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मंडल में सात और किसानों ने दम तोड़ा
बरेली
Updated Fri, 10 Apr 2015 01:42 AM IST
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फसल की बर्बादी के जख्मों ने किसानों के दिल छलनी कर दिए हैं। बरेली मंडल में बुधवार रात से गुरुवार शाम तक एक महिला समेत सात किसानों की सदमे से मौत हो गई। इनमें बरेली के तीन, शाहजहांपुर के दो और पीलीभीत-बदायूं का एक-एक किसान शामिल है। इसी दौरान मुरादाबाद मंडल में भी छह किसानों की जान चली गई। सूबे में पिछले 24 घंटों के दौरान सदमे से 33 किसानों की मौत हो गई जबकि दो ने खुद को आग लगाकर आत्महत्या कर ली।
बरेली जिले में दुनका के धनेली उर्फ धल्लिया गांव की 55 वर्षीय महिला किसान नसीबन को खेत में ही हार्ट अटैक पड़ा और बाद में उनकी मौत हो गई। इसी इलाके के सहौर गांव में बृहस्पतिवार शाम 52 वर्षीय हरचरन लाल को पत्नी भगवान के साथ गेहूं काटते समय चक्कर आया। गश खाकर गिरने के कुछ देर बाद उनकी मौत हो गई। बिथरीचैनपुर ब्लाक के लहिया गांव में पचास वर्षीय किसान दयाराम बृहस्पतिवार को खेत में फसल काट कर लौटने के बाद दिल का दौरा पड़ा और उनकी सांसें थम गईं।
उधर, शाहजहांपुर जिले के निगोही क्षेत्र के गांव ढकिया तिवारी में पहले से कर्ज में डूबे 55 वर्षीय सुंदर लाल फसली नुकसान का सदमा बर्दाश्त नहीं कर सके। घर लौटकर बिस्तर पकड़ा तो फिर उठ नहीं सके। रात में ही उनकी मौत हो गई। खुदागंज क्षेत्र के गांव जलालपुर में 34 साल के अरबाज खां उर्फ चन्नू ने एक एकड़ खेत में सिर्फ दो क्विंटल गेहूं हाथ लगा देख गेहूं के ढेर पर ही गिरकर दम तोड़ दिया। पीलीभीत में सिमरिया ताल्लुके के अजीतपुर बिल्हा निवासी 50 वर्षीय किसान कालीचरन की मौत हो गई। वहीं बदायूं जिले के बिसौली क्षेत्र स्थित दबतोरी गांव निवासी ऐजाज अहमद (70 वर्ष) मंगलवार की शाम फसल देखने खेत पर गए थे। फसल देखकर उनके सीने में तेज दर्द हुआ। बरेली के एक निजी अस्पताल में गुरुवार देर शाम इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
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बृहस्पतिवार को मुरादाबाद मंडल में भी छह किसानों की जान चली गई। यह सभी फसल देखने खेत पर गए और तबीयत बिगड़ गई। अमरोहा में एक युवा किसान को दिल का दौरा पड़ गया था और मौत हो गई। जिले में एक और किसान ने दम तोड़ दिया। मुरादाबाद में चालीस वर्षीय महिला किसान की जान चली गई, इसी जिले के कुंदरकी क्षेत्र का किसान भी सदमे के भेंट चढ़ गया। रामपुर और संभल में भी एक-एक किसान की मौत बृहस्पतिवार को हुई।
उधर, हमीरपुर में पांच, बांदा, बुलंदशहर और कानपुर में दो-दो, फतेहपुर, महोबा, आगरा, शामली, मैनपुरी, अलीगढ़, हाथरस में भी एक-किसान सदमे से चल बसा। बुधवार की रात कर्ज के बोझ से दबे झांसी और ललितपुर में एक-एक किसान ने आग लगाकर जान दे दी।
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बरेली जिले में दुनका के धनेली उर्फ धल्लिया गांव की 55 वर्षीय महिला किसान नसीबन को खेत में ही हार्ट अटैक पड़ा और बाद में उनकी मौत हो गई। इसी इलाके के सहौर गांव में बृहस्पतिवार शाम 52 वर्षीय हरचरन लाल को पत्नी भगवान के साथ गेहूं काटते समय चक्कर आया। गश खाकर गिरने के कुछ देर बाद उनकी मौत हो गई। बिथरीचैनपुर ब्लाक के लहिया गांव में पचास वर्षीय किसान दयाराम बृहस्पतिवार को खेत में फसल काट कर लौटने के बाद दिल का दौरा पड़ा और उनकी सांसें थम गईं।
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उधर, शाहजहांपुर जिले के निगोही क्षेत्र के गांव ढकिया तिवारी में पहले से कर्ज में डूबे 55 वर्षीय सुंदर लाल फसली नुकसान का सदमा बर्दाश्त नहीं कर सके। घर लौटकर बिस्तर पकड़ा तो फिर उठ नहीं सके। रात में ही उनकी मौत हो गई। खुदागंज क्षेत्र के गांव जलालपुर में 34 साल के अरबाज खां उर्फ चन्नू ने एक एकड़ खेत में सिर्फ दो क्विंटल गेहूं हाथ लगा देख गेहूं के ढेर पर ही गिरकर दम तोड़ दिया। पीलीभीत में सिमरिया ताल्लुके के अजीतपुर बिल्हा निवासी 50 वर्षीय किसान कालीचरन की मौत हो गई। वहीं बदायूं जिले के बिसौली क्षेत्र स्थित दबतोरी गांव निवासी ऐजाज अहमद (70 वर्ष) मंगलवार की शाम फसल देखने खेत पर गए थे। फसल देखकर उनके सीने में तेज दर्द हुआ। बरेली के एक निजी अस्पताल में गुरुवार देर शाम इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
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बृहस्पतिवार को मुरादाबाद मंडल में भी छह किसानों की जान चली गई। यह सभी फसल देखने खेत पर गए और तबीयत बिगड़ गई। अमरोहा में एक युवा किसान को दिल का दौरा पड़ गया था और मौत हो गई। जिले में एक और किसान ने दम तोड़ दिया। मुरादाबाद में चालीस वर्षीय महिला किसान की जान चली गई, इसी जिले के कुंदरकी क्षेत्र का किसान भी सदमे के भेंट चढ़ गया। रामपुर और संभल में भी एक-एक किसान की मौत बृहस्पतिवार को हुई।
उधर, हमीरपुर में पांच, बांदा, बुलंदशहर और कानपुर में दो-दो, फतेहपुर, महोबा, आगरा, शामली, मैनपुरी, अलीगढ़, हाथरस में भी एक-किसान सदमे से चल बसा। बुधवार की रात कर्ज के बोझ से दबे झांसी और ललितपुर में एक-एक किसान ने आग लगाकर जान दे दी।