किटी पार्टी, सैर-सपाटा भूल बागवानी में जुटे युवा
लॉकडाउन में मालियों को हटाकर खुद कर रहे पौधों की देखभाल
रामपुर बाग निवासी सत्यम अग्रवाल कारोबारी हैं। कोरोना कॉल में उनका कामकाज अस्त व्यस्त हो गया है। काफी समय से बाहर जाना भी नहीं हुआ है। ज्यादातर समय घर में ही बिता रहे हैं। ऑनलाइन कामकाज के साथ पत्नी कविता के साथ अपने लॉन में पेड़-पौधों की देखभाल में जुटे रहते हैं। ऐसे में वक्त का पता ही नहीं चलता। उन्होंने बताया कि कभी सोचा भी नहीं था कि बागवानी से इतना सुकून मिलता है। कविता ने बताया कि किटी पार्टियों से ज्यादा अच्छा पौधों की सेवा करके लग रहा है।
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राजेंद्रनगर निवासी विनय कुमार ने बताया कि उन्हें बागवानी का शौक पहले से है। उन्होंने अपने घर को खास पेड़-पौधों से सजाया है, लेकिन उन्हें अंदाजा नहीं था कि कोरोना काल में इतना समय मिल जाएगा कि वे खुद पेड़-पौधों की सेवा भी कर पाएंगे। उन्होंने बताया अब तक माली काम करता था, लेकिन अब वह खुद पत्नी प्रियंका और अन्य परिवार के अन्य सदस्यों के साथ लॉन में समय बिताते हैं। उन्होंने बताया सैर सपाटा तो बंद ही कर दिया है।
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भरतौल निवासी वीना पांडे कोचिंग करती हैं। इन दिनों कोरोना काल में कोचिंग, स्कूल सब बंद है। ऑनलाइन पढ़ाई हो रही है, इसलिए घर पर ज्यादा समय मिल जाता है। उन्होंने बताया कि घर में तमाम किस्म के पेड़-पौधे लगे हैं। पहले माली काम करता था, लेकिन कोरोना संक्रमण बढ़ने पर उसे मना कर दिया। गया है। अब सारा काम वह खुद ही संभाल रही हैं, इससे उन्हें काफी सुकून भी मिलता है।