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तेंदुए का खौफ.. तमाम गांवों में बच्चों का घर से निकलना बंद
Wed, 30 Sep 2020 02:01 AM IST
बरेली ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
Published by: बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 30 Sep 2020 02:01 AM IST
सार
बच्ची को उठा ले जाने के बाद फैली दहशत, वन विभाग ने लगाया पिंजड़ा
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तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग ने खेत में रखवाया पिंजड़ा।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
विस्तार
शीशगढ़ के बुझिया गांव में कई प्रभागों के वन कर्मचारियों की लगी ड्यूटी
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बरेली। शीशगढ़ के गांव बुझिया में मंगलवार देर शाम तेंदुए के एक बच्ची का शिकार करने के बाद से दहशत फैली हुई है। कई गांवों में बच्चों के घरों से निकलने पर पाबंदी लगा दी गई है। वन विभाग की टीम ने तेंदुए को पकड़ने को पिंजड़ा लगा दिया है। लगातार निगरानी के लिए कई वन प्रभागों के कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगाई गई है। गांव वालों का कहना है कि तेंदुआ कई दिनों से दिखाई दे रहा था लेकिन वन विभाग की टीम ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।
पीलीभीत के जंगल से लगे बुझिया और उसके आसपास गांवों में कई दिनों से तेंदुआ दिखाई देेने से ग्रामीण दहशत में थे। वन विभाग की टीम ने तेंदुआ को पकड़ने के लिए पिजड़ा पहले आमखेड़ा गांव के पास लगाया था लेकिन शीशगढ़ के पास बुझिया में सोमवार की देर शाम तेंदुए ने उपासना नाम की बच्ची को निवाला बना लिया। इससे आसपास के कई गांवों में दहशत का माहौल बना हुआ है। मंगलवार की रात को ही रेंजर रवींद्र सक्सेना वन विभाग की टीम के साथ मौके पर पहुंच गए थे। बरेली से एसडीओ आरबी सिंह ने भी देर रात पहुंचकर घटनास्थल का मुआयना था। मंगलवार को बच्ची का शव बरामद होने के बाद वन विभाग ने आमखेड़ा से पिंजड़ा हटाकर बुझिया गांव में लगा दिया है। इसमें एक बकरे को भी बांधा गया है। यहां पर बरेली के साथ ही मीरगंज, आंवला, फरीदपुर प्रभाग के स्टाफ की टीम बनाकर ड्यूटी लगा दी गई है। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि गांव में टीम डेरा डाले है। जल्द ही तेंदुए को पकड़ लिया जाएगा।
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पीलीभीत के जंगल से लगे बुझिया और उसके आसपास गांवों में कई दिनों से तेंदुआ दिखाई देेने से ग्रामीण दहशत में थे। वन विभाग की टीम ने तेंदुआ को पकड़ने के लिए पिजड़ा पहले आमखेड़ा गांव के पास लगाया था लेकिन शीशगढ़ के पास बुझिया में सोमवार की देर शाम तेंदुए ने उपासना नाम की बच्ची को निवाला बना लिया। इससे आसपास के कई गांवों में दहशत का माहौल बना हुआ है। मंगलवार की रात को ही रेंजर रवींद्र सक्सेना वन विभाग की टीम के साथ मौके पर पहुंच गए थे। बरेली से एसडीओ आरबी सिंह ने भी देर रात पहुंचकर घटनास्थल का मुआयना था। मंगलवार को बच्ची का शव बरामद होने के बाद वन विभाग ने आमखेड़ा से पिंजड़ा हटाकर बुझिया गांव में लगा दिया है। इसमें एक बकरे को भी बांधा गया है। यहां पर बरेली के साथ ही मीरगंज, आंवला, फरीदपुर प्रभाग के स्टाफ की टीम बनाकर ड्यूटी लगा दी गई है। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि गांव में टीम डेरा डाले है। जल्द ही तेंदुए को पकड़ लिया जाएगा।
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बच्ची के परिवार को मिलेगा मुआवजा
बुझिया गांव में तेंदुए का शिकार हुई बच्ची के परिजन को वन विभाग के अधिकारियों ने वन्य जीव अधिनियम के तहत पांच लाख रुपये मुआवजा दिया जाएगा। इसके अलावा दस हजार रुपये अंतिम संस्कार के लिए दिए जाएंगे। एसडीओ आरबी सिंह का कहना है कि इसका प्रस्ताव तैयार कर मुख्यालय को भेज दिया गया है।
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बुझिया गांव पीलीभीत के जंगलों से लगा हुआ है इसीलिए वहां जंगली जानवर आते रहते हैैं। तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग के कर्मचारियों की टीम बना दी गई है। गांव में पिजड़ा भी लगा दिया गया है। - आरबी सिंह, एसडीओ वन विभाग