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तीन तलाक मुस्लिमों का बदनाम करने की साजिश: जिलानी

Mon, 01 May 2017 01:15 AM IST
बरेली। 
बरेली।  Updated Mon, 01 May 2017 01:15 AM IST
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Jihilani: Conspiracy to defame Muslims by making issue of three divorced
तीन तलाक मुस्लिमों का बदनाम करने की साजिश: जिलानी - फोटो : तीन तलाक मुस्लिमों का बदनाम करने की साजिश: जिलानी
मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सचिव एडवोकेट जफर याब जिलानी ने कहा कि तीन तलाक भाजपा का प्रोपगंडा है। यह मुसलमानों को बदनाम करने की साजिश है। इसे इस तरह पेश किया जा रहा है कि जैसे इसी से मुसलमानों की सारी समस्याएं दूर हो जाएंगी। जैसे मुसलमान निकाह और तलाक के सिवाए कुछ करता ही नहीं है। भाजपा और हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी मुस्लिम महिलाओं से हमदर्दी दिखाना चाहते हैं तो उन्हेेें अपने पैरों पर खड़ा करकेे आगे बढ़ाएं। मुस्लिम ही नहीं सभी समाज की तलाश शुदा महिलाओं को नौकरी दिए जाने को कानून बना दें। सामान आचार संहिता लागू करने के लिए मुसलमानों को हथियार बनाया जा रहा है। मुस्लिम बहनों की फिक्र करने वाले मथुरा, काशी और हरिद्वार में भीख मांग रही बहनों के बारे में भी सोचना चाहिए।
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वह फाईक इन्कलेब स्थित अमरिया फार्मेसी में जमात-ए- इस्लामी हिंद द्वारा चलाए मुस्लिम जागरूकता अभियान के कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि तीन तलाक को भाजपा ने सियासी लाभ लेने के लिए इस्तेमाल किया है। यह मुस्लिमों के लिए इतना बड़ा मुद्दा नहीं है। शरीयत की जानकारी न होने वाले कुछ मुसलमान तीन तलाक के नाम पर महिलाओं शोषण कर रहेेेेेे हैं। ऐसे लोगों का सामाजिक बहिष्कार करें। उनका हुक्का पानी बंद कर दें। ऐेसे लोगों के घरों में शादी में शामिल होने की जरूरत नहीं है। तलाक तो एक बार में हो सकती है। एक बार तलाक देने के बाद शौहर तीन महीने तक पत्नी से नहीं मिलेगा तो तलाक मान ली जाती है। उन्होंने कहा कि अदालतों के आंकड़े बताते हैं कि कुल तलाक और पारिवारिक झगड़ों के जो मसले चल रहे हैं, उनमें से बीस फीसदी ही मुसलमानों के हैं। बाकी 80 फीसदी मसले दूसरे समुदाय के लोगों के हैं। मुसलमानों से हमदर्दी ही दिखानी है तो उनकी शिक्षा और बेरोजगारी भी तो मुद्दा है, लेकिन भाजपा को यह सब नहीं करना है। भाजपा यह सब दूसरे समुदाय के लोगों को खुश करके वोट लेने के लिए कर रही है। उन्होंने कहा कि मस्जिदों में जुमे की नमाज के दौरान मुसलमानों को तलाक के बारे में बताया जाएगा। मदरसों और दरगाहों की मदद से भी तलाक के बारे बताने की कोशिश की जाएगी। कार्यक्रम से पहले इंजीनियर मोहम्मद सलीम ने उपजा प्रेस क्लब में पत्रकारों से बात करके कहा कि मुस्लिम पर्सनल लॉ में मुस्लिम महिलाओं की विरासत भी शामिल है, लेकिन भाजपा सिर्फ तीन तलाक के नाम पर बदनाम कर रही है। मुसलमानों को मैनेज करके टीवी चैनलों पर बहस कराई जाती है। जमात-ए- इस्लामी के प्रदेशाध्यक्ष डॉक्टर फरहत हुसैन, कमर आलम आदि ने विचार रखे। संचालन अहमद अजीज खान ने किया। इस मौके पर नवाब अय्यूब हसन खान, अतीक अहमद स्लाही, काजी जुबैर अहमद, शम्स बदायूंनी, जुबैर अहमद, डॉक्टर मुजाहिद खान आदि मौजूद रहे। 
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