UP News: हॉलिडे पैकेज और कमाई का झांसा देकर लोगों को फंसाया, कन्हैया गुलाटी ने ऐसे की करोड़ों रुपये की ठगी
बरेली में करोड़ों रुपये की ठगी के आरोपी कन्हैया गुलाटी पर कई मामले दर्ज होने के बाद उसके काले कारनामे सामने आ रहे हैं। गुलाटी ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर लोगों को जाल में फंसाया, फिर निवेश कराकर उनसे रकम हड़प ली।
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बरेली में निवेशकों से करोड़ों रुपये ठगने के आरोपी कैनविज कंपनी के मालिक कन्हैया गुलाटी और उसके सहयोगियों ने हॉलिडे पैकेज समेत अन्य लुभावनी योजनाओं को हथियार बनाकर अपने मंसूबों को अंजाम दिया। गुलाटी, उसकी कंपनी के सीईओ लखनऊ निवासी आशुतोष श्रीवास्तव और पांच लायंस (खास सहयोगी) ने जमकर मलाई काटी। इनमें से कई ने कंपनी को डूबते देखकर किनारा कर लिया। एसआईटी की जांच में इनके राज सामने आ सकते हैं।
आरटीआई के जरिये फर्जीवाड़े की पोल खोलने वाले सामाजिक कार्यकर्ता अमित मिश्रा ने जो साक्ष्य जुटाए हैं, उनके मुताबिक आशुतोष ही इस कंपनी का थिंकटैंक और प्रमोटर रहा। उसने मल्टी लेवल मार्केटिंग को बढ़ावा देने के लिए कई सेमिनार किए। लोगों को सुनहरे सपने दिखाकर कैनविज से जोड़ा। गुलाटी ने आशुतोष को कंपनी का सीईओ बना रखा था। हालांकि, विभागीय लिखापढ़ी व अन्य मामलों में गुलाटी ही कंपनी का सर्वेसर्वा रहा।
आशुतोष के साथ ही लखनऊ निवासी रंजीत वर्मा, राकेश पांडेय व अरशद सईद खान, झांसी निवासी नितिन श्रीवास्तव व शाहजहांपुर निवासी राजीव सिंह कैनविज की चेन में शिखर पर रहे। ये प्रतिमाह लाखों रुपये कमीशन पाते थे। इन सभी को गुलाटी ने कैनविज के लायंस (शेर) का खिताब दे रखा था। सेमिनारों में ये लोग अक्सर लग्जरी गाड़ियां पाते थे और आम सदस्यों को प्रोत्साहित करते थे कि वह अपने नीचे लोगों को जोड़े। बैठे-बिठाए इन लोगों के बैंक खाते में हर महीने मोटी रकम आती रहती थी।
ऐसे की ठगी
गुलाटी और उसकी कंपनी ने ठगी के लिए हॉलिडे पैकेज को हथियार बनाया। वह महंगे होटलों में सेमिनार कर बेरोजगार युवाओं को शिकार बनाते थे। उन्हें कंपनी का सदस्य बनाने के लिए कई उत्पाद बताए जाते थे। हालांकि नए सदस्य की एंट्री हॉलिडे पैकेज के साथ कराने पर जोर रहता था। हॉलिडे पैकेज सभी उत्पादों में सस्ता होता था। बेरोजगार युवा यह पैकेज खरीदकर कंपनी का सदस्य बन जाते थे।
बदले में कंपनी हॉलीडे पैकेज के प्रिंटेड वॉउचर उपलब्ध करा देती थी। तीन माह इस्तेमाल न करने पर वह निष्क्रिय हो जाता था। वॉउचर के तहत कंपनी कुछ चुनिंदा स्थानों पर होटल एवं नाश्ते का प्रबंध कराती थी। आने-जाने का किराया स्वयं चुकाना पड़ता था। ज्यादातर बेरोजगार इसका प्रयोग नहीं कर पाते थे। इससे कंपनी को सीधी बचत होती थी।
एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि कन्हैया गुलाटी और उसके साथियों के खिलाफ दर्ज मामलों की जांच के लिए एसआईटी बनाई गई है। यह टीम सभी मामलों की विवेचना करेगी। आरोपियों की गिरफ्तारी भी की जाएगी। जल्दी ही विशेष टीम का काम दिखाई देगा।