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जमशेद ने हवाला की कमाई से खोला शानदार स्कूल
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जमशेद का स्कूल।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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लॉकडाउन की वजह से शुरू नहीं हो सका सत्र, राशिद रखता था मर्सडीज कार
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लॉकडाउन की वजह से घर पर ही थे नए रईस, अमर उजाला ने पहले ही किया था खुलासा
बरेली। हवाला के धंधे से लोग कम वक्त में ही रईस होकर मौज काट रहे थे, लेकिन कानपुर कांड के बाद पुलिस की तिरछी नजर का शिकार हो गए। सरगना जमशेद रसूखदारों की भूमिका में आ गया था। उसने हाल ही में स्कूल भी खोल लिया था, लेकिन लॉकडाउन की वजह से उसमें सत्र शुरू नहीं हो सका था।
नेपाल से हो रही टेरर फंडिग के मामले में अमर उजाला ने स्थानीय हवाला कारोबारियों की भूमिका का खुलासा किया था। इसके बाद ही ये पुलिस के निशाने पर आए थे, लेकिन पुलिस जब भी इन्हें पकड़ने के लिए दबिश की योजना बनाती, मुखबिरी के चलते ये बच निकलते थे। इस बार लॉकडाउन में इनमें से अधिकांश धंधेबाज घरों पर ही वक्त गुजार रहे थे और अब दोबारा धंधा जमाने की जुगत में थे।
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इस बीच जमशेद खान ने गांव के बाहरी हिस्से में शानदार स्कूल का निर्माण भी करा लिया था। मान्यता भी ले ली थी। वह इसी सत्र से पढ़ाई शुरू करने वाला था। शिक्षकों की भर्ती और बच्चों के एडमिशन भी कर लिए थे, लेकिन लॉकडाउन लागू हो जाने से स्कूल शुरू नहीं हो सका। जमशेद की गांव में आलीशान कोठी भी है। जमशेद की तरह उसके साथी राशिद के खर्चे भी हाईफाई थे। उसने मर्सडीज ले रखी थी। करीब पांच हजार की आबादी वाले धंतिया गांव में तीन सौ लोग इस धंधे से जुड़े बताए जा रहे हैं। इनमें से कुछ तो चंद साल पहले तक फटेहाल थे, लेकिन आज करोड़ों में खेल रहे हैं।
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इस तरह से चलाते हैं धंधा
जमशेद और उससे जुड़े लोगों का मुख्य काम नाइजीरियन ठगों तथा अन्य साइबर ठगों की काली कमाई को अपने खुलवाए खातों में मंगाकर उसे ठिकाने तक पहुंचाने का है। लोगों के रिश्तेदार बनकर, ओएलएक्स, पेटीएम पर लुभावने ऑफर देकर, टॉवर लगवाने, आकर्षक बीमा योजनाएं और गिफ्ट के बहाने ठगी के ऑनलाइन धंधे से भी यह लोग जुड़े बताए जा रहे हैं। ये ग्रामीणों की आईडी और फोटो लेकर भी अकाउंट खुलवाते हैं और उनके नाम से गोल्डन कार्ड बनवा लेते हैं, इससे एक बार में ही कई लाख रुपये की निकासी की जा सकती है। इस धंधे में बैंकों से जुड़े लोगों की भी भूमिका संदिग्ध है। एसएसपी ने कहा कि बैंक स्तर पर गड़बड़ी को भी चेक कराएंगे।
14 गैंगस्टर की संपत्ति होगी कुर्क, 121 और छांटे
एसएसपी ने बताया कि गैंगस्टर एक्ट में वांछित 14 आरोपियों की तीन करोड़ से ज्यादा की संपत्ति जब्त करने के लिए पुलिस ने कार्रवाई पूरी करके रिपोर्ट डीएम को भेज दी है। अब उन्हीं के स्तर से कुर्की की कार्रवाई की जानी है। साथ ही 121 और अपराधी तथा गैंगस्टर चिह्नित किए गए हैं। इन्होंने अवैध तरीकों से संपत्ति बनाई है। इनकी रिपोर्ट थानों से आ रही है, जल्दी ही पुलिस अपनी कार्रवाई पूरी करके जिला प्रशासन को रिपोर्ट भेज देगी।
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लॉकडाउन की वजह से घर पर ही थे नए रईस, अमर उजाला ने पहले ही किया था खुलासा बरेली। हवाला के धंधे से लोग कम वक्त में ही रईस होकर मौज काट रहे थे, लेकिन कानपुर कांड के बाद पुलिस की तिरछी नजर का शिकार हो गए। सरगना जमशेद रसूखदारों की भूमिका में आ गया था। उसने हाल ही में स्कूल भी खोल लिया था, लेकिन लॉकडाउन की वजह से उसमें सत्र शुरू नहीं हो सका था।
नेपाल से हो रही टेरर फंडिग के मामले में अमर उजाला ने स्थानीय हवाला कारोबारियों की भूमिका का खुलासा किया था। इसके बाद ही ये पुलिस के निशाने पर आए थे, लेकिन पुलिस जब भी इन्हें पकड़ने के लिए दबिश की योजना बनाती, मुखबिरी के चलते ये बच निकलते थे। इस बार लॉकडाउन में इनमें से अधिकांश धंधेबाज घरों पर ही वक्त गुजार रहे थे और अब दोबारा धंधा जमाने की जुगत में थे।
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इस बीच जमशेद खान ने गांव के बाहरी हिस्से में शानदार स्कूल का निर्माण भी करा लिया था। मान्यता भी ले ली थी। वह इसी सत्र से पढ़ाई शुरू करने वाला था। शिक्षकों की भर्ती और बच्चों के एडमिशन भी कर लिए थे, लेकिन लॉकडाउन लागू हो जाने से स्कूल शुरू नहीं हो सका। जमशेद की गांव में आलीशान कोठी भी है। जमशेद की तरह उसके साथी राशिद के खर्चे भी हाईफाई थे। उसने मर्सडीज ले रखी थी। करीब पांच हजार की आबादी वाले धंतिया गांव में तीन सौ लोग इस धंधे से जुड़े बताए जा रहे हैं। इनमें से कुछ तो चंद साल पहले तक फटेहाल थे, लेकिन आज करोड़ों में खेल रहे हैं।
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