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छत पर सो रहे दस वर्ष के बच्चे का अपहरण
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- फोटो : demo photo
पिता का आरोप- पुलिस ने बेटे को बताया चोर, अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
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पड़ोसी पर अपहरण के बाद बंधक बनाकर पीटने और गायब करने का आरोप
फरीदपुर। फरीदपुर में मोहल्ला परा में छत पर सो रहे दस वर्षीय बच्चे को पड़ोसी उठा ले गए। घर वालों का आरोप है कि पड़ोसियों ने बच्चे को बंधक बनाकर पीटा और गायब कर दिया लेकिन पुलिस ने अपने हिसाब से रिपोर्ट दर्ज कर उन्हें टरका दिया। इस मामले में एडीजी से शिकायत की गई है।
शाहजहांपुर में थाना पुवायां के गांव तिहाड़ निवासी अशोक मिश्रा फरीदपुर के मोहल्ला परा में किराये पर रहकर मजदूरी करते हैं। अशोक के मुताबिक 23 मई की रात बिजली न होने के कारण उनका छोटा बेटा दस वर्षीय उज्ज्वल मिश्रा छत पर सो रहा था। रात करीब 12 बजे बिजली आ गई तो मां गीता मिश्रा उसे छत पर ही छोड़कर नीचे आ गईं। रात करीब तीन बजे मोहल्ले के एक व्यक्ति ने आकर बताया कि उज्ज्वल को कुछ दूरी पर रहने वाला एक व्यक्ति अपने घर में बंधक बनाकर पीट रहा है। वह भागकर वहां पहुंचे तो दरवाजे की दराज से झांककर देखा, उनका बेटा वहां एक पोल में बंधा था। उन्होंने आवाज दी तो शराब के नशे में धुत आरोपियों ने दरवाजा खोला और उन्हें देखकर धमकाते हुए कहा कि इसे भी पकड़ लो। अशोक ने बताया कि डर के कारण वह वहां से भाग आए और फिर कुछ लोगों को पहुंचे, तब तक आरोपी उनके बेटे को गायब कर चुके थे। उनसे कह दिया कि तुम्हारा बेटा यहां चोरी करने आया था लेकिन अब भाग गया है। 24 मई को पूरे दिन वह बेटे को खोजते रहे लेकिन कुछ सुराग नहीं लगा तो पुलिस में शिकायत की।
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अशोक का कहना है कि उनकी शिकायत पर पुलिस आरोपियों के घर पहुंची। पूछताछ के दौरान पुलिस ने एक आरोपी को मोबाइल देखा तो उसमें उनके बेटे को पीटने की वीडियो बनी हुई थी। पुलिस ने वह वीडियो अपने कब्जे में ले ली लेकिन उनकी रिपोर्ट नहीं दर्ज की। अब पता लगा है कि पुलिस ने उनसे कोई तहरीर लिए बिना ही ओर से गुमशुदगी दर्ज कर ली है। बुधवार को अशोक मिश्रा ने एडीजी को ट्वीट कर मामले की शिकायत की है। इस पर मामले की जांच सीओ फरीदपुर को दी गई है। परिवार वाले आशंका जता रहे हैं कि पिटाई से उज्ज्वल की मौत हो गई है, जिसके चलते आरोपियों ने उसका शव कहीं गायब कर दिया है।
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बेटे के गायब होने से बिगड़ी मां की हालत
अशोक के तीन बच्चे हैं। सबसे बड़ा बेटा विकास बीएससी में पढ़ता है। उससे छोटी बेटी आयुषी कक्षा आठ और उज्ज्वल कक्षा छह में पढ़ता है। उज्ज्वल के गायब होने के बाद ही उसकी मां गीता ने खाना छोड़ दिया है, जिसके कारण उनकी तबीयत बिगड़ गई है। अशोक का कहना है कि आरोपी से कुछ दिन पहले राह चलते उनका मामूली विवाद हो गया था, जिसके चलते ही इस वारदात को अंजाम दिया गया है। उनका यह भी कहना है कि अगर उज्ज्वल वहां चोरी करने भी गया था तो वे उसे पकड़कर पुलिस को सौंप देते। मगर आरोपियों ने उनके बेटे को गायब कर दिया।
फरीदपुर पुलिस पर उठ रहे सवाल
इस घटनाक्रम को लेकर फरीदपुर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। कुछ दिन पहले एक लड़की के गायब होने के बाद पुलिस पर उसके ही परिवार वालों पर दबाव बनाने का आरोप लगा था। इसके अलावा कई अन्य मामले भी यहां ऐसे सामने आए हैं, जिनमें अधिकारियों के हस्तक्षेप पर रिपोर्ट दर्ज की गई।
