बरेली में नौ और किसानों ने दम तोड़ा
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बरेली जिले के फरीदपुर के भिटौरा गांव का 30 साल का विकास साढ़े सात बीघा गेहूं की बर्बादी का सदमा बर्दाश्त नहीं कर पाया। उसने खेत में ही फांसी लगाकर जान दे दी। उसकी बहन की 30 अप्रैल को शादी होनी है। सदर तहसील के ताल गोंटिया के 50 साल के गणेश राम उर्फ छोटे को खेत में काम करते समय हार्टअटैक पड़ गया और उसने मौके पर दम तोड़ दिया। आंवला के गैनी गांव में सहायक डाकपाल श्यामवीर सिंह फसल बर्बादी और कर्ज का दबाव नहीं झेल पाया। सदमे से उसकी मौत हो गई। बहेड़ी के रजपुरा गांव के 60 साल के बिहारी लाल ने सोमवार देर शाम सदमे में दम तोड़ा। ग्वारी के 62 वर्षीय हेमराज मंगलवार को दोपहर बाद खेत पर गेहूं देखने के लिए गए थे। घर लौटने पर बिस्तर पर लेटे तो उठ नहीं सके। उन पर एसबीआई का कर्ज था। देवरनियां के इमरती गांव का नत्थू लाल देवरनियां ग्रामीण बैंक से लिए 80 हजार लोन को नहीं चुका पाया था। बिल जमा न कर पाने पर बिजली विभाग ने पचास हजार रुपये की आरसी काट दी थी। अब फसल की बर्बादी ने उसे परेशान कर दिया था। मंगलवार दोपहर उसने दम तोड़ दिया। सीबीगंज के बोहित गांव के 48 साल के देवेंद्र श्रीवास्तव की भी मंगलवार को सदमे से मौत हो गई। उनकी साढ़े तीन बीघा जमीन बर्बाद हो गई थी। भोजीपुरा के दभौरा खंजनपुर गांव में 70 साल के अनोखे लाल ने भी सदमे से दम तोड़ दिया। उन्होंने एसबीआई से 70 हजार का लोन लिया था। हालांकि राजस्व निरीक्षक ने उनकी फसल के नुकसान से इन्कार किया है। अलीगंज के सूदनपुर गांव के 62 साल के बाबू राम ने भी12 बीघा जमीन में फसल बर्बाद होने के सदमे में दम तोड़ दिया।
पीलीभीत में मंगलवार को गांव अभयपुर जमीमा जगतपुर निवासी 55 वर्षीय रामसहाय, गांव रंपुरा निवासी 58 वर्षीय कृष्णपाल गंगवार, गांव लिलहर निवासी 62 वर्षीय हरनाथ सिंह व भदेनकंजा निवासी 60 वर्षीय ओमप्रकाश की मौत हो गई। चारों किसान फसल की बर्बादी से सदमें में आ गए थे। शाहजहांपुर जिले के गांव ढकिया तिवारी गांव निवासी 70 वर्षीय रामभरोसे की सोमवार की रात फसल नष्ट होने के सदमे से मौत हो गई है। इसी दौरान बदायूं जिले के ग्राम रिसौली में 63 वर्षीय किसान सत्यपाल की भी सदमे से मौत हो गई।