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Bareilly News: फर्जी डिग्री बांटने के आरोपी जाफरी पिता-पुत्र सहित छह पर लगा गैंगस्टर
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बरेली। तीन सौ छात्रों को फर्जी डिग्री थमाकर उनसे करोड़ों रुपये की ठगी करने के आरोपी शेर अली जाफरी और उसके गुर्गों पर पुलिस ने शिकंजा कस दिया है। शेर अली को सरगना बनाकर उसके बेटे समेत छह लोगों पर गैंगस्टर की कार्रवाई की गई है। ऐसे में जमानत मिलने की स्थिति में भी गिरोह के सदस्यों पर दोबारा गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है।
शास्त्रीनगर निवासी शेर अली जाफरी, उसका बेटा फिरोज अली जाफरी, इनके गुर्गों अभयपुर भोजीपुरा निवासी जाकिर, मीरगंज निवासी तारिक अल्वी, सुभाषनगर के शांति विहार निवासी विजय शर्मा और सीबीगंज के स्लीपर रोड निवासी विश्वनाथ शर्मा पर सीबीगंज पुलिस ने गैंगस्टर की कार्रवाई की है। इन सभी ने मिलकर 300 छात्रों को फार्मा कोर्स की फर्जी डिग्री थमाई और उनसे फीस के रूप में करीब 3.70 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी कर ली थी।
सभी फर्जी डिग्री खुसरो अस्पताल के नीचे संचालित केएम क्लासेस कोचिंग सेंटर में बैठकर खुद विजय शर्मा ने बनाई थी। जब छात्रों ने अलग-अलग संस्थाओं में नौकरी के लिए आवेदन किया तो फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। पोल खुलने के बाद जाफरी ने खुसरो काॅलेज के मेडिकल ब्रांच के प्राचार्य विश्वनाथ शर्मा को आगे कर मामले का ठीकरा विजय शर्मा पर फोड़ने की कोशिश की थी।
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सीबीगंज पुलिस से सेटिंग कर उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया था। जब छात्रों ने एसएसपी दफ्तर पहुंचकर प्रदर्शन किया तो कप्तान अनुराग आर्य ने एसआईटी गठित कर दी। एसआईटी की सिफारिश पर खुसरो कॉलेज के एमडी शेर अली जाफरी, उसके बेटे फिरोज अली जाफरी, प्राचार्य विश्वनाथ शर्मा, लिपिक तारिक व जाकिर और मुन्नाभाई के रूप में काम कर रहे विजय शर्मा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई। आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। शेर अली जाफरी के मिनी बाइपास स्थित खुसरो अस्पताल को सील कर दिया गया था।
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अवैध संपत्ति की जांच शुरू, जाफरी ने प्रतिष्ठानों से हटवाए बोर्ड और बैनर
शेर अली जाफरी और विजय शर्मा ने छात्रों से ठगी कर करोड़ों रुपये संपत्ति में निवेश किए हैं। अब पूरे गिरोह की अवैध संपत्तियां खंगाली जा रहीं हैं। सूत्रों के मुताबिक, कई राज्यों और जिलों में शेर अली जाफरी की संपत्तियां हैं। उसकी अधिकतर संपत्ति खुसरो नाम से है। वह अपनी संपत्तियों पर खुसरो नाम से बोर्ड लगवा देता था। जेल में बंद जाफरी को गैंगस्टर की भनक पहले ही लग गई थी। इसलिए उसने अपने कुछ प्रतिष्ठानों से खुसरो ट्रस्ट के बोर्ड हटवा दिए हैं, ताकि उनकी पहचान न हो सके।
मामूली ड्राइवर विजय फर्जीवाड़े से बना करोड़पति, गुरु बचा
शांति विहार निवासी विजय शर्मा घरेलू सामान की बाइंडिंग करता था। बाद में विजय शर्मा खुर्जा निवासी पीके शर्मा के संपर्क में आ गया। उनके साथ रहते हुए फार्मा कोर्स की मान्यता दिलवाने का हुनर सीख लिया। वर्ष 2018 में नेचुरोपैथी का कोर्स कर लिया। इसके बाद 2019 में आस्था कंसल्टेंसी का रजिस्ट्रेशन करा लिया। कंसल्टेंसी के जरिये न्यू आला हजरत फार्मेसी काॅलेज देवरनियां, न्यू खुसरो फार्मेसी काॅलेज आंवला आदि संस्थानों को मान्यता दिलवाई। शेर अली जाफरी को मान्यता दिलवाकर करोड़ों रुपये कमाने का लालच दिया। डील तय होने के बाद खुसरो कॉलेज में छात्रों के एडमिशन लिए, लेकिन मान्यता नहीं मिल सकी। इसके बाद विजय ने खुद ही केएम क्लासेस में बैठकर फर्जी डिग्रियां तैयार कीं और जाफरी की मदद से छात्रों को वितरित कर दी। विजय शर्मा के गुरु पीके शर्मा का भी शुरू में केस में नाम आया था, हालांकि वह कार्रवाई से बच गया है। अमर उजाला ब्यूरो
