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Bareilly News: एक साल तक दबाए रखा आर्थिक सहायता का आवेदन, डीएम के आदेश पर लेखपाल निलंबित

Sat, 23 Aug 2025 06:09 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली Published by: बरेली ब्यूरो Updated Sat, 23 Aug 2025 06:09 AM IST
सार

बरेली के नवाबगंज क्षेत्र में लेखपाल की लापरवाही से मृतक के आश्रितों को आर्थिक सहायता नहीं मिल पाई। डीएम शुक्रवार को क्षेत्र में निरीक्षण करने पहुंचे तो पीड़ित ने उनसे शिकायत की। इस पर लेखपाल को निलंबित कर दिया गया।  

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Lekhpal kept the application suppressed for one year suspended in Bareilly
डीएम अविनाश सिंह - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बरेली में सर्पदंश में व्यक्ति की मौत होने के बाद आर्थिक सहायता के लिए पीड़ित परिवार के आवेदन को एक साल तक दबाए रखने वाले लेखपाल धर्मेंद्र को एसडीएम ने निलंबित कर दिया है। उसके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई भी प्रस्तावित की गई है। प्रकरण की जांच के लिए नायब तहसीलदार को नामित किया गया है।

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डीएम अविनाश सिंह ने बताया कि वह शुक्रवार को नवाबगंज तहसील के गांव मधु नगला की गोशाला का निरीक्षण करने गए थे। वहां मिले पीड़ित परिजन ने बताया कि 23 फरवरी 2024 को नोनीराम की सर्पदंश से मौत हो गई थी। उन्होंने मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा योजना के तहत आर्थिक सहायता के लिए आवेदन किया था। 
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पूरा साल बीत गया पर लेखपाल ने रिपोर्ट नहीं लगाई। इस पर डीएम ने मौके पर मौजूद एसडीएम को लेखपाल धर्मेंद्र को निलंबित करने का आदेश दिया। शाम को एसडीएम ने निलंबन आदेश जारी कर दिया। 

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लेखपाल की लापरवाही से वापस आई फाइल 
एसडीएम उदित पवार ने बताया कि लेखपाल की लापरवाही की वजह से आपत्ति लगकर फाइल वापस तहसील आ गई थी। अब आपत्ति निस्तारित कर स्वीकृति के लिए फाइल फिर से जिले पर भेजी है। मृत्यु के छह महीने के अंतराल में आवेदन करने का नियम है। इस आधार पर मृतक नोनीराम के परिजन को आर्थिक सहायता मिलेगी।

लेखपाल पर जानकारी छिपाने का भी आरोप 
एसडीएम उदित पवार ने बताया कि निलंबित लेखपाल धर्मेंद्र वर्तमान में जवेदा जवेदी क्षेत्र में तैनात हैं। तहसीलदार की जांच में पाया गया है कि मधु नगला की गोशाला में व्याप्त अव्यवस्थाओं के संबंध में उसने उच्चाधिकारियों को जानकारी नहीं दी। साथ ही, वह वरासत, जनता दर्शन, संपूर्ण समाधान दिवस एवं आईजीआरएस वाली शिकायतों के निस्तारण में भी लापरवाही बरत रहे थे। अब निलंबन काल में इन्हें तहसील के भूलेख कार्यालय से संबद्ध किया है।

गोशाला में क्षमता से अधिक मिले गोवंश
नवाबगंज क्षेत्र की ग्राम पंचायत मधु नगला की गोशाला में अब तक करीब 19 गोवंशों की मौत हो चुकी है। शुक्रवार को डीएम वहां पहुंचे तो क्षमता से अधिक 67 गोवंश मिले। बीडीओ ने बताया कि गोशाला में 350 पशु रखने की क्षमता है, लेकिन 417 पशु संरक्षित हैं। इसमें 219 गाय और 198 नंदी हैं। डीएम ने एसडीएम को सप्ताह में एक बार गोशाला का अनिवार्य रूप से निरीक्षण करने का निर्देश दिया है। 

डीएम अविनाश सिंह ने बताया कि पशुओं की देखभाल में लापरवाही पाए जाने पर यहां की ग्राम विकास अधिकारी संगीता को निलंबित किया गया था। निरीक्षण के दौरान गोशाला में साफ-सफाई मिली है। गोवंशों को भूसा-हरा चारा भी दिया जा रहा है। पशु स्वस्थ मिले हैं। डीएम ने गायों को गुड़ व चने खिलाए। बीडीओ व प्रधान से गोशाला में सीसी कैमरे लगवाने के लिए भी कहा। 

एसडीएम के निरीक्षण में मिली थी लापरवाही
14 अगस्त को नवाबगंज के एसडीएम उदित पवार के निरीक्षण के दौरान गोशाला के बाहर पनघौली नदी किनारे 17 गोवंश मृत मिले थे। एसडीएम ने जेसीबी बुलाकर उनके शव निस्तारित कराए थे। इसके अलावा गोशाला में दो और पशुओं की मौत हो गई थी। एसडीएम के निरीक्षण के दौरान गोशाला में 418 पशु मिले थे। पांच पशु बीमार भी थे।

गो सेवा आयोग के सदस्य ने देखे हालात 
गो सेवा आयोग के सदस्य रमाकांत उपाध्याय ने शेरगढ़ रोड पर बनी कान्हा गोशाला का शुक्रवार को निरीक्षण किया। हरे चारे की मात्रा बढ़ाने के निर्देश दिए। क्षेत्र के लोगों से जन सहयोग लेकर इसे मॉडल गोशाला बनाने के लिए कहा। 

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