{"_id":"644d7ab75361bd8d4c0a0d75","slug":"land-mafia-gang-engaged-in-destroying-hidden-assets-and-changing-ownership-bareilly-news-c-4-bly1015-141222-2023-04-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bareilly News: छिपी संपत्तियां खुर्द-बुर्द करने और मालिकाना हक बदलने में जुटा भूमाफिया गिरोह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly News: छिपी संपत्तियां खुर्द-बुर्द करने और मालिकाना हक बदलने में जुटा भूमाफिया गिरोह
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। मुकदमों से घिरे एलायंस बिल्डर्स के निदेशकों को अब भी मौसम बदलने की उम्मीद है। इस लिहाज से कार्रवाई के दायरे से बची संपत्तियों को खुर्द-बुर्द करने और कंपनियों के मालिकाना हक बदलने का काम तेजी से चल रहा है। हालांकि पुलिस-प्रशासन इनकी हरकतों पर नजर रख रहा है।
सरकारी जमीन और आम लोगों की संपत्तियों को कब्जाने के लिए चर्चित रहे एलायंस बिल्डर्स के निदेशक साल भर से शासन-प्रशासन के निशाने पर हैं। इनके खिलाफ कई मुकदमे दर्ज कर इनका भूमाफिया गिरोह पंंजीकृत किया जा चुका है। गिरोह के सदस्य गिरफ्तारी पर स्टे के सहारे बचे हुए हैं। पहले फेज में इनकी 35 करोड़ की संपत्ति सीज हो चुकी है। दूसरे चरण में 90 करोड़ की संपत्ति जल्द सीज होने जा रही है।
अब ग्रुप के निदेशकों ने पैरोकारों के जरिये कार्रवाई के दायरे से बची संपत्तियों को दूसरों के नाम करने की कवायद शुरू की है। साथ ही मुखौटा कंपनियों में भी स्वामित्व बदलने का काम तेजी से हो रहा है। पुराने कर्मचारियों को फेक पार्टनर के रूप में पेश करने के लिए कागजात तैयार कराए जा रहे हैं। फर्मों के कागजात की जगह बदलने का काम भी अंदरखाने चल रहा है। ऐसा करके भूमाफिया अन्य संपत्तियों और कंपनियों को सीज होने से बचाने में जुटे हैं। इन्हें उम्मीद है कि माहौल बदलते ही सब पहले जैसा हो जाएगा।
विज्ञापन
वर्जन
एलायंस ग्रुप की सभी संपत्तियों का ब्योरा दूसरे जिलों व संस्थाओं से मांगा गया है। उसी के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। तीसरे फेज में भी कार्रवाई की जानी है। केस दर्ज होने के बाद नाम या स्वामित्व बदलने जैसी कोई कार्रवाई होती है तो नई रिपोर्ट दर्ज की जा सकती है। - राहुल भाटी, एसपी सिटी
विज्ञापन
सरकारी जमीन और आम लोगों की संपत्तियों को कब्जाने के लिए चर्चित रहे एलायंस बिल्डर्स के निदेशक साल भर से शासन-प्रशासन के निशाने पर हैं। इनके खिलाफ कई मुकदमे दर्ज कर इनका भूमाफिया गिरोह पंंजीकृत किया जा चुका है। गिरोह के सदस्य गिरफ्तारी पर स्टे के सहारे बचे हुए हैं। पहले फेज में इनकी 35 करोड़ की संपत्ति सीज हो चुकी है। दूसरे चरण में 90 करोड़ की संपत्ति जल्द सीज होने जा रही है।
विज्ञापन
अब ग्रुप के निदेशकों ने पैरोकारों के जरिये कार्रवाई के दायरे से बची संपत्तियों को दूसरों के नाम करने की कवायद शुरू की है। साथ ही मुखौटा कंपनियों में भी स्वामित्व बदलने का काम तेजी से हो रहा है। पुराने कर्मचारियों को फेक पार्टनर के रूप में पेश करने के लिए कागजात तैयार कराए जा रहे हैं। फर्मों के कागजात की जगह बदलने का काम भी अंदरखाने चल रहा है। ऐसा करके भूमाफिया अन्य संपत्तियों और कंपनियों को सीज होने से बचाने में जुटे हैं। इन्हें उम्मीद है कि माहौल बदलते ही सब पहले जैसा हो जाएगा।
विज्ञापन
वर्जन
एलायंस ग्रुप की सभी संपत्तियों का ब्योरा दूसरे जिलों व संस्थाओं से मांगा गया है। उसी के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। तीसरे फेज में भी कार्रवाई की जानी है। केस दर्ज होने के बाद नाम या स्वामित्व बदलने जैसी कोई कार्रवाई होती है तो नई रिपोर्ट दर्ज की जा सकती है। - राहुल भाटी, एसपी सिटी