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Bareilly News: जर्जर भवन में बनी प्रयोगशाला, धूल फांक रहे उपकरण
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बरेली। यूपी बोर्ड की प्रायोगिक परीक्षाएं नौ फरवरी से शुरू होने जा रहीं है, लेकिन कॉलेजों की प्रयोगशालाओं का हाल बेहाल है। कहीं भवन जर्जर हैं तो कहीं उपकरण धूल खा रहे हैं। कई कॉलेजों में लैब का ताला भी नहीं खुल रहा है। इनमें छात्र-छात्राओं से प्रैक्टिकल के नाम पर खानापूर्ति कराई जा रही है। मंगलवार को की गई प्रयोगशाला की पड़ताल में हकीकत सामने आई।
शहर के एसवी इंटर कॉलेज की बात करें तो यहां भौतिक विज्ञान की प्रयोगशाला जर्जर भवन में संचालित की जा रही है। रसायन विज्ञान की प्रयोगशाला में उपकरण व केमिकल की बोतलें धूल खा रही हैं। लैब के अंदर दीवार के सहारे पेड़ की जड़ लिंटर तक जा रही थी। यही हाल जीव विज्ञान की प्रयोगशाला का मिला। यहां पर चारों ओर धूल ही धूल मिली। सारे उपकरण अलमारी में बंद थे। परीक्षा में कुल 78 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल होंगे। वहां मौजूद प्रवक्ता प्रेमपाल ने बताया कि स्कूल में नई कक्षा बनाए जाने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जा चुका है और इसके लिए अनुमति भी मिल गई है। अब नए सत्र नई लैब बनाई जाएगी।
बरेली इंटर कॉलेज की प्रयोगशाला के कमरे को कक्षा में बदलकर बच्चों को पढ़ाया जा रहा है। प्रयोगशाला को कक्षा से लगे हुए गैलरी नुमा कमरे में शिफ्ट कर दिया गया है। स्कूल प्रधानाचार्य राजीव शर्मा ने बताया कि स्ववित्त पोषित होने के कारण संसाधनों की कमी है और स्कूल में 16 ही कमरे बने हुए हैं। जल्द ही विधायक निधि से बने कमरे में प्रयोगशाला बनाई जाएंगी।
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एफआर इस्लामिया है सभी के लिए मॉडल
सहायता प्राप्त विद्यालयों में एफआर इस्लामिया इंटर कॉलेज की प्रयोगशाला सभी के लिए उदाहरण है। आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित यहां की विज्ञान प्रयोगशाला काफी अलग है। यहां पर सारे उपकरण बेहतर ढंग से रखे हुए मिले। जीव विज्ञान की लैब भी बेहतर है। इसमें परीक्षा के लिए 571 विद्यार्थी पहुंचेंगे। इसमें रसायन और भौतिक विज्ञान के 336 व जीव विज्ञान के होने वाली परीक्षा के लिए 235 विद्यार्थी शामिल होंगे। संवाद
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शहर के एसवी इंटर कॉलेज की बात करें तो यहां भौतिक विज्ञान की प्रयोगशाला जर्जर भवन में संचालित की जा रही है। रसायन विज्ञान की प्रयोगशाला में उपकरण व केमिकल की बोतलें धूल खा रही हैं। लैब के अंदर दीवार के सहारे पेड़ की जड़ लिंटर तक जा रही थी। यही हाल जीव विज्ञान की प्रयोगशाला का मिला। यहां पर चारों ओर धूल ही धूल मिली। सारे उपकरण अलमारी में बंद थे। परीक्षा में कुल 78 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल होंगे। वहां मौजूद प्रवक्ता प्रेमपाल ने बताया कि स्कूल में नई कक्षा बनाए जाने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जा चुका है और इसके लिए अनुमति भी मिल गई है। अब नए सत्र नई लैब बनाई जाएगी।
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बरेली इंटर कॉलेज की प्रयोगशाला के कमरे को कक्षा में बदलकर बच्चों को पढ़ाया जा रहा है। प्रयोगशाला को कक्षा से लगे हुए गैलरी नुमा कमरे में शिफ्ट कर दिया गया है। स्कूल प्रधानाचार्य राजीव शर्मा ने बताया कि स्ववित्त पोषित होने के कारण संसाधनों की कमी है और स्कूल में 16 ही कमरे बने हुए हैं। जल्द ही विधायक निधि से बने कमरे में प्रयोगशाला बनाई जाएंगी।
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एफआर इस्लामिया है सभी के लिए मॉडल
सहायता प्राप्त विद्यालयों में एफआर इस्लामिया इंटर कॉलेज की प्रयोगशाला सभी के लिए उदाहरण है। आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित यहां की विज्ञान प्रयोगशाला काफी अलग है। यहां पर सारे उपकरण बेहतर ढंग से रखे हुए मिले। जीव विज्ञान की लैब भी बेहतर है। इसमें परीक्षा के लिए 571 विद्यार्थी पहुंचेंगे। इसमें रसायन और भौतिक विज्ञान के 336 व जीव विज्ञान के होने वाली परीक्षा के लिए 235 विद्यार्थी शामिल होंगे। संवाद