पीड़ित पक्ष की तहरीर के आधार पर अज्ञात लोगों के खिलाफ अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कर ली है। लोगों ने बताया है कि लड़का वहां चोरी के लिए गया था और फिर गायब हो गया। - सुरेंद्र पचौरी, इंस्पेक्टर फरीदपुर
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पड़ोसी पर अपहरण के बाद बंधक बनाकर पीटने और गायब करने का आरोप फरीदपुर। फरीदपुर में मोहल्ला परा में छत पर सो रहे दस वर्षीय बच्चे को पड़ोसी उठा ले गए। घर वालों का आरोप है कि पड़ोसियों ने बच्चे को बंधक बनाकर पीटा और गायब कर दिया लेकिन पुलिस ने अपने हिसाब से रिपोर्ट दर्ज कर उन्हें टरका दिया। इस मामले में एडीजी से शिकायत की गई है।
शाहजहांपुर में थाना पुवायां के गांव तिहाड़ निवासी अशोक मिश्रा फरीदपुर के मोहल्ला परा में किराये पर रहकर मजदूरी करते हैं। अशोक के मुताबिक 23 मई की रात बिजली न होने के कारण उनका छोटा बेटा दस वर्षीय उज्ज्वल मिश्रा छत पर सो रहा था। रात करीब 12 बजे बिजली आ गई तो मां गीता मिश्रा उसे छत पर ही छोड़कर नीचे आ गईं। रात करीब तीन बजे मोहल्ले के एक व्यक्ति ने आकर बताया कि उज्ज्वल को कुछ दूरी पर रहने वाला एक व्यक्ति अपने घर में बंधक बनाकर पीट रहा है। वह भागकर वहां पहुंचे तो दरवाजे की दराज से झांककर देखा, उनका बेटा वहां एक पोल में बंधा था। उन्होंने आवाज दी तो शराब के नशे में धुत आरोपियों ने दरवाजा खोला और उन्हें देखकर धमकाते हुए कहा कि इसे भी पकड़ लो। अशोक ने बताया कि डर के कारण वह वहां से भाग आए और फिर कुछ लोगों को पहुंचे, तब तक आरोपी उनके बेटे को गायब कर चुके थे। उनसे कह दिया कि तुम्हारा बेटा यहां चोरी करने आया था लेकिन अब भाग गया है। 24 मई को पूरे दिन वह बेटे को खोजते रहे लेकिन कुछ सुराग नहीं लगा तो पुलिस में शिकायत की।
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अशोक का कहना है कि उनकी शिकायत पर पुलिस आरोपियों के घर पहुंची। पूछताछ के दौरान पुलिस ने एक आरोपी को मोबाइल देखा तो उसमें उनके बेटे को पीटने की वीडियो बनी हुई थी। पुलिस ने वह वीडियो अपने कब्जे में ले ली लेकिन उनकी रिपोर्ट नहीं दर्ज की। अब पता लगा है कि पुलिस ने उनसे कोई तहरीर लिए बिना ही ओर से गुमशुदगी दर्ज कर ली है। बुधवार को अशोक मिश्रा ने एडीजी को ट्वीट कर मामले की शिकायत की है। इस पर मामले की जांच सीओ फरीदपुर को दी गई है। परिवार वाले आशंका जता रहे हैं कि पिटाई से उज्ज्वल की मौत हो गई है, जिसके चलते आरोपियों ने उसका शव कहीं गायब कर दिया है।
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बेटे के गायब होने से बिगड़ी मां की हालत
अशोक के तीन बच्चे हैं। सबसे बड़ा बेटा विकास बीएससी में पढ़ता है। उससे छोटी बेटी आयुषी कक्षा आठ और उज्ज्वल कक्षा छह में पढ़ता है। उज्ज्वल के गायब होने के बाद ही उसकी मां गीता ने खाना छोड़ दिया है, जिसके कारण उनकी तबीयत बिगड़ गई है। अशोक का कहना है कि आरोपी से कुछ दिन पहले राह चलते उनका मामूली विवाद हो गया था, जिसके चलते ही इस वारदात को अंजाम दिया गया है। उनका यह भी कहना है कि अगर उज्ज्वल वहां चोरी करने भी गया था तो वे उसे पकड़कर पुलिस को सौंप देते। मगर आरोपियों ने उनके बेटे को गायब कर दिया।फरीदपुर पुलिस पर उठ रहे सवाल
इस घटनाक्रम को लेकर फरीदपुर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। कुछ दिन पहले एक लड़की के गायब होने के बाद पुलिस पर उसके ही परिवार वालों पर दबाव बनाने का आरोप लगा था। इसके अलावा कई अन्य मामले भी यहां ऐसे सामने आए हैं, जिनमें अधिकारियों के हस्तक्षेप पर रिपोर्ट दर्ज की गई।पीड़ित पक्ष की तहरीर के आधार पर अज्ञात लोगों के खिलाफ अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कर ली है। लोगों ने बताया है कि लड़का वहां चोरी के लिए गया था और फिर गायब हो गया। - सुरेंद्र पचौरी, इंस्पेक्टर फरीदपुर