महिला लेखपाल को जेल: पहली बार में दिया गच्चा, फिर फिल्मी अंदाज में रिश्वत के साथ रंगेहाथ पकड़ी गई
महिला लेखपाल दाखिल खारिज कराने के बदले रिश्वत ले रही थी। पहली बार तलाशी में उसके पर्स से रकम नहीं मिली। वह तहसील से निकलकर ऑटो में बैठी तो टीम के सदस्य भी सवारी की तरह आकर बैठ गए। रास्ते में अपना परिचय देकर दोबारा तलाशी ली। इस दौरान उसकी जैकेट से पांच हजार रुपये बरामद हो गए।
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बरेली में एंटी करप्शन टीम ने लेखपाल सीमा देवी को पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। एक जमीन का दाखिल खारिज कराने के लिए लेखपाल एक व्यक्ति को कई माह से टरका रही थी। सीमा ने 10 हजार रुपये रिश्वत मांगी, सौदा पांच हजार में तय हुआ। यही रकम लेते सीमा को रंगे हाथ पकड़ लिया गया। कोतवाली में उसके खिलाफ रिपोर्ट कराई गई। लेखपाल को जेल भेज दिया गया।
इज्जतनगर थाना क्षेत्र के आलोकनगर निवासी निगम कुमार कुलश्रेष्ठ ने भोजीपुरा के मकरंदपुर में जमीन खरीदी थी। जमीन का दाखिल खारिज कराने के लिए सदर तहसील में तैनात राजस्व लेखपाल सीमा देवी से संपर्क किया तो वह पांच हजार रुपये की रिश्वत मांगने लगी। कहा कि रुपये नहीं दिए तो तुम्हारा काम नहीं हो सकेगा। निगम कुमार ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन से की थी।
टीम ने प्रारंभिक जांच के बाद कमिश्नर से संपर्क किया। वहां से दो अधिकारी गवाह के रूप में लिए। फिर निगम कुमार ने महिला लेखपाल को फोन कर उसकी लोकेशन पूछी और रुपये देने को कहा। इंस्पेक्टर सुनील कुमार की ओर से दर्ज रिपोर्ट के मुताबिक तहसीलदार आवास के पास लेखपाल कक्ष में महिला लेखपाल ने निगम को बुलाया। वहां टीम द्वारा दिए रुपये का लिफाफा निगम कुमार ने लेखपाल को दिया। इसके बाद वह बाहर निकल आए।
निगम कुमार को दिखाकर सीमा देवी ने रुपये अपने पर्स में रखे थे। उनके इशारे पर लेखपाल कक्ष से निकलते ही महिला पुलिसकर्मियों ने लेखपाल सीमा देवी का पर्स चेक किया। इसमें वह रुपये नहीं मिले। तब सिपाहियों ने इसे नियमित चेकिंग बताते हुए जाने को कहा। सीमा कुछ घबरा गई थी।
वह तहसील से निकलकर ऑटो में बैठी तो टीम के सदस्य भी सवारी की तरह आकर बैठ गए। वहां टीम ने परिचय दिया। महिला कर्मियों ने तलाशी ली तो लेखपाल की जैकेट से पांच हजार रुपये रखा लिफाफा मिल गया। पाउडर से हाथ धुलवाने पर वह गुलाबी हो गए। सीमा देवी को कोतवाली लाकर रिपोर्ट कर दी गई। फिर जेल भेज दिया गया।
तीन महीने में तीन गिरफ्तार
जिले की हर तहसील में भ्रष्टाचार चरम पर है। हालात यह हैं कि तीन महीने के अंदर एंटीकरप्शन टीम ने तहसीलों से तीन रिश्वतखोरों को गिरफ्तार किया है। अमीन, कानूनगो और लेखपाल रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े जा चुके हैं। अक्तूबर में टीम ने सदर तहसील से राजस्व अमीन रामजीशरण को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। उन्होंने पंजाबपुरा निवासी याकूब खान को कार्रवाई का डर दिखाकर उनसे पांच हजार रुपये रिश्वत मांगी थी।
कुछ दिन पहले मीरगंज तहसील में कानूनगो श्यामलाल ने तूदाबंदी के नाम पर सात हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। टीम ने कानूनगो को रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया था। शुक्रवार को सदर तहसील में तैनात लेखपाल सीमा देवी को रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया गया।