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Bareilly News: बिना चिकित्सकीय परीक्षण जूनियर डॉक्टर मरीजों का करा रहे अल्ट्रासाउंड जांच
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बरेली। जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड जांच के लिए बुजुर्ग महिला को नवंबर की तिथि देने पर एडी एसआईसी ने डायग्नोसिस सेंटर प्रभारी से जवाब-तलब किया। इस पर रेडियोलॉजिस्ट ने जूनियर डॉक्टरों पर बिना चिकित्सकीय परीक्षण किए छिटपुट बीमारी में भी जांच लिखने की बात कही। कहा कि इस वजह से ही वेटिंग बढ़ रही है।
सौंपे जवाब में कहा है कि जूनियर डॉक्टर डायरिया, गले में जकड़न, पीठ दर्द में भी अल्ट्रसाउंड की जांच लिख देते हैं। इसका इलाज ओपीडी में जांच के बाद दवाओं से मुमकिन है। बेवजह की जांच से मरीजों की कतार लगती है। अगर जरूरतमंद की जांच लिखें तो गंभीर मरीजों को आगे की तिथि देने की जरूरत न पड़े। कहा कि सेंटर पर रोजाना 70-80 जांच होती है, जबकि जांच के लिए डेढ़ सौ मरीज रेफर किए जाते हैं।
शासनादेश के तहत एक मशीन पर सात अल्ट्रासाउंड, सात एक्सरे का आदेश है। इसके सापेक्ष दस गुना ज्यादा जांच की जा रही है। यूनिट में दो रेडियोलाजिस्ट हैं। अल्ट्रासाउंड जांच में समय और संयम की जरूरत होती है क्योंकि मरीज का इलाज, ऑपरेशन इसी जांच रिपोर्ट पर होते हैं। ब्यूरो
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रेडियोलॉजिस्ट का एक पद रिक्त, एक मशीन में तकनीकी दिक्कत
रेडियोलॉजी सीनियर कंसल्टेंट डॉ. राजकुमार के पत्र के अनुसार जिला अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट का एक पद रिक्त है। अल्ट्रासाउंड जांच की एक मशीन में तकनीकी दिक्कत है। उच्चाधिकारियों से रिक्त पद पर भर्ती और हाई रिजोल्यूशन की एक अल्ट्रासाउंड मशीन स्थापित कराने की मांग की है। एडी एसआईसी डॉ. अलका शर्मा ने जूनियर डॉक्टरों को मरीज के सघन परीक्षण के बाद ही जांच के लिए रेफर करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, शासन से एक अल्ट्रासाउंड मशीन और रिक्त पद पर तैनाती के लिए शासन को पत्र भेजने की बात कही है।
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सौंपे जवाब में कहा है कि जूनियर डॉक्टर डायरिया, गले में जकड़न, पीठ दर्द में भी अल्ट्रसाउंड की जांच लिख देते हैं। इसका इलाज ओपीडी में जांच के बाद दवाओं से मुमकिन है। बेवजह की जांच से मरीजों की कतार लगती है। अगर जरूरतमंद की जांच लिखें तो गंभीर मरीजों को आगे की तिथि देने की जरूरत न पड़े। कहा कि सेंटर पर रोजाना 70-80 जांच होती है, जबकि जांच के लिए डेढ़ सौ मरीज रेफर किए जाते हैं।
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शासनादेश के तहत एक मशीन पर सात अल्ट्रासाउंड, सात एक्सरे का आदेश है। इसके सापेक्ष दस गुना ज्यादा जांच की जा रही है। यूनिट में दो रेडियोलाजिस्ट हैं। अल्ट्रासाउंड जांच में समय और संयम की जरूरत होती है क्योंकि मरीज का इलाज, ऑपरेशन इसी जांच रिपोर्ट पर होते हैं। ब्यूरो
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रेडियोलॉजिस्ट का एक पद रिक्त, एक मशीन में तकनीकी दिक्कत
रेडियोलॉजी सीनियर कंसल्टेंट डॉ. राजकुमार के पत्र के अनुसार जिला अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट का एक पद रिक्त है। अल्ट्रासाउंड जांच की एक मशीन में तकनीकी दिक्कत है। उच्चाधिकारियों से रिक्त पद पर भर्ती और हाई रिजोल्यूशन की एक अल्ट्रासाउंड मशीन स्थापित कराने की मांग की है। एडी एसआईसी डॉ. अलका शर्मा ने जूनियर डॉक्टरों को मरीज के सघन परीक्षण के बाद ही जांच के लिए रेफर करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, शासन से एक अल्ट्रासाउंड मशीन और रिक्त पद पर तैनाती के लिए शासन को पत्र भेजने की बात कही है।