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Bareilly News: दरगाह पर हुआ आला हजरत का कुल, अवाम की खुशहाली के लिए मांगी दुआ
Mon, 10 Aug 2026 01:17 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Mon, 10 Aug 2026 01:17 AM IST
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बरेली। इस्लामी माह सफर के चांद की मूल तारीख के लिहाज के रविवार को दरगाह पर आला हजरत इमाम अहमद रजा खां फाजिले बरेलवी के कुल शरीफ की रस्म अदा की गई। दरगाह प्रमुख मौलाना सुब्हानी मियां की सरपरस्ती व सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन मियां की सदारत में सुबह 11 बजे मजार शरीफ पर रस्म-ए-कुल की महफिल सजाई गई। फातेहा के बाद अहसन मियां ने मुल्क व अवाम की खुशहाली के लिए दुआ की।
इस बार कांवड़ यात्रा के लिहाज से उर्स की तारीख को पहले कर दिया गया। पहले यह आठ, नौ, दस अगस्त को होना था। 29 के चांद की तस्दीक होने के बाद इसे सात, आठ और नौ अगस्त कर दिया गया था। अंत में रविवार को कांवड़ यात्राओं के मद्देनजर छह, सात और आठ अगस्त की तारीख तय की गई। इसमें मूल दिन छूट गया था। इसी लिहाज से रविवार को आला हजरत की पुण्यतिथि के मुताबिक कुल की रस्म अदायगी की गई।
आला हजरत ट्रस्ट की ओर से सौदागरान स्थित काशना-ए-नूरी पर उर्स मनाया गया। ट्रस्ट के अध्यक्ष मोहताशिम रजा खान ने कुरान के हवाले से पढ़ाई पर जोर दिया। कहा कि कलम की स्याही से जो रोशनी निकलती है, वह आने वाली कई पुश्तों को रोशन कर देती है। दोपहर में कुल शरीफ की रस्म अदा की गई। दुआ और सलातो सलाम के बाद तबर्रुकात की जियारत की गई। इस दौरान जकवान रजा खान, हय्यान रजा खान, सैयद समीर शाहिद, सैयद असद अली मौजूद रहे।
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उर्स की कामयाबी पर टीटीएस की टीम ने सैयद आसिफ मियां के नेतृत्व में दरगाह पर गुलपोशी व फातेहा ख्वानी कर दुआ की। मुस्लिम एजुकेशनल वेलफेयर ट्रस्ट के अध्यक्ष अकील अहमद नूरी की ओर से आला हजरत की मजार शरीफ पर चादर पेश की गई। दरगाह शाहदाना वली पर भी आला हजरत के कुल की रस्म अदा की गई। इस मौके पर मौलाना अलाउद्दीन नूरी, मौलाना जिक्रुल्लाह, मुतवल्ली अब्दुल वाजिद खां नूरी, वसी अहमद वारसी आदि मौजूद रहे।
जन्म स्थान पर भी मनाया गया उर्स
दावत-ए-इस्लामी इंडिया की तरफ से जखीरा स्थित आला हजरत के जन्म स्थान वाले घर पर भी उर्स मनाया गया। जमात रजा मुस्तफा के मोइन खान व आशिकान-ए-आला हजरत ने शिरकत कर फातिहा ख्वानी की और दुआएं मांगी। आखिर में सलात-ओ-सलाम पेश किया गया।
काजी-ए-हिंदुस्तान से हुए मुरीद
उर्स-ए-रजवी में शिरकत करने आए अकीदतमंद काजी-ए-हिंदुस्तान मुफ्ती असजद रजा कादरी से मुरीद हुए। उर्स प्रभारी सलमान मियां ने बताया कि जायरीन नम आंखों के साथ दरगाह पर सलामी देकर अपने घरों के लिए रवाना हुए। जमात रजा मुस्तफा के महासचिव फरमान मियां ने पुलिस-प्रशासन व सहयोगियों का शुक्रिया अदा किया।
विदा हुए जायरीन
