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आईवीआरआई ने पशुपालकों को दीं देसी नस्ल की भेड़-बकरियां
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आईवीआरआई
- फोटो : आईवीआरआई
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बरेली। भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) मझगवां ब्लॉक के पशु पालकों को भेड़-बकरी की नस्ल सुधारने के लिए प्रशिक्षण दे रहा है। संस्थान के विशेषज्ञों का कहना है कि इस ब्लॉक में भेड़-बकरियों की संख्या सबसे ज्यादा है।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने बताया कि पशु पालकों को देसी नस्ल की 20 भेड़ दी गईं। इसके साथ देसी बकरियों की नस्ल को सुधारने के लिए पशु पालकों को दस बरबरी, जमुनापरी और पांच जखराना नस्ल के बकरे दिए गए। पशु पालकों को कंबल देकर सम्मानित भी किया गया। ये कंबल रुहेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. केपी सिंह, सीडीओ चंद्रमोहन गर्ग, विशेषज्ञ डॉ. रणवीर सिंह ने वितरित किए। इस अवसर पर इफ्को आंवला के उप महानिदेशक कार्मिक व प्रशासन डॉ. एके शुक्ला, अधिकारी एसोसिएशन के महामंत्री राम सिंह, बीडीओ डॉ. पुनीत पाठक सहित कई लोग मौजूद रहे। ब्यूरो
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कार्यक्रम में वक्ताओं ने बताया कि पशु पालकों को देसी नस्ल की 20 भेड़ दी गईं। इसके साथ देसी बकरियों की नस्ल को सुधारने के लिए पशु पालकों को दस बरबरी, जमुनापरी और पांच जखराना नस्ल के बकरे दिए गए। पशु पालकों को कंबल देकर सम्मानित भी किया गया। ये कंबल रुहेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. केपी सिंह, सीडीओ चंद्रमोहन गर्ग, विशेषज्ञ डॉ. रणवीर सिंह ने वितरित किए। इस अवसर पर इफ्को आंवला के उप महानिदेशक कार्मिक व प्रशासन डॉ. एके शुक्ला, अधिकारी एसोसिएशन के महामंत्री राम सिंह, बीडीओ डॉ. पुनीत पाठक सहित कई लोग मौजूद रहे। ब्यूरो
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