मात्र 35 पैसे में 10 लाख का बीमा: IRCTC पर टिकट बुक करते समय जरूर चुनें इंश्योरेंस का विकल्प; जानें अहमियत
बरेली से रोज करीब 1500 यात्री आरक्षित टिकट पर ट्रेनों में यात्रा करते हैं। इनमें से एक फीसदी लोग भी आईआरसीटीसी की इंश्योरेंस पॉलिसी नहीं लेते। कई यात्रियों को इसकी जानकारी तक नहीं है।
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ओडिशा के बालासोर ट्रेन हादसे के बाद इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कार्पोरेशन (आईआरसीटीसी) की इंश्योरेंस पॉलिसी चर्चा में है। महज 35 पैसे प्रीमियम के बदले आईआरसीटीसी यात्रा के दौरान दुर्घटना की स्थिति में यात्रियों को 10 लाख रुपये तक का इंश्योरेंस देता है। हैरत की बात है कि बरेली से यात्रा करने वाले 99 फीसदी लोग 35 पैसे खर्चने में भी कंजूसी करते हैं। सिर्फ एक फीसदी यात्री ही आईआरसीटीसी का ट्रैवल इंश्योरेंस कवर ले रहे हैं।
बरेली से रोज करीब 1500 यात्री आरक्षित टिकट पर ट्रेनों में यात्रा करते हैं। इनमें से एक फीसदी लोग भी आईआरसीटीसी की इंश्योरेंस पॉलिसी नहीं लेते। दरअसल, उनको इसकी जानकारी ही नहीं है। जिनको इसकी जानकारी है, वे भी इसे नजरअंदाज कर देते हैं। यह सुविधा एसी प्रथम से लेकर स्लीपर श्रेणी तक ऑनलाइन आरक्षण टिकट पर यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए है।
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जंक्शन के मुख्य वाणिज्य निरीक्षक राकेश सिंह ने बताया कि यह ऑनलाइन टिकट बुक कराने वाले यात्री की इच्छा पर निर्भर है। बालासोर हादसे के बाद इंश्योरेंस कवर के प्रति यात्रियों का रुझान बढ़ रहा है। इससे पहले तक इंश्योरेंस कवर लेने वाले यात्रियों की संख्या एक फीसदी भी नहीं थी।
काउंटर से आरक्षित टिकट लेने पर इंश्योरेंस की सुविधा नहीं
काउंटर से आरक्षित टिकट लेने वाले यात्रियों को आईआरसीटीसी की इस सुविधा का लाभ नहीं मिलता। जनरल टिकट पर भी इंश्योरेंस कवर का विकल्प नहीं होता। आईआरसीटीसी की इंश्योरेंस पॉलिसी रेलवे से अलग है।
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आईआरसीटीसी लखनऊ के सीआरएस अजीत सिन्हा ने बताया कि ऑनलाइन टिकट बुक करते समय ट्रैवल इंश्योरेंस का ऑप्शन आता है। इस विकल्प को चुनने पर मेल और मैसेज के जरिये यात्रियों से नॉमिनी समेत अन्य जानकारियां मांगी जाती हैं। जानकारियां भरने और 35 पैसे का भुगतान करने पर 10 लाख रुपये तक का इंश्योरेंस कवर मिलता है। ट्रैवल एजेंट से टिकट बुक कराने पर वह यात्री का मोबाइल नंबर या ई-मेल आईडी नहीं डालता। खुद भी टिकट बुक करते समय लोग इस विकल्प को नजरंदाज कर देते हैं।