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कस्तूरबा गांधी स्कूल में शोहदों के घुसने पर हंगामा
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
Updated Tue, 06 Sep 2016 01:46 AM IST
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हाफिजगंज। कस्तूरबा गांधी स्कूल में शोहदों के घुसने और छात्राओं को परेशान करने की शिकायत पर हंगामा मच गया। ग्रामीणों ने स्कूल के गेट पर प्रदर्शन कर स्कूल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। उनका यह भी आरोप था कि स्कूल की रसोइया छात्रों को गंदी बातें सीखा रही हैं। मामला बढ़ने पर एसडीएम ने वार्डन और अभिभावकों को नवाबगंज बुलाकर वार्ता कराई और जांच कराने का आश्वासन दिया।
सोमवार सुबह 10 बजे कुछ ग्रामीण स्कूल पहुंच गए। वहां दो घंटे तक बैठाने के बाद भी छात्राओं से नहीं मिलने देने पर उनका पारा चढ़ गया और प्रदर्शन करने लगे। उनकी शिकायत थी की कि स्कूल के पीछे की दीवार अराजकतत्वों ने तोड़ दी है। वहां से रात में शोहदे स्कूल में घुस जाते हैं और छात्राओं पर फब्तियां कसते हैं और पर्चियां फेंकते हैं। इस बारे में कई बार अफसरों को बताया जा चुका है मगर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। रविवार रात भी शोहदों ने शोर मचाया था। आसपास के लोगों के पहुंचने पर वे भाग गए थे। उनका यह भी आरोप था कि वार्डन अर्चना शर्मा और कैशियर कामना ने इसकी शिकायत पुलिस से नहीं की। ग्रामीणों ने रसोइया पर भी छात्राओं को गंदी बातें सीखाने का आरोप लगाया और कार्रवाई की मांग की। वार्डन और कैशियर ने समझौता करने की बात कही तो ग्रामीण भड़क गए। उन्होंने कहा कि समझौता गलती पर होता है। गलती रसोइया की है उस पर कार्रवाई ही होनी चाहिए। उनका यह भी कहना था कि कैशियर ने जो चाहो वह करने की बात कहकर उनके साथ अभद्रता भी की है। ग्रामीणों ने टूटी दीवार जल्द ठीक करने की भी मांग की। बाद में उन्होंने एसडीएम डॉ. अर्चना द्विवेदी को फोन पर मामले की सूचना दी।
ढंग का खाना भी नहीं मिलता
हाफिजगंज। ग्रामीणों ने एसडीएम से कहा कि स्कूल में खाने की गुणवत्ता काफी खराब है। चाय में दूध नहीं डाला जाता। पौष्टिक आहार के नाम पर बच्चों को छला जा रहा है। बिजली की व्यवस्था के लिए जेनरेटर रखा गया है मगर वह कभी इस्तेमाल नहीं किया जाता।
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वार्डन और ग्रामीणों को नवाबगंज बुलाया गया था। दोनों पक्षों के बयान ले लिए गए हैं। जो तथ्य सामने आ रहे हैं उनकी जांच की जाएगी। उसके बाद ही कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. अर्चना द्विवेदी एसडीएम
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सोमवार सुबह 10 बजे कुछ ग्रामीण स्कूल पहुंच गए। वहां दो घंटे तक बैठाने के बाद भी छात्राओं से नहीं मिलने देने पर उनका पारा चढ़ गया और प्रदर्शन करने लगे। उनकी शिकायत थी की कि स्कूल के पीछे की दीवार अराजकतत्वों ने तोड़ दी है। वहां से रात में शोहदे स्कूल में घुस जाते हैं और छात्राओं पर फब्तियां कसते हैं और पर्चियां फेंकते हैं। इस बारे में कई बार अफसरों को बताया जा चुका है मगर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। रविवार रात भी शोहदों ने शोर मचाया था। आसपास के लोगों के पहुंचने पर वे भाग गए थे। उनका यह भी आरोप था कि वार्डन अर्चना शर्मा और कैशियर कामना ने इसकी शिकायत पुलिस से नहीं की। ग्रामीणों ने रसोइया पर भी छात्राओं को गंदी बातें सीखाने का आरोप लगाया और कार्रवाई की मांग की। वार्डन और कैशियर ने समझौता करने की बात कही तो ग्रामीण भड़क गए। उन्होंने कहा कि समझौता गलती पर होता है। गलती रसोइया की है उस पर कार्रवाई ही होनी चाहिए। उनका यह भी कहना था कि कैशियर ने जो चाहो वह करने की बात कहकर उनके साथ अभद्रता भी की है। ग्रामीणों ने टूटी दीवार जल्द ठीक करने की भी मांग की। बाद में उन्होंने एसडीएम डॉ. अर्चना द्विवेदी को फोन पर मामले की सूचना दी।
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ढंग का खाना भी नहीं मिलता
हाफिजगंज। ग्रामीणों ने एसडीएम से कहा कि स्कूल में खाने की गुणवत्ता काफी खराब है। चाय में दूध नहीं डाला जाता। पौष्टिक आहार के नाम पर बच्चों को छला जा रहा है। बिजली की व्यवस्था के लिए जेनरेटर रखा गया है मगर वह कभी इस्तेमाल नहीं किया जाता।
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वार्डन और ग्रामीणों को नवाबगंज बुलाया गया था। दोनों पक्षों के बयान ले लिए गए हैं। जो तथ्य सामने आ रहे हैं उनकी जांच की जाएगी। उसके बाद ही कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. अर्चना द्विवेदी एसडीएम