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झारखंड के तस्कर समेत दो गिरफ्तार, तीन किलो अफीम बरामद
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बरेली। एसटीएफ ने झारखंड से लाई गई तीन किलो अफीम के साथ दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक तस्कर झारखंड और दूसरा बदायूं का है। अफीम को पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में सप्लाई किया जाना था।
रविवार को एसटीएफ की बरेली इकाई को सूचना मिली कि मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले गिरोह के कुछ लोग रामगंगा नदी के पास अखा मोड़ पर खड़े हैं। यहां अफीम की डीलिंग होनी है। बदायूं के एक युवक को अफीम दी जानी है। इंस्पेक्टर अजय यादव टीम समेत मौके पर पहुंच गए और दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए तस्करों में एक झारखंड के चतरा जिले का परतापुर थानाक्षेत्र का रहने वाला संजय पासवान व दूसरा बदायूं के वजीरगंज थानाक्षेत्र के ग्राम लहरालारपुर निवासी रामचंद्र है। इनके पास से तीन किलो अफीम और 82 हजार रुपये बरामद हुए। पूछताछ में संजय पासवान ने एसटीएफ को बताया कि वह आदिवासी संजय दास से अफीम मंगवाकर इसे बरेली, बदायूं और उत्तराखंड में सप्लाई करता है।
पासवान ने बताया कि इससे पहले भी वह अपने साथियों के जरिये बहेड़ी, फरीदपुर, आंवला, मीरगंज आदि क्षेत्रों में अफीम सप्लाई कर चुका है। बीती तीन अप्रैल को 13 किलो अफीम उसने खूबकरन को दी थी। उसे शाहजहांपुर में एसटीएफ ने पकड़ लिया था। इसके बाद 28 अप्रैल को वह खूबचरन की बेटी की शादी में यहां आया था। इसी दौरान बदायूं के रामचंद्र से अफीम का सौदा हो गया था। बतौर एडवांस वह दो लाख रुपये तब ले गया था। रविवार को वादे के मुताबिक वह अफीम सप्लाई करने आया था। पासवान ने यह भी बताया कि वह एक लाख रुपये किलो अफीम लेता है और 1.25 लाख रुपये के हिसाब से बेच देता है। रामचंद्र इस अफीम को अंबाला, दिल्ली और उत्तराखंड में सप्लाई करता। एसटीएफ ने दोनों तस्करों को नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरोमें दाखिल किया। जहां दोनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई।
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मोबाइल में नंबरों से खुलेंगे साथियों के नाम
एसटीएफ के इंस्पेक्टर अजय यादव ने बताया कि संजय पासवान व रामचंद्र के पास से मोबाइल बरामद हुए हैं। अफीम को ले जाने के लिए रामचंद्र किसी की मोटरसाइकिल मांगकर लाया था। उसे भी सीज कर दिया गया है। दोनों तस्करों के पास से मिले मोबाइल में कई लोगों के नंबर मिले हैं। इन नंबरों को ट्रेस करके पता लगाया जा रहा है कि कौन-कौन लोग यहां इस धंधे में शामिल हैं। पूर्व में संजय पासवान पटियाला में भी अफीम की तस्करी में पकड़ा जा चुका है।
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रविवार को एसटीएफ की बरेली इकाई को सूचना मिली कि मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले गिरोह के कुछ लोग रामगंगा नदी के पास अखा मोड़ पर खड़े हैं। यहां अफीम की डीलिंग होनी है। बदायूं के एक युवक को अफीम दी जानी है। इंस्पेक्टर अजय यादव टीम समेत मौके पर पहुंच गए और दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए तस्करों में एक झारखंड के चतरा जिले का परतापुर थानाक्षेत्र का रहने वाला संजय पासवान व दूसरा बदायूं के वजीरगंज थानाक्षेत्र के ग्राम लहरालारपुर निवासी रामचंद्र है। इनके पास से तीन किलो अफीम और 82 हजार रुपये बरामद हुए। पूछताछ में संजय पासवान ने एसटीएफ को बताया कि वह आदिवासी संजय दास से अफीम मंगवाकर इसे बरेली, बदायूं और उत्तराखंड में सप्लाई करता है।
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पासवान ने बताया कि इससे पहले भी वह अपने साथियों के जरिये बहेड़ी, फरीदपुर, आंवला, मीरगंज आदि क्षेत्रों में अफीम सप्लाई कर चुका है। बीती तीन अप्रैल को 13 किलो अफीम उसने खूबकरन को दी थी। उसे शाहजहांपुर में एसटीएफ ने पकड़ लिया था। इसके बाद 28 अप्रैल को वह खूबचरन की बेटी की शादी में यहां आया था। इसी दौरान बदायूं के रामचंद्र से अफीम का सौदा हो गया था। बतौर एडवांस वह दो लाख रुपये तब ले गया था। रविवार को वादे के मुताबिक वह अफीम सप्लाई करने आया था। पासवान ने यह भी बताया कि वह एक लाख रुपये किलो अफीम लेता है और 1.25 लाख रुपये के हिसाब से बेच देता है। रामचंद्र इस अफीम को अंबाला, दिल्ली और उत्तराखंड में सप्लाई करता। एसटीएफ ने दोनों तस्करों को नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरोमें दाखिल किया। जहां दोनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई।
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मोबाइल में नंबरों से खुलेंगे साथियों के नाम
एसटीएफ के इंस्पेक्टर अजय यादव ने बताया कि संजय पासवान व रामचंद्र के पास से मोबाइल बरामद हुए हैं। अफीम को ले जाने के लिए रामचंद्र किसी की मोटरसाइकिल मांगकर लाया था। उसे भी सीज कर दिया गया है। दोनों तस्करों के पास से मिले मोबाइल में कई लोगों के नंबर मिले हैं। इन नंबरों को ट्रेस करके पता लगाया जा रहा है कि कौन-कौन लोग यहां इस धंधे में शामिल हैं। पूर्व में संजय पासवान पटियाला में भी अफीम की तस्करी में पकड़ा जा चुका है।