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चार मामलों में वांछित भूमाफिया पंकज मिश्रा गिरफ्तार
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बरेली। इज्जतनगर पुलिस ने शुक्रवार देर रात भूमाफिया पंकज मिश्रा को हिरासत में ले लिया। पंकज के दर्जन भर मामले दर्ज हैं। चार वारंट भी जारी हो चुके हैं। इन्हीं में वो वांछित चल रहा था। इंस्पेक्टर केके वर्मा ने बताया कि शनिवार को उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा।
आशुतोष सिटी निवासी पंकज मिश्रा इलाके का चर्चित भूमाफिया है। जमीनों की खरीद फरोख्त में हेराफेरी, फर्जी कागजात बनवाना, फर्जी लोगों से बैनामा कराकर संपत्ति हड़पने जैसे कई मामले पंकज मिश्रा के खिलाफ शहर के अलग-अलग थानों में दर्ज हैं। जमीन कब्जाने में इतना चर्चित होने के बाद भी पंकज का नाम एंटी भूमाफिया पोर्टल पर नहीं आ सका था। सूत्र बताते हैं कि उसने पुलिस प्रशासन में खासी पैठ बना रखी थी जिसकी वजह से उस पर कार्रवाई में समस्या आ रही थी। रामपुर गार्डन निवासी शशिकांत मोदी ने छह मई 2018 को पंकज मिश्रा समेत चार लोगों के खिलाफ इज्जतनगर थाने में रिपोर्ट कराई थी। इनमें पीयूष मिश्रा, शुक्ला उपनाम का प्राइवेट गनर और गनर का बेटा नामजद थे। जनकल्याण सहकारी आवास समिति लिमिटेड खंडेलवाल नगर की जमीन के मूल नक्शे को बदलकर मूल सदस्यों के प्लाटों पर अवैध कब्जा और दबंगों को फर्जी रजिस्ट्री कराकर खुर्दबुर्द करने का आरोप लगाया गया था।
शशिकांत ने दर्ज कराया था कि वे लोग इस समिति के संस्थापक सदस्य हैं। पंकज मिश्रा ने प्लॉट नंबर 18 का नक्शा बदलकर 11 सितंबर 2015 को रानी देवी के नाम रजिस्ट्री कर दी। जबकि पूर्व में इसकी रजिस्ट्री तत्कालीन सचिव गोवर्धन चतुर्वेदी ने इंदुबाला के नाम कर रखी थी। विरोध करने पर पंकज ने अपने साथियों संग उन लोगों को धमकाया था। वह कॉलोनी में राइफल लेकर उनकी तलाश करता रहा। इन लोगों पर और भी जगह प्लाटों पर कब्जा करने का आरोप लगाया गया। इंस्पेक्टर ने बताया कि चार्जशीट के बाद पंकज के खिलाफ वारंट जारी हो गए थे। वह पुलिस से बचकर घूम रहा था। अब उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।
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आशुतोष सिटी निवासी पंकज मिश्रा इलाके का चर्चित भूमाफिया है। जमीनों की खरीद फरोख्त में हेराफेरी, फर्जी कागजात बनवाना, फर्जी लोगों से बैनामा कराकर संपत्ति हड़पने जैसे कई मामले पंकज मिश्रा के खिलाफ शहर के अलग-अलग थानों में दर्ज हैं। जमीन कब्जाने में इतना चर्चित होने के बाद भी पंकज का नाम एंटी भूमाफिया पोर्टल पर नहीं आ सका था। सूत्र बताते हैं कि उसने पुलिस प्रशासन में खासी पैठ बना रखी थी जिसकी वजह से उस पर कार्रवाई में समस्या आ रही थी। रामपुर गार्डन निवासी शशिकांत मोदी ने छह मई 2018 को पंकज मिश्रा समेत चार लोगों के खिलाफ इज्जतनगर थाने में रिपोर्ट कराई थी। इनमें पीयूष मिश्रा, शुक्ला उपनाम का प्राइवेट गनर और गनर का बेटा नामजद थे। जनकल्याण सहकारी आवास समिति लिमिटेड खंडेलवाल नगर की जमीन के मूल नक्शे को बदलकर मूल सदस्यों के प्लाटों पर अवैध कब्जा और दबंगों को फर्जी रजिस्ट्री कराकर खुर्दबुर्द करने का आरोप लगाया गया था।
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शशिकांत ने दर्ज कराया था कि वे लोग इस समिति के संस्थापक सदस्य हैं। पंकज मिश्रा ने प्लॉट नंबर 18 का नक्शा बदलकर 11 सितंबर 2015 को रानी देवी के नाम रजिस्ट्री कर दी। जबकि पूर्व में इसकी रजिस्ट्री तत्कालीन सचिव गोवर्धन चतुर्वेदी ने इंदुबाला के नाम कर रखी थी। विरोध करने पर पंकज ने अपने साथियों संग उन लोगों को धमकाया था। वह कॉलोनी में राइफल लेकर उनकी तलाश करता रहा। इन लोगों पर और भी जगह प्लाटों पर कब्जा करने का आरोप लगाया गया। इंस्पेक्टर ने बताया कि चार्जशीट के बाद पंकज के खिलाफ वारंट जारी हो गए थे। वह पुलिस से बचकर घूम रहा था। अब उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।
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