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Bareilly News: खनन रॉयल्टी से भी कम जीएसटी दे रहे भट्ठा मालिक, होगा सत्यापन

Fri, 07 Mar 2025 02:08 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 07 Mar 2025 02:08 AM IST
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Kiln owners are paying less GST than mining royalty, verification will be done
बरेली। ईंट-भट्ठा संचालकों के खिलाफ चल रही जीएसटी चोरी की जांच में नया मोड़ सामने आया है। मंडल के 217 संचालकों की ओर से जमा जीएसटी, खनन विभाग की रॉयल्टी से कम है। अब भट्ठे में पाया के सापेक्ष मिट्टी समेत कितना कोयला प्रयोग हुआ, इसका सत्यापन होगा।
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खनन विभाग से मिली सूचना के अनुसार भट्ठा मालिकों ने दो से चार लाख रुपये खनन रॉयल्टी जमा की। इसके सापेक्ष जीएसटी एक से दो लाख रुपये ही जमा किए। रिपोर्ट देख जीएसटी अफसर भी हैरान रहे, क्योंकि रॉयल्टी जो खनन विभाग में भट्ठे के पाये के आधार पर जमा हुई, उनके खेतों से ली गई मिट्टी से तैयार कच्ची ईंट का औसत पूरे वर्ष भट्ठे संचालन से सकल उत्पादित ईंट का निर्माण मिलेगा। अधिकारियों का तर्क है कि उत्पादित ईंट के कारोबार पर जीएसटी रॉयल्टी से कई गुना ज्यादा होनी चाहिए।
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लिहाजा, खनन विभाग से रॉयल्टी जो पायों की संख्या के आधार पर जमा हुई है, उनका सत्यापन भी कराने के लिए कहा है। खनन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार जिले के कई कारोबारियों ने भट्ठे में पाए की संख्या 11 दिखाई है। जो जिगजैग या सामान्य ईंट भट्ठा में मुमकिन ही नहीं।
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कोयला के प्रयोग से तय करेंगे ईंट का उत्पादन
अपर आयुक्त जीएसटी ग्रेड-1 दिनेश कुमार मिश्र के मुताबिक मंडल में ईंट भट्ठा संचालक पोरबंदर, गुजरात, असम, झरिया, झारखंड से कोयले का आयात किया है। कोयले से ईंट का उत्पादन हो रहा है। जिग जैग ईंट भट्ठा में एक लाख ईंट निर्माण में 12 मीट्रिक टन, सामान्य भट्ठे में 15 मीट्रिक टन कोयला प्रयोग होता है। भट्ठा संचालकों से वर्ष भर में कितना कोयला का प्रयोग किया गया, इसकी जांच की जाएगी। अमर उजाला ब्यूरो
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भट्ठों की जांच कर रही एसआईबी, कार्रवाई से बचना है तो भरें टैक्स
बरेली। जीएसटी अपर आयुक्त ग्रेड-1 दिनेश कुमार मिश्र ने बृहस्पतिवार को बरेली जोन के ईंट भट्ठा एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। कुछ पदाधिकारियों ने ईंट का बाजार भाव प्रति हजार पांच हजार रुपये की बात कही। अपर आयुक्त ने इस भाव से भी वार्षिक टर्नओवर 1.80 करोड़ से 2.25 करोड़ के बीच आंकते हुए नौ से 13 लाख रुपये की जीएसटी बनती है। जबकि कारोबारी डेढ़ से दो लाख रुपये जमा कर रहे हैं। संगठन अध्यक्ष हाजी आफताब अहमद ने माना कि कुछ भट्ठा व्यापारी कम जीएसटी दे रहे हैं। उन्होंने कम टैक्स देने वाले कारोबारियों की जांच की मांग की। अपर आयुक्त ने चेताया कि ईंट भट्ठा की जांच और कार्रवाई के लिए निर्देश दिए गए हैं। जांच से बचने के लिए नियत विधिक प्रावधान के अनुसार उत्पादन के सापेक्ष टैक्स जमा करें। अन्यथा की स्थिति में कार्रवाई होगी।

बैठक में जीएसटी एसआईबी अपर आयुक्त ग्रेड-2 एचपी राव दीक्षित, संयुक्त आयुक्त केके गुप्ता, विजय गौड़, भट्ठा संगठन से दीपक खरवार, कैलाश कुमार बाधवानी, दिवाकर, मुस्तेजाब अहमद, राशिद खान समेत अन्य कारोबारी मौजूद रहे। ब्यूरो
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