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Bareilly News: फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र की जांच शुरू, निरस्त हो सकता है टेंडर
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बरेली। फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र पर भोजीपुरा-अगरास मार्ग का टेंडर लेने के मामले में मुख्य अभियंता ने जांच शुरू कराई। प्रारंभिक जांच में ही फर्जीवाड़े का खुलासा हो गया है। अब फर्म का टेंडर निरस्त हो सकता है। शिकायतकर्ता और आरोप में घिरी फर्म के संचालक का पक्ष सुना जाएगा। अनुभव प्रमाण जारी करने वाले सेतु निगम शाहजहांपुर के प्रोजेक्ट डायरेक्टर से भी आख्या मांगी गई है।
लोक निर्माण विभाग ने भोजीपुरा-अगरास मार्ग के 19.6 किमोमीटर हिस्से का चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण करने के लिए 27 करोड़ रुपये के काम का टेंडर आमंत्रित किया था। यह टेंडर स्टोन हाइट इंफ्रा के नाम निकला। फर्म ने जो अनुभव प्रमाण पत्र लगाया है, उसे फर्जी बताकर लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता और अधीक्षण अभियंता के पास शिकायत की गई थी। फर्म के संचालक उस्मान ने आरोपों को गलत ठहराया है। इस बीच मुख्य अभियंता संजय तिवारी ने बताया कि मामले की जांच करा रहे हैं। प्रमाणपत्र फर्जी है तो टेंडर निरस्त किया जाएगा।
ये है फर्जीवाड़ा
टेंडर लेने वाली फर्म ने एक करोड़ 45 लाख 10 हजार रुपये के काम के अनुभव को 14 करोड़ 51 लाख 10 दस हजार रुपये का दर्शा दिया। आरोप है कि फर्म ने सेतु निगम शाहजहांपुर में इतने रुपये का काम एक साथ कभी नहीं किया। मुख्य अभियंता की देखरेख में अधीक्षण अभियंता, दो अधिशासी अभियंताओं की कमेटी इसकी जांच कर रही है।
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लोक निर्माण मंत्री तक पहुंची शिकायत
लोक निर्माण विभाग के मंत्री तक मामला पहुंचा है। शिकायत को लेकर शासन तक पैरवी कर रहे एक ठेकेदार का कहना है कि जिस फर्म ने फर्जीवाड़ा किया है, उसके टेंडर को निरस्त किया जाना चाहिए। पूरे टेंडर को निरस्त करने का कोई मतलब नहीं है।
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लोक निर्माण विभाग ने भोजीपुरा-अगरास मार्ग के 19.6 किमोमीटर हिस्से का चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण करने के लिए 27 करोड़ रुपये के काम का टेंडर आमंत्रित किया था। यह टेंडर स्टोन हाइट इंफ्रा के नाम निकला। फर्म ने जो अनुभव प्रमाण पत्र लगाया है, उसे फर्जी बताकर लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता और अधीक्षण अभियंता के पास शिकायत की गई थी। फर्म के संचालक उस्मान ने आरोपों को गलत ठहराया है। इस बीच मुख्य अभियंता संजय तिवारी ने बताया कि मामले की जांच करा रहे हैं। प्रमाणपत्र फर्जी है तो टेंडर निरस्त किया जाएगा।
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ये है फर्जीवाड़ा
टेंडर लेने वाली फर्म ने एक करोड़ 45 लाख 10 हजार रुपये के काम के अनुभव को 14 करोड़ 51 लाख 10 दस हजार रुपये का दर्शा दिया। आरोप है कि फर्म ने सेतु निगम शाहजहांपुर में इतने रुपये का काम एक साथ कभी नहीं किया। मुख्य अभियंता की देखरेख में अधीक्षण अभियंता, दो अधिशासी अभियंताओं की कमेटी इसकी जांच कर रही है।
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लोक निर्माण मंत्री तक पहुंची शिकायत
लोक निर्माण विभाग के मंत्री तक मामला पहुंचा है। शिकायत को लेकर शासन तक पैरवी कर रहे एक ठेकेदार का कहना है कि जिस फर्म ने फर्जीवाड़ा किया है, उसके टेंडर को निरस्त किया जाना चाहिए। पूरे टेंडर को निरस्त करने का कोई मतलब नहीं है।