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शेर अली जाफरी को सरगना घोषित कर उसके गिरोह पर गैंगस्टर की कार्रवाई की गई है। गिरोह की संपत्तियों की जांच कराई जा रही है। अवैध रूप से बनाई गई संपत्तियों को प्रशासन की मदद से जब्त किया जाएगा। - अनुराग आर्य, एसएसपी
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शास्त्रीनगर निवासी शेर अली जाफरी, उसका बेटा फिरोज अली जाफरी, इनके गुर्गों अभयपुर भोजीपुरा निवासी जाकिर, मीरगंज निवासी तारिक अल्वी, सुभाषनगर के शांति विहार निवासी विजय शर्मा और सीबीगंज के स्लीपर रोड निवासी विश्वनाथ शर्मा पर सीबीगंज पुलिस ने गैंगस्टर की कार्रवाई की है। इन सभी ने मिलकर 300 छात्रों को फार्मा कोर्स की फर्जी डिग्री थमाई और उनसे फीस के रूप में करीब 3.70 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी कर ली थी।
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सभी फर्जी डिग्री खुसरो अस्पताल के नीचे संचालित केएम क्लासेस कोचिंग सेंटर में बैठकर खुद विजय शर्मा ने बनाई थी। जब छात्रों ने अलग-अलग संस्थाओं में नौकरी के लिए आवेदन किया तो फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। पोल खुलने के बाद जाफरी ने खुसरो काॅलेज के मेडिकल ब्रांच के प्राचार्य विश्वनाथ शर्मा को आगे कर मामले का ठीकरा विजय शर्मा पर फोड़ने की कोशिश की थी।
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सीबीगंज पुलिस से सेटिंग कर उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया था। जब छात्रों ने एसएसपी दफ्तर पहुंचकर प्रदर्शन किया तो कप्तान अनुराग आर्य ने एसआईटी गठित कर दी। एसआईटी की सिफारिश पर खुसरो कॉलेज के एमडी शेर अली जाफरी, उसके बेटे फिरोज अली जाफरी, प्राचार्य विश्वनाथ शर्मा, लिपिक तारिक व जाकिर और मुन्नाभाई के रूप में काम कर रहे विजय शर्मा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई। आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। शेर अली जाफरी के मिनी बाइपास स्थित खुसरो अस्पताल को सील कर दिया गया था।
अवैध संपत्ति की जांच शुरू, जाफरी ने प्रतिष्ठानों से हटवाए बोर्ड और बैनर
शेर अली जाफरी और विजय शर्मा ने छात्रों से ठगी कर करोड़ों रुपये संपत्ति में निवेश किए हैं। अब पूरे गिरोह की अवैध संपत्तियां खंगाली जा रहीं हैं। सूत्रों के मुताबिक, कई राज्यों और जिलों में शेर अली जाफरी की संपत्तियां हैं। उसकी अधिकतर संपत्ति खुसरो नाम से है। वह अपनी संपत्तियों पर खुसरो नाम से बोर्ड लगवा देता था। जेल में बंद जाफरी को गैंगस्टर की भनक पहले ही लग गई थी। इसलिए उसने अपने कुछ प्रतिष्ठानों से खुसरो ट्रस्ट के बोर्ड हटवा दिए हैं, ताकि उनकी पहचान न हो सके।
मामूली ड्राइवर विजय फर्जीवाड़े से बना करोड़पति, गुरु बचा
शांति विहार निवासी विजय शर्मा घरेलू सामान की बाइंडिंग करता था। बाद में विजय शर्मा खुर्जा निवासी पीके शर्मा के संपर्क में आ गया। उनके साथ रहते हुए फार्मा कोर्स की मान्यता दिलवाने का हुनर सीख लिया। वर्ष 2018 में नेचुरोपैथी का कोर्स कर लिया। इसके बाद 2019 में आस्था कंसल्टेंसी का रजिस्ट्रेशन करा लिया। कंसल्टेंसी के जरिये न्यू आला हजरत फार्मेसी काॅलेज देवरनियां, न्यू खुसरो फार्मेसी काॅलेज आंवला आदि संस्थानों को मान्यता दिलवाई। शेर अली जाफरी को मान्यता दिलवाकर करोड़ों रुपये कमाने का लालच दिया। डील तय होने के बाद खुसरो कॉलेज में छात्रों के एडमिशन लिए, लेकिन मान्यता नहीं मिल सकी। इसके बाद विजय ने खुद ही केएम क्लासेस में बैठकर फर्जी डिग्रियां तैयार कीं और जाफरी की मदद से छात्रों को वितरित कर दी। विजय शर्मा के गुरु पीके शर्मा का भी शुरू में केस में नाम आया था, हालांकि वह कार्रवाई से बच गया है। अमर उजाला ब्यूरो
शेर अली जाफरी को सरगना घोषित कर उसके गिरोह पर गैंगस्टर की कार्रवाई की गई है। गिरोह की संपत्तियों की जांच कराई जा रही है। अवैध रूप से बनाई गई संपत्तियों को प्रशासन की मदद से जब्त किया जाएगा। - अनुराग आर्य, एसएसपी