फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   last day Urs-e-Rajavi Kul Sharif of Ala Hazrat Fazile Barelvi was organized at Islamia Maidan

Urs-e-Razvi 2023: मुफ्ती सलीम बोले- हिंदुस्तानी मुसलमानों के पूर्वज भी मुसलमान, इंग्लैंड से आए अल्लामा फरोग

Tue, 12 Sep 2023 10:05 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, बरेली
अमर उजाला नेटवर्क, बरेली Published by: अनुज कुमार Updated Tue, 12 Sep 2023 10:05 PM IST
सार

Urs-e-Razvi 2023: आज इस्लामिया मैदान पर आला हजरत फाजिले बरेलवी के कुल शरीफ की महफिल सजाई गई। मुफ्ती सलीम ने कहा कि हिंदुस्तानी मुसलमानों के पूर्वज भी मुसलमान हैं। वहीं इंग्लैंड के अल्लामा फरोग ने कहा कि मुसलमानों, नाज करो कि अल्लाह ने तुम्हें हिंद की धरती पर पैदा किया। 

विज्ञापन
last day Urs-e-Rajavi Kul Sharif of Ala Hazrat Fazile Barelvi was organized at Islamia Maidan
उर्स-ए-रजवी का अखिरी दिन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

Urs-e-Razvi 2023: उर्स-ए-रजवी के अखिरी दिन इस्लामिया मैदान पर आला हजरत फाजिले बरेलवी के कुल शरीफ की महफिल सजाई गई। इस मौके पर मुफ्ती सलीम नूरी ने कहा कि हिंदुस्तानी मुसलमानों के पूर्वज भी मुसलमान ही थे। कुछ लोग समाज में बेवजह भ्रम फैला रहे हैं। हम कुरान और हदीस को मानने वाले हैं। हमारा डीएनए हजरत आदम का है। मुसलमान इस मुल्क में किरायेदार नहीं, मालिक की हैसियत से हैं।

विज्ञापन

ये मुल्क जितना गैर मुस्लिमों का है, उतना ही मुसलमानों का भी है। जो जितना सच्चा मुसलमान होगा, वह उतना ही अपने मुल्क के प्रति वफादार होगा। जंग-ए-आजादी में मुसलमानों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था। सियासी पार्टियां अपने फायदे के लिए हिंदू-मुस्लिम के बीच खाई पैदा कर रही हैं। मुसलमान नफरत का जवाब फूलों से दें।

विज्ञापन
विज्ञापन

इंग्लैंड से आए अल्लामा फरोग उल कादरी ने कहा कि यह इल्म का दौर है। मुसलमान अपने बच्चों को आलिम के साथ बैरिस्टर, इंजीनियर और डॉक्टर बनाएं। मुसलमानों तुम नाज करो कि अल्लाह ने तुम्हें हिंद की धरती पर पैदा किया है, जहां आला हजरत की जात है।
 
विज्ञापन

नबीरे आला हजरत सय्यद सैफ मियां ने भी शायराना अंदाज में खिराज पेश किया। नबीरे आला हजरत मुफ्ती अरसलान रजा खान ने कहा कि हर सदी में एक मुजद्दिद पैदा होता है। 14वीं सदी (इस्लामिक कैलेंडर के मुताबिक) के मुजद्दिद इमाम अहमद रजा खान थे। मुंबई से आए मुफ्ती सलमान अजहरी ने कहा कि पूरी दुनिया में नबी करीम पर जान फिदा करने वाली कोई जमात है तो वो बरेलवी जमात है। सुन्नियत की पहचान करनी है तो आला हजरत का नाम लेना होगा।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आला हज़रत के पीरखाने के सज्जादानशीन सय्यद नजीब मियां रहे। सरपरस्ती दरगाह प्रमुख मौलाना सुब्हान रजा खान (सुब्हानी मियां) और सदारत सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन रजा कादरी (अहसन मियां) ने की। संचालन कारी यूसुफ रजा संभली ने किया। महफिल को मुफ्ती कफील हाशमी, मौलाना इंतजार कादरी, मौलाना जाहिद रजा, कारी नेमतुल्लाह, मुफ्ती इमरान हनफी, मौलाना मुख्तार बहेड़वी व कारी सखावत हुसैन ने भी खिताब किया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed