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आखिरी फरियाद... सूदखोरों से मेरे बच्चों की रक्षा करे प्रशासन

Thu, 01 Jul 2021 01:29 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 01 Jul 2021 01:29 AM IST
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Last complaint... the administration should protect my children from usurers
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : pixabay

सुसाइड नोट में जताई आशंका, सारी संपत्ति हड़प लेने की मंशा थी सूदखोरों की
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हेडमास्टर का मौत से पहले का वीडियो वायरल, मोबाइल का डाटा मिला डिलीट

बरेली। हेडमास्टर चंद्रपाल को सूदखोरों ने इस कदर दहशतजदा कर दिया था कि उन्हें जीते जी उनके चंगुल से छूट पाना नामुमकिन लगने लगा था। अपनी सारी संपत्ति हड़प लिए जाने से आशंकित चंद्रपाल ने सुसाइड नोट में बच्चों को हिदायत दी है कि वह उन्हें और पैसे न दें। जितना कर्ज लिया था, उसकी चार गुना रकम वे उन्हेें दे चुके हैं। प्रशासन से भी फरियाद की है कि वह सूदखोरों से उनके बच्चों की रक्षा करे और उन्हें सजा भी जरूर दिलाए।
चंद्रपाल के अंतिम क्षणों का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें वह एक खेत में लेटे दिख रहे हैं। इस वीडियो में उन्होंने कहा है, ‘मुझे लग रहा है कि हार्ट अटैक पड़ने वाला है। मेरा शरीर पसीने से लथपथ है। मेरी जेब में कुछ लोगों के नाम हैं, इन्हें सजा जरूर दिलाना और छोटू को उनके स्कूल में जरूर पढ़ाना।’ चंद्रपाल की बाइक कुछ दूरी पर खड़ी हुई मिली है। उनकी जेब में मौजूद उनके मोबाइल में व्हाट्सएप, कॉल रिकॉर्ड समेत सारा डाटा डिलीट मिला। फोन की गैलरी में एकमात्र वीडियो मृत्यु से कुछ समय पहले ही रिकॉर्ड किया गया था। पुलिस ने बतौर सबूत उसे अपने पास सुरक्षित कर लिया है।
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सबसे खतरनाक कपिल छाबड़ा...

अपने सुसाइड नोट में चंद्रपाल ने लिखा है कि ‘आज 28 जून 2021 को मैं इन लोगों से तंग आकर यह कदम उठा रहा हूं। इसमें सबसे पहले गुड़िया पत्नी हरीश कुमार है जिसकी दुकान रेशमा हॉस्पिटल के पीछे है। दूसरा शास्त्रीनगर निवासी संतोष कुमार उर्फ पप्पू है जिसका ऑफिस ग्रेटर आकाश कॉलोनी के गेट के पास है। इन लोगों से मैंने कुछ कर्ज लिया था, जिसका चार गुना वापस भी कर दिया। फिर भी ये लोग मेरे साइन किए हुए चेक वापस नहीं कर रहे हैं और हर महीने रकम वसूल रहे हैं।’
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उन्होंने सुसाइड नोट में लिखा है कि इन सूदखोरों में सबसे खतरनाक कपिल हौजरी का मालिक कपिल छाबड़ा है। उन्होंने उसे पैसे दिए लेकिन फिर भी वह फोन कराकर उन्हें और उनकी पत्नी को धमकी दिला रहा है। कहता है कि उनके चेक बैंक में लगाकर उन्हें जेल भिजवा देगा। वह पत्नी के साथ उससे मिलने गए तो धमकी दी कि उनकी पत्नी को उठवा लेगा। उसके पास गीता के साइन किए हुए चेक भी हैं।

कर्ज चुकाने को आठ बीघा जमीन और दो प्लॉट बेचे फिर भी नहीं मिली मुक्ति

पिछले साल चंद्रपाल ने बसंत विहार में अपने बच्चों के लिए कपड़े की एक दुकान खोली थी मगर कुछ समय बाद लॉकडाउन लग जाने की वजह से दुकान नहीं चल सकी। दोबारा फिर काम शुरू किया लेकिन फिर लॉकडाउन लग गया और कारोबार बुरी तरह चौपट हो गया। इसके बावजूद सूदखोर उन्हें हर तरह से नोचने पर आमादा थे। कर्ज चुकाने के लिए उन्होंने गांव में आठ बीघा खेत के अलावा बरेली और रामपुर के मिलक में खरीदा गया प्लॉट भी बेच दिया। उनका पैसा भी सूदखोरों की जेब में चला गया लेकिन फिर भी वह उन पर अपना कर्ज बताकर वसूली करते रहे।

धमकी देते थे सूदखोर... तेरी बीवी को उठवा लेंगे साइन कराकर लिए चेक के जरिए कर रहे थे ब्लैकमेल

बरेली। हेड मास्टर चंद्रपाल को कर्ज देते समय सूदखोरों ने उनसे और उनकी पत्नी गीता से कुछ चेक साइन कराकर अपने पास रख लिए थे और उन्हीं के जरिए उन्हें ब्लैकमेल कर रहे थे। चंद्रपाल के सुसाइड नोट में जिक्र है कि चार गुना रकम चुकाने के बाद भी सूदखोर उन्हें चेक के जरिए जेल भिजवा देने और उनकी पत्नी को उठवा लेने की धमकी देते थे।
चंद्रपाल के चचेेरे भाई विजेंद्र पाल ने बताया कि अब पता लगा है कि सूदखोर उन्हें काफी समय से प्रताड़ित कर रहे थे लेकिन उन्होंने परिवार में पहले कभी इसका जिक्र नहीं किया। उन लोगों को यह भी नहीं पता कि उन्होंने कितना कर्ज लिया था और कितने पैसे दे चुके थे। उन्होंने कहा कि सूदखोरों की जितनी भी रकम होती वे दे देते, लेकिन उन्हें इस कदर प्रताड़ित किया गया कि वह खुदकुशी करने को मजबूर हो गए। चंद्रपाल के परिवार में उनकी पत्नी गीता, बीएड में पढ़ रही बेटी दीक्षा, बीएससी सेकेंड ईयर में पढ़ रहा बेटा सूरज और छोटा बेटा राहुल है जो मेरठ के गुरुकुल में पढ़ाई कर रहा है। पत्नी और बेटे का भी कहना है कि सूदखोरों के कर्ज के बारे में चंद्रपाल उन लोगों से कोई बात नहीं करते थे।

बेटे को की वीडियो कॉल... तुम्हें ही संभालना है परिवार

चंद्रपाल को अपने पिता सूरजपाल के स्थान पर मृतक आश्रित कोटे में नौकरी मिली थी। मृत्यु से पहले उन्होंने बेटे सूरज को वीडियो कॉल की थी। बकौल सूरज, वह काफी सदमे में दिख रहे थे। सूरज ने उनसे परेशानी पूछी तो कहा कि अब तुम्हें ही परिवार संभालना है। परिवार में सबका ख्याल रखना, मैं बचूंगा नहीं। इसके बाद उन्होंने फोन काट दिया। उस समय वह गन्ने के खेत में दिख रहे थे।
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