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मंडल में तीन और किसानों ने खुदकुशी की
बरेली
Updated Thu, 09 Apr 2015 01:46 AM IST
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बारिश और ओलावृष्टि से बर्बाद फसल देखकर सदमे से मौतों का सिलसिला चल ही रहा है, किसान अपनी जान देने पर भी तुले हुए हैं। बीते चौबीस घंटे में बरेली मंडल में तीन किसानों ने खुदकुशी कर ली। एक ने खुद को गोली मार ली तो दूसरे ने फांसी लगाकर और तीसरे ने सल्फास खाकर जान दे दी। इसके अलावा बरेली जिले में चार और शाहजहांपुर में तीन किसानों की सदमे से मौत हो गई। इस दौरान मुरादाबाद मंडल में भी पांच किसानों की सदमे से मौत हो गई। इन 15 किसानों समेत प्रदेश भर में 41 किसानों की मौत हुई।
बरेली के भमोरा के गहरा गांव के 35 साल के माखन लाल सुबह गेहूं की फसल काटने खेत पर गए थे। वहां से घर लौटे तो सल्फास खा लिया। घर वाले बरेली शहर के निजी अस्पताल ले गए मगर बचाया नहीं जा सका। शाहजहांपुर निवासी 45 वर्षीय संजय सिंह फसली नुकसान नहीं सह पाए और उन्होंने बुधवार को हरदोई जिले में अपनी ससुराल में खुद को गोली मार ली। कर्ज में डूबे बदायूं के जरीफनगर थाना क्षेत्र के गांव चिरवारी (संभल जिले का राजस्व गांव) निवासी किसान राजपाल (50) ने फांसी के फंदे पर झूलकर जान दे दी।
इसी दौरान बरेली जिले में ही फरीदपुर तहसील के अमरेख गांव का 50 साल के दफेदार भी बर्बाद फसल का सदमा बर्दाश्त नहीं कर पाए। मंगलवार को सीने में दर्द होने पर तीनों बेटे उन्हें अस्पताल ले गए मगर रास्ते में उन्होंने दम तोड़ दिया। सिरौली के केसरपुर गांव के 50 वर्षीय नवी अहमद का 24 बीघा में लगा गेहूं बर्बाद हुआ तो उनकी हालत बिगड़ी और मौत हो गई। आंवला के दिगोई गांव के 62 वर्षीय लल्लू सिंह ने भी बुधवार को दम तोड़ दिया। वह बैंकों के करीब 92 हजार रुपये कर्ज से भी परेशान थे। बिथरीचैनपुर थाने के पदारथपुर गांव के किसान साहबजाद खां की खेत से लौटकर घर आने के बाद मौत हो गई।
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शाहजहांपुर जिले के पुवायां क्षेत्र के गांव सबली कटेली में 38 वर्षीय जयराम और मुड़िया कुर्मियात में 50 वर्षीय श्यामा चरण इन दिनों बीमार चल रहे थे। कर्ज मेें डूबे होने के कारण वह अपना इलाज भी नहीं करा पाए। दोनों के परिवार वालों का कहना है कि फसली सदमे के नुकसान से उनकी मौत हो गई। इसी तरह जलालाबाद क्षेत्र के चौक मनोरथपुर गांव में 60 वर्षीय रामाराम सिंह खेत में बरबाद फसल देखकर सदमा बर्दाश्त नहीं कर पाए और बुधवार को उनकी मौत हो गई।
मुरादाबाद मंडल में बुधवार को पांच और किसानों की सदमे से मौत हो गई। संभल में दो, रामपुर के एक किसान की सदमे से मौत हो गई। मुरादाबाद जिले में एक महिला समेत दो किसानों की सदमे से मौत हो गई। मथुरा के गांव तरोली में तो किसान ने खुद को आग लगा ली। आगरा में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। आगरा, फीरोजाबाद और मैनपुरी में फसलों की तबाही से तीन किसानों की जान चली गई। हाथरस में एक किसान ने खेत में फांसी लगाकर जान दी। सासनी के ग्राम निनामई में किसान की सदमे की वजह से जान चली गई। हमीरपुर के तीन, बांदा के दो, चित्रकूट, महोबा, हरदोई और फर्रुखाबाद के एक-एक किसान ने दम तोड़ दिया। प्रतापगढ़ में तीन और किसानों ने जान गंवा दी। लालगंज के मेढ़ावां में एक किसान ने नदी में कूदकर खुदकुशी कर ली। बुलंदशहर जिले में तीन, झांसी के ललितपुर में एक और मथुरा के एक किसान की जान चली गई।
