और लाठी डंडे लेकर कांबिंग की, लेकिन तेंदुए के पगचिह्न के अलावा कुछ नहीं दिखा। वहीं मजदूर पर हमले के तीसरे दिन भी वन विभाग की ओर से कोई पुख्ता कार्रवाई न किए जाने से लोगों में रोष पनप रहा है।
बृहस्पतिवार दोपहर खाना खाने घर जा रहे ग्रेम गांव ईंट भट्ठा मजदूर हरपाल को तेंदुए ने हमला कर घायल कर दिया था। हरपाल को गंभीर हालत में नवाबगंज के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। शनिवार सुबह करीब सात बजे राजघाट निवासी कीरतपाल की पत्नी सरस्वती बहगुल नदी के किनारे किसी काम से गई थीं। जहां झाड़ियों में उन्होंने तेंदुआ बैठा देखा। वह वहां से चीखती हुई सड़क की तरफ भाग खड़ी हुईं, जिस पर लोगों की भीड़ दौड़ पड़ी तो तेंदुआ बहगुल नदी की तरफ भाग गया। इसके बाद भयभीत लोगों की सूचना पर वन दरोगा पुष्कर जोशी, अकबर अली टीम के साथ मौके पर पहुंचे और लाठी डंडे लेकर तेंदुए की तलाश की, लेकिन उसका सुराग नहीं लगा। हालांकि कई स्थानों पर उसके पगचिह्न देखे गए। ग्रामीणों का आरोप है कि शनिवार को दोबारा तेंदुआ देखे जाने के बाद से लोग दहशत में हैं, जबकि वन विभाग ने उसे पकड़ने के लिए कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किया है।
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वन विभाग की टीम ने देखे पगचिह्न, नहीं लगाया पिंजड़ा हाफिजगंज। बहगुल नदी के किनारे महिला के सामने अचानक तेंदुआ आ गया, जिसे देख महिला के होश उड़ गए। महिला चीखती हुई सड़क की तरफ भागी तो वहां पहुंचे ग्रामीणों को देख तेंदुआ भाग गया। ग्रामीणों की सूचना पर वनकर्मी मौके पर पहुंचे और लाठी डंडे लेकर कांबिंग की, लेकिन तेंदुए के पगचिह्न के अलावा कुछ नहीं दिखा। वहीं मजदूर पर हमले के तीसरे दिन भी वन विभाग की ओर से कोई पुख्ता कार्रवाई न किए जाने से लोगों में रोष पनप रहा है।
बृहस्पतिवार दोपहर खाना खाने घर जा रहे ग्रेम गांव ईंट भट्ठा मजदूर हरपाल को तेंदुए ने हमला कर घायल कर दिया था। हरपाल को गंभीर हालत में नवाबगंज के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। शनिवार सुबह करीब सात बजे राजघाट निवासी कीरतपाल की पत्नी सरस्वती बहगुल नदी के किनारे किसी काम से गई थीं। जहां झाड़ियों में उन्होंने तेंदुआ बैठा देखा। वह वहां से चीखती हुई सड़क की तरफ भाग खड़ी हुईं, जिस पर लोगों की भीड़ दौड़ पड़ी तो तेंदुआ बहगुल नदी की तरफ भाग गया। इसके बाद भयभीत लोगों की सूचना पर वन दरोगा पुष्कर जोशी, अकबर अली टीम के साथ मौके पर पहुंचे और लाठी डंडे लेकर तेंदुए की तलाश की, लेकिन उसका सुराग नहीं लगा। हालांकि कई स्थानों पर उसके पगचिह्न देखे गए। ग्रामीणों का आरोप है कि शनिवार को दोबारा तेंदुआ देखे जाने के बाद से लोग दहशत में हैं, जबकि वन विभाग ने उसे पकड़ने के लिए कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किया है।
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