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Bareilly News: कामिका एकादशी आज, शिव के साथ पूजे जाएंगे विष्णु
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बरेली। सावन का सोमवार महादेव को प्रिय है तो एकादशी पर भगवान विष्णु की पूजा का विधान है। इस बार सोमवार को यह दोनों संयोग साथ पड़ रहे हैं। इस दिन रोहिणी नक्षत्र और वृद्धि योग का संयोग भी रहेगा। ऐसे में सावन के सोमवार और एकादशी का व्रत एक ही दिन होगा।
पंडित मुकेश मिश्रा ने बताया कि सावन कृष्ण पक्ष की एकादशी को कामिका एकादशी कहते हैं। इस दिन व्रत रखने से मनुष्य के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने से सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है। पंचांग के अनुसार एकादशी तिथि रविवार को दोपहर 12:12 बजे से शुरू होकर सोमवार को सुबह 9:38 बजे तक रहेगी। उदया तिथि की प्रधानता के चलते एकादशी का व्रत-पूजन सोमवार को ही होगा। ऐसे में भोलेनाथ के अभिषेक के साथ भगवान विष्णु का पूजन साथ-साथ होगा।ऐसे करें पूजन
सुबह स्नान के बाद चौकी पर पीला वस्त्र बिछाकर उस पर भगवान विष्णु की मूर्ति रखें। पीले फूल, फल, धूप, दीप, चंदन और नैवेद्य आदि अर्पित करके पूजा करें। भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप करें और फिर आरती करें। साथ ही, भोले बाबा को उनकी प्रिय वस्तुएं अर्पित करें और अभिषेक करें। संवाद
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पंडित मुकेश मिश्रा ने बताया कि सावन कृष्ण पक्ष की एकादशी को कामिका एकादशी कहते हैं। इस दिन व्रत रखने से मनुष्य के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने से सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है। पंचांग के अनुसार एकादशी तिथि रविवार को दोपहर 12:12 बजे से शुरू होकर सोमवार को सुबह 9:38 बजे तक रहेगी। उदया तिथि की प्रधानता के चलते एकादशी का व्रत-पूजन सोमवार को ही होगा। ऐसे में भोलेनाथ के अभिषेक के साथ भगवान विष्णु का पूजन साथ-साथ होगा।ऐसे करें पूजन
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सुबह स्नान के बाद चौकी पर पीला वस्त्र बिछाकर उस पर भगवान विष्णु की मूर्ति रखें। पीले फूल, फल, धूप, दीप, चंदन और नैवेद्य आदि अर्पित करके पूजा करें। भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप करें और फिर आरती करें। साथ ही, भोले बाबा को उनकी प्रिय वस्तुएं अर्पित करें और अभिषेक करें। संवाद
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