कुल शरीफ के बाद शनिवार को अधिकतर जायरीन अपने घरों के लिए रवाना हो गए थे। वापसी का सिलसिला रविवार को भी जारी रहा। दरगाह के मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी ने बताया कि उर्स में आए जायरीन ने दरगाह प्रमुख और सज्जादानशीन से मुरीद हो कर सिलसिले में दाखिल हुए। इसके अलावा काफी लोगों ने मुलाकात की और दुआएं लीं। कुल के बाद दरगाह पर सलामी देकर अपने घर के लिए रवाना हो गए।
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इस बार कांवड़ यात्रा के लिहाज से उर्स की तारीख को पहले कर दिया गया। पहले यह आठ, नौ, दस अगस्त को होना था। 29 के चांद की तस्दीक होने के बाद इसे सात, आठ और नौ अगस्त कर दिया गया था। अंत में रविवार को कांवड़ यात्राओं के मद्देनजर छह, सात और आठ अगस्त की तारीख तय की गई। इसमें मूल दिन छूट गया था। इसी लिहाज से रविवार को आला हजरत की पुण्यतिथि के मुताबिक कुल की रस्म अदायगी की गई।
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आला हजरत ट्रस्ट की ओर से सौदागरान स्थित काशना-ए-नूरी पर उर्स मनाया गया। ट्रस्ट के अध्यक्ष मोहताशिम रजा खान ने कुरान के हवाले से पढ़ाई पर जोर दिया। कहा कि कलम की स्याही से जो रोशनी निकलती है, वह आने वाली कई पुश्तों को रोशन कर देती है। दोपहर में कुल शरीफ की रस्म अदा की गई। दुआ और सलातो सलाम के बाद तबर्रुकात की जियारत की गई। इस दौरान जकवान रजा खान, हय्यान रजा खान, सैयद समीर शाहिद, सैयद असद अली मौजूद रहे।
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उर्स की कामयाबी पर टीटीएस की टीम ने सैयद आसिफ मियां के नेतृत्व में दरगाह पर गुलपोशी व फातेहा ख्वानी कर दुआ की। मुस्लिम एजुकेशनल वेलफेयर ट्रस्ट के अध्यक्ष अकील अहमद नूरी की ओर से आला हजरत की मजार शरीफ पर चादर पेश की गई। दरगाह शाहदाना वली पर भी आला हजरत के कुल की रस्म अदा की गई। इस मौके पर मौलाना अलाउद्दीन नूरी, मौलाना जिक्रुल्लाह, मुतवल्ली अब्दुल वाजिद खां नूरी, वसी अहमद वारसी आदि मौजूद रहे।
जन्म स्थान पर भी मनाया गया उर्स
दावत-ए-इस्लामी इंडिया की तरफ से जखीरा स्थित आला हजरत के जन्म स्थान वाले घर पर भी उर्स मनाया गया। जमात रजा मुस्तफा के मोइन खान व आशिकान-ए-आला हजरत ने शिरकत कर फातिहा ख्वानी की और दुआएं मांगी। आखिर में सलात-ओ-सलाम पेश किया गया।
काजी-ए-हिंदुस्तान से हुए मुरीद
उर्स-ए-रजवी में शिरकत करने आए अकीदतमंद काजी-ए-हिंदुस्तान मुफ्ती असजद रजा कादरी से मुरीद हुए। उर्स प्रभारी सलमान मियां ने बताया कि जायरीन नम आंखों के साथ दरगाह पर सलामी देकर अपने घरों के लिए रवाना हुए। जमात रजा मुस्तफा के महासचिव फरमान मियां ने पुलिस-प्रशासन व सहयोगियों का शुक्रिया अदा किया।
विदा हुए जायरीन
कुल शरीफ के बाद शनिवार को अधिकतर जायरीन अपने घरों के लिए रवाना हो गए थे। वापसी का सिलसिला रविवार को भी जारी रहा। दरगाह के मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी ने बताया कि उर्स में आए जायरीन ने दरगाह प्रमुख और सज्जादानशीन से मुरीद हो कर सिलसिले में दाखिल हुए। इसके अलावा काफी लोगों ने मुलाकात की और दुआएं लीं। कुल के बाद दरगाह पर सलामी देकर अपने घर के लिए रवाना हो गए।