{"_id":"664be7561361dc31530d55a4","slug":"investigation-committee-will-come-to-badaun-for-inspection-bareilly-news-c-123-1-sbly1002-119050-2024-05-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Budaun News: पीडब्ल्यूडी में घोटाले की शिकायत पर शासन ने दिए जांच के आदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Budaun News: पीडब्ल्यूडी में घोटाले की शिकायत पर शासन ने दिए जांच के आदेश
Tue, 21 May 2024 05:44 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Published by: बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 21 May 2024 05:44 AM IST
विज्ञापन
बदायूं। सड़कों के निर्माण में घोटाले की शिकायत के बाद एक साल के भीतर बनाई गई एक करोड़ रुपये लागत से अधिक की सड़कें अब जांच के घेरे में आ गई हैं। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अधीक्षण अभियंता चंद्र प्रकाश दो अभियंताओं के दल के साथ आएंगे। सड़कों का निरीक्षण कर हकीकत जांचेंगे।
लोक निर्माण विभाग के बदायूं खंड के अधिशासी अभियंता से उन सड़कों की सूची तलब की है। जिनकी लागत एक करोड़ रुपये से अधिक है, जिनका 2023-24 में निर्माण कराया गया है। इसके लिए भुगतान भी किए गए हैं। निर्माण कार्य से अधिक भुगतान तो नहीं किया गया। जितना भुगतान हुआ है, उतना काम मौके पर है या नहीं है। कार्य की गुणवत्ता भी मानकों की कसौटी पर है कि नहीं। अधीक्षण अभियंता चंद्रप्रकाश ने जांच कमेटी के सदस्यों से समन्वय करके एक तिथि तय करने की वार्ता की है, लेकिन अभी तिथि घोषित नहीं हुई है। उनका कहना है कि इन पहलुओं पर जल्द ही जांच शुरू की जाएगी।
इसलिए हो रही है जांच
लोक निर्माण विभाग बदायूं खंड ने 2.15 करोड़ रुपये के डीजल की खरीद दिखाकर भुगतान निकाल लिया, लेकिन खरीद 20 लाख के डीजल की भी नहीं हुई। इसी तरह फर्जी मेजरमेंट बनाकर 15 करोड़ रुपये के भुगतान निकाले जाने का आरोप भी अधिशासी अभियंता पर है। सिविल लाइंस निवासी अरुण कुमार के नाम से शिकायत की गई। इस शिकायत की जांच के लिए एक जांच टीम शासन ने बनाई है।
विज्ञापन
प्रमुख अभियंता ग्रामीण सड़क अशोक कुमार की अध्यक्षता में बनी टीम में विकास प्राधिकरण के अभियंता उमाकांत सिंह और राज्य सेतु निगम के संयुक्त प्रबंध निदेशक रमाशंकर यादव शामिल हैं। यह जांच टीम दो दिन जांच कर चुकी है। जांच टीम के अध्यक्ष प्रमुख अभियंता ग्रामीण सड़क अशोक कुमार ने अब एक और जांच टीम का गठन किया है। इसके अध्यक्ष अधीक्षण अभियंता चंद्रप्रकाश हैं।
विज्ञापन
लोक निर्माण विभाग के बदायूं खंड के अधिशासी अभियंता से उन सड़कों की सूची तलब की है। जिनकी लागत एक करोड़ रुपये से अधिक है, जिनका 2023-24 में निर्माण कराया गया है। इसके लिए भुगतान भी किए गए हैं। निर्माण कार्य से अधिक भुगतान तो नहीं किया गया। जितना भुगतान हुआ है, उतना काम मौके पर है या नहीं है। कार्य की गुणवत्ता भी मानकों की कसौटी पर है कि नहीं। अधीक्षण अभियंता चंद्रप्रकाश ने जांच कमेटी के सदस्यों से समन्वय करके एक तिथि तय करने की वार्ता की है, लेकिन अभी तिथि घोषित नहीं हुई है। उनका कहना है कि इन पहलुओं पर जल्द ही जांच शुरू की जाएगी।
विज्ञापन
इसलिए हो रही है जांच
लोक निर्माण विभाग बदायूं खंड ने 2.15 करोड़ रुपये के डीजल की खरीद दिखाकर भुगतान निकाल लिया, लेकिन खरीद 20 लाख के डीजल की भी नहीं हुई। इसी तरह फर्जी मेजरमेंट बनाकर 15 करोड़ रुपये के भुगतान निकाले जाने का आरोप भी अधिशासी अभियंता पर है। सिविल लाइंस निवासी अरुण कुमार के नाम से शिकायत की गई। इस शिकायत की जांच के लिए एक जांच टीम शासन ने बनाई है।
विज्ञापन
प्रमुख अभियंता ग्रामीण सड़क अशोक कुमार की अध्यक्षता में बनी टीम में विकास प्राधिकरण के अभियंता उमाकांत सिंह और राज्य सेतु निगम के संयुक्त प्रबंध निदेशक रमाशंकर यादव शामिल हैं। यह जांच टीम दो दिन जांच कर चुकी है। जांच टीम के अध्यक्ष प्रमुख अभियंता ग्रामीण सड़क अशोक कुमार ने अब एक और जांच टीम का गठन किया है। इसके अध्यक्ष अधीक्षण अभियंता चंद्रप्रकाश हैं।