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बोल बम..चल रे कांवड़िया बढ़ाए जा कदम
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बरेली। सावन के तीसरे सोमवार पर जलाभिषेक के लिए शनिवार को कांवड़ियों के जत्थों की दिन भर आवाजाही बनी रही। सुबह विधि विधान से अपने इष्ट की आराधना के बाद परिजनों ने तिलक लगाकर कांवड़ियों का जत्था रवाना किया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग कांवड़ियों के जत्थों को विदा करने कुछ दूर तक साथ भी चले। दोपहर से शुरू हुआ कांवड़ियों की रवानगी का दौर देर शाम तक जारी रहा। इस दौरान कई जगहों पर कांवड़ियों के जत्थों की रवानगी से जाम जैसे हालात भी दिखाई दिए।
अनुमान है कि सावन के तीसरे सोमवार को बड़ी संख्या में कांवड़िये भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक के लिए नाथ नगरी में उमड़ेंगे। इसी क्रम में आज शुनिवार को करीब 40 जत्थे कछला और हरिद्वार गंगा जल लेने के लिए रवाना हुए। यह जत्थे रविवार की देर शाम वापस आएंगे। सोमवार को तड़के मंदिरों में जलाभिषेक और रुद्राभिषेक करेंगे। शनिवार को भरतौल से दूसरी बार कावंड़ियों का जत्था हरिद्वार रवाना हुआ। इसके अलावा सैटेलाइट और कटरा चांद खां से सौ कांवड़ियों का जत्था रवाना हुआ। इस दौरान ‘भोले के दर चलो, लेके कांवड़ चलो’ ‘ऐसे थक हार के निराश मत हो’ ‘भोले ने बुलाया तो निभाएगा भी वो’ आदि सुमधुर भजन बजते रहे। कांवड़ गुजरने के दौरान ईसाइयों की पुलिया से मालियों की पुलिया तक बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी से करीब आधे घंटे तक जाम जैसे हालात बने रहे।
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अनुमान है कि सावन के तीसरे सोमवार को बड़ी संख्या में कांवड़िये भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक के लिए नाथ नगरी में उमड़ेंगे। इसी क्रम में आज शुनिवार को करीब 40 जत्थे कछला और हरिद्वार गंगा जल लेने के लिए रवाना हुए। यह जत्थे रविवार की देर शाम वापस आएंगे। सोमवार को तड़के मंदिरों में जलाभिषेक और रुद्राभिषेक करेंगे। शनिवार को भरतौल से दूसरी बार कावंड़ियों का जत्था हरिद्वार रवाना हुआ। इसके अलावा सैटेलाइट और कटरा चांद खां से सौ कांवड़ियों का जत्था रवाना हुआ। इस दौरान ‘भोले के दर चलो, लेके कांवड़ चलो’ ‘ऐसे थक हार के निराश मत हो’ ‘भोले ने बुलाया तो निभाएगा भी वो’ आदि सुमधुर भजन बजते रहे। कांवड़ गुजरने के दौरान ईसाइयों की पुलिया से मालियों की पुलिया तक बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी से करीब आधे घंटे तक जाम जैसे हालात बने रहे।
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