{"_id":"66e0067cbc0aa1baaaeaeef57acbe67b","slug":"labor-room-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"लेबर रूम से कुत्ता ले गया नवजात कन्या का शव ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लेबर रूम से कुत्ता ले गया नवजात कन्या का शव
बरेली
Updated Fri, 02 Oct 2015 01:25 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। भमौरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लापरवाही की हद हो गई। यहां प्रसव कक्ष (लेबर रूम) क ेअंदर टब में रखे नवजात कन्या के शव को कुत्ता घसीटते हुए बाहर ले आया। जहां पर और भी कुत्ते शव को नोचकर खाने लगे। यह हाल वहां से निकल रहे लोगाें ने देखा तो उन्होंने कुत्तों को भगाया और क्षत विक्षित शव अस्पताल कर्मियों को सौंप दिया। क्षत विक्षित शव को देखकर वहां मौजूद परिजनों नेे हंगामा काटा और उच्च अधिकारियों से शिकायत की। यह जानकारी सीएमओ को हुई तो उन्होंने जांच टीम गठित कर दी । जो कि शुक्रवार को भमौरा पहुंचकर जांच करके सीएमओ को रिपोर्ट सौंपेगी।
गांव हररामपुर के रहने वाले छत्रपाल की पत्नी नीतू मंगलवार की रात सीएचसी में भर्ती हुई थी। इसे पांच माह का गर्भ था। दिसंबर में इसके प्रसव की तिथि तय थी। बुधवार की रात तीन बजे अचानक तबियत खराब हुई तो आपरेशन किया गया। डाक्टरों के अनुसार महिला का बच्चा पेट में ही मर चुका था। यह नवजात कन्या थी। अस्पताल कर्मियों ने बच्ची के शव को कपड़े में लपेट कर महिला के बिस्तर के नीचे टब में रख दिया था। अस्पताल के स्टाफ की लापरवाही के कारण कुत्ता लेबर रूप में घुस गया और शव को प्रसव कक्ष से घसीटकर बाहर ले गया। यहां पहले से मौजूद और कुत्तों ने भी शव को नोचकर क्षति विक्षित कर दिया। उसी समय वहां खड़े लोगों की नजर क्षत विक्षित शव पर पड़ी। उन्हाेंने कुत्ताें को भगाया और शव अस्पताल कर्मियों के हवाले किया। चिकित्सक ाें का कहना है कि शव पिता छात्रपाल को सौंप दिया है।
वर्जन--
‘सीएचसी पर स्टॉफ कम है। रात तीन बजे समय से पहले मरी हुई बच्ची पैदा हुई थी। जबकि उसकी डिलीवरी डेट दिसंबर थी। लेबर रूम में घुसकर कुत्ता नवजात बच्ची का शव बाहर कैसे ले गया। यह जांच का विषय है। शुक्रवार को जांच रिपोर्ट आने के बाद इसमें दोषी कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।’
विज्ञापन
डॉ. मनोज शुक्ला, जांच अधिकारी , एसीएमओ
विज्ञापन
गांव हररामपुर के रहने वाले छत्रपाल की पत्नी नीतू मंगलवार की रात सीएचसी में भर्ती हुई थी। इसे पांच माह का गर्भ था। दिसंबर में इसके प्रसव की तिथि तय थी। बुधवार की रात तीन बजे अचानक तबियत खराब हुई तो आपरेशन किया गया। डाक्टरों के अनुसार महिला का बच्चा पेट में ही मर चुका था। यह नवजात कन्या थी। अस्पताल कर्मियों ने बच्ची के शव को कपड़े में लपेट कर महिला के बिस्तर के नीचे टब में रख दिया था। अस्पताल के स्टाफ की लापरवाही के कारण कुत्ता लेबर रूप में घुस गया और शव को प्रसव कक्ष से घसीटकर बाहर ले गया। यहां पहले से मौजूद और कुत्तों ने भी शव को नोचकर क्षति विक्षित कर दिया। उसी समय वहां खड़े लोगों की नजर क्षत विक्षित शव पर पड़ी। उन्हाेंने कुत्ताें को भगाया और शव अस्पताल कर्मियों के हवाले किया। चिकित्सक ाें का कहना है कि शव पिता छात्रपाल को सौंप दिया है।
विज्ञापन
वर्जन--
‘सीएचसी पर स्टॉफ कम है। रात तीन बजे समय से पहले मरी हुई बच्ची पैदा हुई थी। जबकि उसकी डिलीवरी डेट दिसंबर थी। लेबर रूम में घुसकर कुत्ता नवजात बच्ची का शव बाहर कैसे ले गया। यह जांच का विषय है। शुक्रवार को जांच रिपोर्ट आने के बाद इसमें दोषी कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।’
विज्ञापन
डॉ. मनोज शुक्ला, जांच अधिकारी , एसीएमओ