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बुलडोजर कोर्ट बन गया है : मेधा पाटकर
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नर्मदा बचाओ आंदोलन की मेधा पाटकर
- फोटो : LAKHIMPUR
लखीमपुर खीरी। यूपी के संदर्भ में सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर ने कहा कि वर्तमान दौर में बुलडोजर कोर्ट बन गया। वह बृहस्पतिवार को संयुक्त किसान मोर्चा के धरने में शामिल हुईं और केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी की बर्खास्तगी की मांग की।
उन्होंने कहा कि पिछले साल तीन अक्तूबर को तिकुनिया में किसान अहिंसक प्रदर्शन कर रहे थे, जिसमें से चार किसानों को मार डाला गया। अहिंसक आंदोलन पर हिंसक हमला करना भाजपा शासन की विशेषता है। सभी को हिंसा का विरोध करना चाहिए। जनता के बीच जाकर आंदोलन को धार देना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि किसानों के लिये यह सरकार काफी बुरी साबित हुई है। किसानों के साथ सिर्फ छलावा किया है। पिछले साल किसान बीमा कंपनियों ने 40 हजार करोड़ रुपये कमाए हैं, जिनके कर्ज को भी माफ कर दिया गया। किसानों को सरकार ने कोई राहत नहीं दी है।
नर्मदा बचाओ आंदोलन की प्रमुख नेता मेधा पाटकर ने बताया कि वह दो दिन से लखीमपुर में हैं। आगे वह शामिल नहीं हो सकेंगी। नर्मदा बचाओ आंदोलन के 37 साल पूरे हुए हैं, जिसको लेकर मध्य प्रदेश में कार्यक्रम हैं। वहीं एक बांध भी टूट गया है। 11 गांवों को खतरा पैदा हो गया है। ऐसे में उनका एमपी में जाना बहुत जरूरी है।
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उन्होंने कहा कि पिछले साल तीन अक्तूबर को तिकुनिया में किसान अहिंसक प्रदर्शन कर रहे थे, जिसमें से चार किसानों को मार डाला गया। अहिंसक आंदोलन पर हिंसक हमला करना भाजपा शासन की विशेषता है। सभी को हिंसा का विरोध करना चाहिए। जनता के बीच जाकर आंदोलन को धार देना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि किसानों के लिये यह सरकार काफी बुरी साबित हुई है। किसानों के साथ सिर्फ छलावा किया है। पिछले साल किसान बीमा कंपनियों ने 40 हजार करोड़ रुपये कमाए हैं, जिनके कर्ज को भी माफ कर दिया गया। किसानों को सरकार ने कोई राहत नहीं दी है।
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नर्मदा बचाओ आंदोलन की प्रमुख नेता मेधा पाटकर ने बताया कि वह दो दिन से लखीमपुर में हैं। आगे वह शामिल नहीं हो सकेंगी। नर्मदा बचाओ आंदोलन के 37 साल पूरे हुए हैं, जिसको लेकर मध्य प्रदेश में कार्यक्रम हैं। वहीं एक बांध भी टूट गया है। 11 गांवों को खतरा पैदा हो गया है। ऐसे में उनका एमपी में जाना बहुत जरूरी है।
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