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बरेली के भमोरा के गहरा गांव के 35 साल के माखन लाल सुबह गेहूं की फसल काटने खेत पर गए थे। वहां से घर लौटे तो सल्फास खा लिया। घर वाले बरेली शहर के निजी अस्पताल ले गए मगर बचाया नहीं जा सका। शाहजहांपुर निवासी 45 वर्षीय संजय सिंह फसली नुकसान नहीं सह पाए और उन्होंने बुधवार को हरदोई जिले में अपनी ससुराल में खुद को गोली मार ली। कर्ज में डूबे बदायूं के जरीफनगर थाना क्षेत्र के गांव चिरवारी (संभल जिले का राजस्व गांव) निवासी किसान राजपाल (50) ने फांसी के फंदे पर झूलकर जान दे दी।
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इसी दौरान बरेली जिले में ही फरीदपुर तहसील के अमरेख गांव का 50 साल के दफेदार भी बर्बाद फसल का सदमा बर्दाश्त नहीं कर पाए। मंगलवार को सीने में दर्द होने पर तीनों बेटे उन्हें अस्पताल ले गए मगर रास्ते में उन्होंने दम तोड़ दिया। सिरौली के केसरपुर गांव के 50 वर्षीय नवी अहमद का 24 बीघा में लगा गेहूं बर्बाद हुआ तो उनकी हालत बिगड़ी और मौत हो गई। आंवला के दिगोई गांव के 62 वर्षीय लल्लू सिंह ने भी बुधवार को दम तोड़ दिया। वह बैंकों के करीब 92 हजार रुपये कर्ज से भी परेशान थे। बिथरीचैनपुर थाने के पदारथपुर गांव के किसान साहबजाद खां की खेत से लौटकर घर आने के बाद मौत हो गई।
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शाहजहांपुर जिले के पुवायां क्षेत्र के गांव सबली कटेली में 38 वर्षीय जयराम और मुड़िया कुर्मियात में 50 वर्षीय श्यामा चरण इन दिनों बीमार चल रहे थे। कर्ज मेें डूबे होने के कारण वह अपना इलाज भी नहीं करा पाए। दोनों के परिवार वालों का कहना है कि फसली सदमे के नुकसान से उनकी मौत हो गई। इसी तरह जलालाबाद क्षेत्र के चौक मनोरथपुर गांव में 60 वर्षीय रामाराम सिंह खेत में बरबाद फसल देखकर सदमा बर्दाश्त नहीं कर पाए और बुधवार को उनकी मौत हो गई।
मुरादाबाद मंडल में बुधवार को पांच और किसानों की सदमे से मौत हो गई। संभल में दो, रामपुर के एक किसान की सदमे से मौत हो गई। मुरादाबाद जिले में एक महिला समेत दो किसानों की सदमे से मौत हो गई। मथुरा के गांव तरोली में तो किसान ने खुद को आग लगा ली। आगरा में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। आगरा, फीरोजाबाद और मैनपुरी में फसलों की तबाही से तीन किसानों की जान चली गई। हाथरस में एक किसान ने खेत में फांसी लगाकर जान दी। सासनी के ग्राम निनामई में किसान की सदमे की वजह से जान चली गई। हमीरपुर के तीन, बांदा के दो, चित्रकूट, महोबा, हरदोई और फर्रुखाबाद के एक-एक किसान ने दम तोड़ दिया। प्रतापगढ़ में तीन और किसानों ने जान गंवा दी। लालगंज के मेढ़ावां में एक किसान ने नदी में कूदकर खुदकुशी कर ली। बुलंदशहर जिले में तीन, झांसी के ललितपुर में एक और मथुरा के एक किसान की जान चली गई।