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कैंट बोर्ड की जमीन पर बनेगा लाल फाटक ओवरब्रिज
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
Updated Thu, 21 Jul 2016 01:24 AM IST
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लाल फाटक पर ओवरब्रिज बनाने के लिए शहर की ओर पुल उतारने के लिए राज्य सरकार ने रक्षा संपदा बोर्ड से जमीन खरीदने का फैसला लिया है। इसके लिए प्रस्तावित जमीन का खाका तैयार करते हुए 85 लाख 32 हजार रुपये का इस्टीमेट तैयार किया गया है। यह डीएम सर्किल रेट के आधार पर है। इस बारे में जिला प्रशासन की ओर से स्टेशन यूपी एरिया बरेली के सेल हैड क्वार्टर से अनुमति मांगी गई है।
बदायूं की ओर से आने वाले वाहनों के लाल फाटक पर कई घंटे तक जाम में फंसने की समस्या का समाधान कराने के उद्देश्य से 2013 में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ओवरब्रिज बनवाने की घोषणा की थी। उसी के बाद से प्रदेश सरकार ने ओवरब्रिज बनाने के प्रयास किए। दो साल तक कागजी प्रयास होते रहे। इस वित्तीय वर्ष में रेल मंत्रालय ने इसे बजट में शामिल कर लिया। उसी के बाद से राज्य सेतु निगम ने पुल बनाने के काम में तेजी ला दी।
शहर की सीमा में कैंट (रक्षा संपदा) की जमीन में पुल के उतरने के कारण उस जमीन को प्रदेश सरकार ने खरीदने का निर्णय लिया है। इस बारे में कैंट बोर्ड के अफसरों की डीएम के साथ कई दौर की वार्ता हुई थी। प्रशासनिक और सेना के अधिकारियों के बीच हुई वार्ता के बाद डीएम सर्किल रेट निर्धारित करने के लिए लोक निर्माण विभाग से रिपोर्ट तैयार की गई। वहीं दूसरी ओर डिजायन और विस्तृत इस्टीमेट तैयार किया जा रहा है। राज्य सेतु निगम के अधिकारियों का कहना है कि निर्माण जल्दी ही शुरू होगा, पहले फेज में बदायूं रोड की ओर से शुरूआत की जानी है। उसी के बाद कैंट बोर्ड इलाके में ओवर ब्रिज बनेगा।
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कैंट बोर्ड से ली जाने वाली जमीन का मूल्यांकन कर लिया है। जिसके आधार पर 85,3200 रुपये सेना को दिए जाने हैं। सेना के यूबी एरिया अधिकारियों की हरी झंडी के बाद निर्माण शुरू हो जाएगा। यह राशि शासन से मांगी जा रही है।
-वीके सेन उप परियोजना प्रबंधक
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बदायूं की ओर से आने वाले वाहनों के लाल फाटक पर कई घंटे तक जाम में फंसने की समस्या का समाधान कराने के उद्देश्य से 2013 में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ओवरब्रिज बनवाने की घोषणा की थी। उसी के बाद से प्रदेश सरकार ने ओवरब्रिज बनाने के प्रयास किए। दो साल तक कागजी प्रयास होते रहे। इस वित्तीय वर्ष में रेल मंत्रालय ने इसे बजट में शामिल कर लिया। उसी के बाद से राज्य सेतु निगम ने पुल बनाने के काम में तेजी ला दी।
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शहर की सीमा में कैंट (रक्षा संपदा) की जमीन में पुल के उतरने के कारण उस जमीन को प्रदेश सरकार ने खरीदने का निर्णय लिया है। इस बारे में कैंट बोर्ड के अफसरों की डीएम के साथ कई दौर की वार्ता हुई थी। प्रशासनिक और सेना के अधिकारियों के बीच हुई वार्ता के बाद डीएम सर्किल रेट निर्धारित करने के लिए लोक निर्माण विभाग से रिपोर्ट तैयार की गई। वहीं दूसरी ओर डिजायन और विस्तृत इस्टीमेट तैयार किया जा रहा है। राज्य सेतु निगम के अधिकारियों का कहना है कि निर्माण जल्दी ही शुरू होगा, पहले फेज में बदायूं रोड की ओर से शुरूआत की जानी है। उसी के बाद कैंट बोर्ड इलाके में ओवर ब्रिज बनेगा।
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कैंट बोर्ड से ली जाने वाली जमीन का मूल्यांकन कर लिया है। जिसके आधार पर 85,3200 रुपये सेना को दिए जाने हैं। सेना के यूबी एरिया अधिकारियों की हरी झंडी के बाद निर्माण शुरू हो जाएगा। यह राशि शासन से मांगी जा रही है।
-वीके सेन उप परियोजना प्रबंधक