फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   islamiya management

लाखों के गोलमाल की पुष्टि, प्रबंधक पद से हटे ईसार अहमद

Wed, 17 Jul 2019 02:07 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 17 Jul 2019 02:07 AM IST
विज्ञापन
islamiya management
बरेली। स्पेशल ऑडिट रिपोर्ट में इस्लामिया कॉलेज में जमकर वित्तीय अनियमितता का खुलासा होने पर मंगलवार को डीआईओएस ने कार्रवाई की है। प्रबंधक ईसार अहमद को प्रबंध समिति से हटाकर उनके स्थान पर हसीन हुसैन को तैनाती दी है। साथ ही, ईसार अहमद के खिलाफ वित्तीय अनिमितता की वसूली और विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन

इस्लामिया इंटर कॉलेज मेें पिछले साल कराए गए निर्माण कार्यों में वित्तीय अनियमितता के आरोप लगे थे। जिस पर जांच बैठी, जिसके बाद प्राथमिक जांच रिपोर्ट पर भी सवालिया निशान लगने पर स्पेशल ऑडिट कराया गया। डीआईओएस डॉ. अचल कुमार मिश्र के मुताबिक ईसार अहमद ने सहायक अध्यापक मोहम्मद अली की तैनाती शासनादेश के विरूद्ध की। साथ ही, स्पेशल ऑडिट की रिपोर्ट में संचायिका निधि से कई बार परिसर में चार कक्ष निर्माण के लिए 9,41,648 रुपए निकाले। फिर विकास खाते से 8,26,538 रुपए रंगाई पुताई और निर्माण पर खर्च किया। इसके बाद सोसायटी से भी निर्माण के लिए 6 लाख रुपए निकाले। खर्च की गई रकम का हिसाब मांगा तो सभी रसीद व बिल बाउचर जांच में फर्जी पाए गए। निर्माण कार्य के लिए शासनादेश के तहत एस्टीमेट बनाकर टेंडर प्रक्रिया करनी थी, लेकिन इसका पालन नहीं हुआ। भुगतान में वित्तीय अनियमितता मिलने की जांच में पुष्टि हुई है। इसके अलावा हाईकोर्ट के आदेशों की अवहेलना पाई गई। जिसे मिलाकर 23,68,886 रुपए निर्माण पर खर्च किए गए। जिसमें से ईसार अहमद ने खुद निर्माण में करीब 17 लाख रुपये खर्च करने का जवाब दिया है। जिस पर कार्रवाई करते हुए उन्हें पद से हटाया गया है।
विज्ञापन


स्थायी व्यवस्था होने तक प्रबंधक रहेंगे हसीन
डीआईओएस के मुताबिक कार्रवाई के बाद प्रबंध समिति के शेष कार्यकाल या आगामी स्थायी व्यवस्था होने तक हसीन हुसैन को प्रबंधक पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, प्रबंध समिति के सदस्य शफीकुद्दीन ने डीआईओएस की ओर से की गई कार्रवाई को निराधार बताया है। उनका कहना है कि पूर्व में हुई सुपर ऑडिट रिपोर्ट में प्रबंधक ईसार अहमद को क्लीन चिट मिली है। दोषी प्रिंसिपल को माना गया है। क्योंकि संचायिका निधि का संचालन का अधिकार प्रिंसिपल के पास होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed