UPSC: सिविल सेवा के लिए 65 लाख की नौकरी छोड़ी, बरेली के आकाश ने छू लिया सफलता का आसमां
बरेली के आकाश गंगवार ने यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा 2025 में 684 रैंक हासिल की है। उन्होंने 65 लाख का पैकेज छोड़कर सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी की थी। उन्होंने तीसरे प्रयास में यह सफलता हासिल की।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बरेली के सुरेश शर्मा नगर निवासी आकाश गंगवार ने तीसरे प्रयास में यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा 2025 में 684 रैंक हासिल की है। आकाश ने 65 लाख रुपये का पैकेज छोड़कर सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की थी। आकाश ने बताया कि आईआईटी कानपुर से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग करने के बाद उन्होंने एक कंपनी में नौकरी की। इसके बाद जोमैटो में सॉफ्टवेयर डेवलपर के पद पर दो साल तक नौकरी की। यहां उनका पैकेज 65 लाख प्रति वर्ष का था। आईएएस बनने की चाह के चलते उन्होंने नौकरी छोड़ने का फैसला किया। मत्स्य विभाग में इंस्पेक्टर पिता के साथ ही परिवार के अन्य सदस्यों ने भी साथ दिया।
आकाश ने बताया कि वह मूल रूप से पीलीभीत के परसिया गांव के निवासी हैं। उन्होंने बताया कि इंटरव्यू में उनके विषय से ही सवाल पूछे गए। सबसे मुश्किल सफर इंटरव्यू का रहा है, क्योंकि इससे पहले भी वह दो बार साक्षात्कार में नाकाम हो गए थे। उन्होंने बताया कि वह एक बार तैयारी करेंगे क्योंकि इस रैंक से अभी संतुष्ट नहीं हैं।
यूपीएससी में 14वीं रैंक प्राप्त करने वाली सुरभि यादव शनिवार को बजरंग एन्क्लेव स्थित घर पहुंचीं। कॉलोनी के गेट से घर तक लोगों ने फूलों की वर्षा करते हुए सुरभि का स्वागत किया। पिता राकेश यादव ने परिचितों को दावत भी दी। यूपीएससी की तैयारी करने वाले कई युवा भी अपने परिजनों के साथ उनसे मिलने पहुंचे। सुरभि ने सफलता का श्रेय माता-पिता को दिया। उन्होंने बताया कि बार-बार असफलताओं के बीच प्रोत्साहन और हौसला बढ़ाने वालों की जरूरत होती है तभी जीवन में कुछ बन सकते हैं।
डीपीएस के पूर्व छात्र वनज विद्यान को मिली 278वीं रैंक
दिल्ली पब्लिक स्कूल के छात्र रहे वनज विद्यान ने संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा 2025 में ऑल इंडिया 278वीं रैंक प्राप्त की है। विद्यालय की प्रधानाचार्य रितु अरोरा ने इस उपलब्धि पर उन्हें बधाई दी।