बरेली में श्रम विभाग ने नौ किशोर श्रमिक कार्य मुक्त कराए
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बच्चों से काम लेने वाले सेवायोजकों के विरुद्ध की कार्रवाई
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चंदन नगर, किला रोड, कर्मचारी नगर में चला अभियान
बरेली। सोमवार को श्रम विभाग ने शहर में बालश्रम उन्मूलन एवं रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। इस दौरान नौ किशोर श्रमिकों को कार्य मुक्त कराया गया। साथ ही बच्चों से काम लेने वाले सेवायोजकों के विरुद्ध कार्रवाई की गई।
श्रमायुक्त के निर्देश पर प्रदेश में बालश्रम उन्मूलन एवं रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। इसी क्रम में सोमवार को श्रम विभाग की टीम ने चंदन नगर, किला रोड, मिनी बाईपास, कर्मचारी नगर, नगरिया परीक्षित, अभ्यापुर, दोहना स्टेशन, भोजीपुरा रोड पर स्थित ढाबों, कैंटीन, ऑटो गैराज, मैकेनिक शॉप आदि स्थानों पर छापा मारा।
इस दौरान टीम ने कुल नौ किशोरों को सेवायोजकों द्वारा कराए जा रहे कार्य से मुक्त कराया। श्रम प्रवर्तन अधिकारी आरके चतुर्वेदी ने सेवायोजकों को बताया कि नाबालिगों से कार्य कराया जाना दंडनीय अपराध है। दोषी पाए जाने पर सेवायोजक को दो वर्ष की सजा या 50 हजार रुपये जुर्माना या फिर दोनों से दंडित किया जा सकता है। गैर खतरनाक प्रक्रिया के अंतर्गत दोषी पाए जाने पर सेवायोजक को एक माह की सजा या दस हजार रुपये जुर्माना या दोनों से दंडित किया जा सकता है। यदि कोई माता-पिता भी अपने बच्चों को व्यवसायिक कार्य में संलग्न करेगा तो उनके विरुद्ध भी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। रेस्क्यू अभियान में श्रम प्रवर्तन अधिकारी बीराम के अलावा नया सवेरा योजना व यूनिसेफ से टीआरपी जीशान अंसारी मौजूद रहे।
सभी जनपदवासियों से अनुरोध है कि 18 वर्ष से कम उम्र के बालकों या किशोरों से व्यावसायिक काम कतई न लें। उनकी स्कूल जाने में मदद करें। अगर कहीं कोई सेवायोजक बालकों या किशोरों से काम ले रहा है तो श्रम विभाग को अवश्य सूचित करें।
- दिव्य प्रताप सिंह, उप श्रमायुक्त, बरेली क्षेत्र बरेली