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Bareilly News: खरीद केंद्र प्रभारी को पकड़वाने वाले किसान के खिलाफ भी जांच शुरू
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जांच में अगर किसान व्यापारी निकला तो बढ़ जाएगी मुश्किल
बहेड़ी। धान खरीद केंद्र प्रभारी पर आरोप लगाकर एंटी करप्शन से रंगे हाथों पकड़वाने वाले किसान की जब प्रशासन ने जांच की तो वह किसान के बदले व्यापारी निकला। हालांकि इसकी पुष्टि के लिए जिलाधिकारी ने इस मामले में एक जांच कमेटी बनाई है।
24 नवंबर की शाम मंडी यार्ड में बने धान खरीद केंद्र के प्रभारी मनीष दुबे पर 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप लगाकर एंटी करप्शन टीम से रंगे हाथों पकड़वाने वाले ग्राम मलकपुर के किसान सुशील कुमार के खिलाफ भी जांच बैठ गई है।
प्रशासन की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सुशील कुमार के जमीन के रकबे में हिस्सेदारी 0. 5677 हेक्टेयर है। इसमें धान बिक्री की सत्यापित मात्रा दो क्विंटल 98 किलो ऑनलाइन पंजीकरण में दर्ज है। प्रशासन ने जब जांच की तो पंजीकरण में दर्ज जमीन का रकबा ठीक पाया गया। लेकिन, जब किसान सुशील कुमार केवल दो क्विंटल 98 किलो धान की बिक्री कर सकते हैं तो फिर वह मंडी में 80 से 100 क्विंटल के बीच धान लेकर कैसे पहुंच गए। प्रशासन द्वारा बनाए गए वीडियो में भी उन्होंने इस बात को कबूला है कि वह सत्यापित मात्र से ज्यादा धान लेकर मंडी में आए हैं।
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किसान जो धान लेकर आए थे। पंजीकरण में सत्यापित मात्रा से ज्यादा लेकर पहुंचे। अब कमेटी जांच करेगी।
- कमलेश कुमार, डिप्टी आरएमओ, बरेली
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बहेड़ी। धान खरीद केंद्र प्रभारी पर आरोप लगाकर एंटी करप्शन से रंगे हाथों पकड़वाने वाले किसान की जब प्रशासन ने जांच की तो वह किसान के बदले व्यापारी निकला। हालांकि इसकी पुष्टि के लिए जिलाधिकारी ने इस मामले में एक जांच कमेटी बनाई है।
24 नवंबर की शाम मंडी यार्ड में बने धान खरीद केंद्र के प्रभारी मनीष दुबे पर 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप लगाकर एंटी करप्शन टीम से रंगे हाथों पकड़वाने वाले ग्राम मलकपुर के किसान सुशील कुमार के खिलाफ भी जांच बैठ गई है।
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प्रशासन की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सुशील कुमार के जमीन के रकबे में हिस्सेदारी 0. 5677 हेक्टेयर है। इसमें धान बिक्री की सत्यापित मात्रा दो क्विंटल 98 किलो ऑनलाइन पंजीकरण में दर्ज है। प्रशासन ने जब जांच की तो पंजीकरण में दर्ज जमीन का रकबा ठीक पाया गया। लेकिन, जब किसान सुशील कुमार केवल दो क्विंटल 98 किलो धान की बिक्री कर सकते हैं तो फिर वह मंडी में 80 से 100 क्विंटल के बीच धान लेकर कैसे पहुंच गए। प्रशासन द्वारा बनाए गए वीडियो में भी उन्होंने इस बात को कबूला है कि वह सत्यापित मात्र से ज्यादा धान लेकर मंडी में आए हैं।
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किसान जो धान लेकर आए थे। पंजीकरण में सत्यापित मात्रा से ज्यादा लेकर पहुंचे। अब कमेटी जांच करेगी।
- कमलेश कुमार, डिप्टी आरएमओ, बरेली