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Bareilly News: वीजल कंडक्टर की जगह लगाए लोहे के तार, गर्मी में बढ़ाएंगे परेशानी

Mon, 27 Mar 2023 01:42 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 27 Mar 2023 01:42 AM IST
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Iron wire instead of weasel conductor will increase the problem in summer
बरेली। जिले की बिजली व्यवस्था बदहाल है। सुधार के दावे तो खूब हुए पर उनको अमलीजामा नहीं पहनाया जा सका। लापरवाही का आलम यह है कि जिम्मेदारों ने विभिन्न फीडरों पर 82 किमी लोहे के तार (जीआई वायर) लगा रखे हैं। गर्मी शुरू होने से पहले न तो ओवरलोडिंग खत्म करने के प्रयास हुए, न ही इन तारों को बदला जा सका। अफसर सर्वेक्षण कराने और एस्टीमेट बनाने में व्यस्त रहे। अब जैसे-जैसे गर्मी बढ़ेगी, लोहे के तारों के टूटकर गिरने का सिलसिला शुरू हो जाएगा। इससे जिले के 1.5 लाख लोगों को तकलीफ झेलनी पड़ेगी।
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आमतौर पर बिजली लाइनों पर एल्युमिनियम के बने वीजल कंडक्टर लगे होते हैं। ये 11केवी का भार वहन करने के लिए उपयुक्त माने जाते हैं। इनकी अनुपलब्धता में अफसर जीआई वायर लगवाकर बिजली आपूर्ति बहाल करा देते हैं। नियमत: वीजल कंडक्टर मिलने पर लोहे के तार हटा दिए जाने चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। कहीं सौ तो कहीं दो सौ मीटर, कहीं-कहीं एक से दो किलोमीटर तक लोहे के तार पड़े हैं।
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अभियंता भी स्वीकार कर रहे हैं कि दस वर्ष के दौरान 20 से अधिक फीडरों पर लोहे के तार डालकर काम चलाया गया। मुख्यालय से वीजल कंडक्टर नहीं मिलने की वजह से लोहे के तार नहीं हटाए गए।
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कोट
रीवैंप योजना के तहत जर्जर लाइनों के तार, लोहे के तार बदले जाने हैं। सर्वे अंतिम दौर में है। काम पूरा होने पर बिजली व्यवस्था सुचारू हो जाएगी। - राजीव कुमार शर्मा, मुख्य अभियंता, मध्यांचल विद्युत वितरण निगम



नकटिया, रजपुरा माफी, रिठौरा फीडरों पर प्रभावित होती है आपूर्ति
जिले में भुता, नवाबगंज, फतेहगंज पश्चिमी के कई फीडरों में लोहे के तार पड़े हैं। नवाबगंज ग्रामीण क्षेत्र के चौखंडी, बरौर, अहमदाबाद, गुलरिया, चनुआ फीडरों में आएदिन आपूर्ति ठप हो जाती है। शहर से लगे इलाकों में इज्ज्तनगर के नकटिया व हवाई अड्डे के करीब स्थित रजपुरामाफी में भी यही स्थिति है। सेथल में पांच किलोमीटर लाइन लोहे के तार पर चल रही है। रिठौरा क्षेत्र के सहायक अभियंता विपुल शुक्ला का कहना है कि रीवैंप योजना में लोहे के तार हटाए जाने के लिए सर्वे हो चुका है। जून में तार बदले जाएंगे।
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